पश्चिम बंगाल से राजस्थान के बीच दौड़ेगी नई सुपरफास्ट ट्रेन, पांच राज्यों के यात्रियों का सफर होगा आसान सांतरागाछी और जयपुर के खातीपुरा रेलवे स्टेशन के बीच 4 नवंबर से नियमित एक्सप्रेस ट्रेन सेवा शुरू हो रही है, जिससे पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के यात्रियों को सीधा रेल संपर्क मिलेगा। पूर्वी भारत और राजस्थान के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा करने वाले रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय रेल ने सांतरागाछी और जयपुर के निकट स्थित खातीपुरा के बीच एक नई साप्ताहिक सुपरफास्ट रेल सेवा के नियमित संचालन का विस्तृत खाका सामने रखा है। इस नई रेलगाड़ी के चलने से पांच राज्यों के दर्जनों औद्योगिक व ऐतिहासिक शहरों के बीच सीधा और सुविधाजनक सफर संभव हो सकेगा। इस ट्रेन सेवा को सोमवार के दिन केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर औपचारिक रूप से रवाना किया था। इसके बाद मंगलवार को प्रशासन ने इसके संचालन के दिन, समय सारिणी और ठहराव से जुड़े सभी विवरण सार्वजनिक कर दिए हैं। साप्ताहिक आधार पर तय किए गए संचालन के दिन नियमित समय सारिणी के मुताबिक यह ट्रेन दोनों दिशाओं से सप्ताह में केवल एक दिन अपनी सेवाएं देगी। पश्चिम बंगाल के हावड़ा क्षेत्र में स्थित सांतरागाछी स्टेशन से खातीपुरा की ओर प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 18061 का नियमित सफर 4 नवंबर से आरंभ होगा। यह गाड़ी हर बुधवार की दोपहर 14:15 बजे अपने प्रारंभिक स्टेशन से रवाना होगी और अगले दिन यानी गुरुवार की रात 23:00 बजे अपनी मंजिल खातीपुरा पहुंचेगी। वापसी दिशा में खातीपुरा से सांतरागाछी की यात्रा पूरी करने वाली गाड़ी संख्या 18062 अपनी नियमित सेवा 6 नवंबर से प्रारंभ करेगी। यह ट्रेन प्रत्येक शुक्रवार की सुबह 09:15 बजे खातीपुरा स्टेशन से रवाना होगी। विभिन्न राज्यों के प्रमुख पड़ावों से गुजरते हुए यह गाड़ी शनिवार की शाम 19:45 बजे सांतरागाछी जंक्शन पर अपनी यात्रा समाप्त करेगी। दोनों दिशाओं में यह ट्रेन करीब 33 से 34 घंटे का समय लेकर लंबी दूरी तय करेगी। डिब्बों की बनावट और आंतरिक सुविधाएं लंबी दूरी के मुसाफिरों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन में आधुनिक कोच संयोजन तैयार किया गया है। ट्रेन में कुल 22 डिब्बे जोड़े गए हैं, जिनमें वातानुकूलित, सामान्य और शयनयान श्रेणियों का संतुलन रखा गया है। वातानुकूलित वर्ग में यात्रा करने वाले मुसाफिरों के लिए फर्स्ट क्लास एसी का 1 डिब्बा, सेकेंड क्लास एसी के 2 डिब्बे, थर्ड क्लास एसी के 4 डिब्बे और थर्ड क्लास इकोनॉमी एसी के 2 डिब्बे उपलब्ध कराए गए हैं। मध्यम वर्ग और बजट यात्रियों के लिए ट्रेन में स्लीपर क्लास के 6 डिब्बे लगाए गए हैं, जबकि अनारक्षित यात्रा करने वाले यात्रियों की सहूलियत के लिए जनरल क्लास के 4 डिब्बे मौजूद रहेंगे। लंबी यात्रा के दौरान खानपान की जरूरतों को पूरा करने के लिए 1 पैंट्री कार की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा सामान और गार्ड संचालन के लिए 2 एसएलआर डिब्बे भी इस रेक में शामिल हैं। मार्ग में आने वाले प्रमुख रेलवे स्टेशन और पड़ाव यह नई ट्रेन अपने लंबे सफर में पांच राज्यों की सीमाओं को पार करेगी। पश्चिम बंगाल से शुरू होकर यह झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश से होते हुए राजस्थान में प्रवेश करेगी। सांतरागाछी से प्रस्थान के बाद यह ट्रेन खड़गपुर जंक्शन, टाटानगर जंक्शन, चांडिल, पुरुलिया, मुरी जंक्शन, रांची, लोहरदगा, टोरी, बरवाडीह, डाल्टनगंज और गढ़वा रोड जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी। बिहार में प्रवेश करने के बाद यह जपला, डेहरी ऑन सोन, सासाराम और भभुआ रोड स्टेशनों पर ठहराव करेगी। उत्तर प्रदेश में इसका संचालन पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, मिर्जापुर, प्रयागराज जंक्शन, फतेहपुर, कानपुर सेंट्रल, टूंडला जंक्शन और ईदगाह आगरा जंक्शन पर दर्ज किया गया है। इसके बाद राजस्थान की सीमा में प्रवेश करते ही यह खेड़ली, मंडावर महुवा रोड, बांदीकुई जंक्शन और दौसा जंक्शन से गुजरते हुए अंतिम गंतव्य खातीपुरा पहुंचेगी। दोनों दिशाओं का विस्तृत समय चक्र गाड़ी संख्या 18061 सांतरागाछी से चलकर शाम 15:50 बजे खड़गपुर, 17:37 बजे टाटानगर और रात 22:50 बजे रांची पहुंचेगी। इसके बाद देर रात 00:10 बजे लोहरदगा, सुबह 04:10 बजे गढ़वा रोड और 06:44 बजे सासाराम पहुंचेगी। दिन में 08:48 बजे पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, 11:25 बजे प्रयागराज, 14:00 बजे कानपुर सेंट्रल, 18:20 बजे ईदगाह आगरा, रात 21:40 बजे बांदीकुई और 22:03 बजे दौसा होते हुए रात 23:00 बजे खातीपुरा पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 18062 खातीपुरा से सुबह 09:15 बजे निकलकर 09:46 बजे दौसा, 10:28 बजे बांदीकुई, 12:45 बजे ईदगाह आगरा और दोपहर 14:05 बजे टूंडला पहुंचेगी। शाम 18:45 बजे कानपुर सेंट्रल, 21:25 बजे प्रयागराज और देर रात 00:43 बजे पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन पहुंचेगी। शनिवार की सुबह 06:00 बजे गढ़वा रोड, 10:45 बजे रांची, दोपहर 15:05 बजे टाटानगर और शाम 17:30 बजे खड़गपुर रुकते हुए शाम 19:45 बजे सांतरागाछी पहुंचेगी। इसका आप पर असर इस नई ट्रेन सेवा के शुरू होने से पूर्व और पश्चिम भारत के बीच सफर करने वाले दैनिक, व्यावसायिक और पारिवारिक यात्रियों को बिना ट्रेन बदले सीधा सफर करने की सुविधा मिलेगी। • सीधी यात्रा का लाभ: पांच बड़े राज्यों के बीच एक ही टिकट पर बिना ट्रेन बदले 34 घंटे का लंबा सफर पूरा किया जा सकेगा। इससे कनेक्टिंग ट्रेनों में छूटने वाले समय और अतिरिक्त खर्च की बचत होगी। • किफायती विकल्पों की मौजूदगी: ट्रेन में 6 स्लीपर और 4 जनरल डिब्बों के साथ-साथ थर्ड एसी इकोनॉमी कोच लगाए गए हैं। इससे बजट मुसाफिरों, छात्रों और छोटे व्यापारियों को कम किराए में लंबी दूरी तय करने का विकल्प मिलेगा। • व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा: टाटानगर, रांची और कानपुर जैसे बड़े व्यापारिक केंद्र सीधे आगरा और जयपुर के पर्यटन सर्किट से जुड़ेंगे। इससे हस्तशिल्प व्यापारियों और पर्यटकों दोनों के लिए आवागमन बेहद सुगम बन जाएगा। • आरक्षण की योजना: ट्रेन सप्ताह में सिर्फ एक दिन चलेगी, इसलिए लंबी दूरी के मुसाफिरों को अपनी यात्रा के लिए पहले से टिकट बुक करने की योजना बनानी होगी। 4 नवंबर और 6 नवंबर से नियमित बुकिंग उपलब्ध रहने की उम्मीद है। ऐसा क्यों हुआ पूर्वी भारत और राजस्थान के बीच बढ़ती यात्री भीड़ और सीधी रेल कनेक्टिविटी की पुरानी मांग को पूरा करने के लिए रेलवे प्रशासन ने इस मार्ग पर नियमित सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। • लंबे रूट पर सीधी कनेक्टिविटी का अभाव: हावड़ा और जयपुर रूट के बीच औद्योगिक और पर्यटन की दृष्टि से नियमित आवागमन रहता है, लेकिन कई मध्यवर्ती शहरों के बीच सीधी गाड़ियों की कमी महसूस की जा रही थी। इस सेवा से पांच राज्यों के मध्यवर्ती स्टेशन आपस में सीधे जुड़ गए हैं। • प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त लोड कम करना: हावड़ा और जयपुर जंक्शन जैसे मुख्य स्टेशनों पर भारी दबाव रहता है, इसलिए सांतरागाछी और खातीपुरा जैसे सैटेलाइट टर्मिनलों से इसका संचालन शुरू किया गया है ताकि मुख्य स्टेशनों पर भीड़ और कंजेशन को नियंत्रित किया जा सके। • आधिकारिक मंजूरी और औपचारिक शुभारंभ: सोमवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद परिचालन की सभी तकनीकी व ढांचागत मंजूरियों को अंतिम रूप देकर समय सारिणी जारी की गई। सवाल-जवाब 1. सांतरागाछी-खातीपुरा एक्सप्रेस का नियमित संचालन कब से शुरू होगा? ट्रेन नंबर 18061 सांतरागाछी से 4 नवंबर से प्रत्येक बुधवार और ट्रेन नंबर 18062 खातीपुरा से 6 नवंबर से प्रत्येक शुक्रवार को चलेगी। 2. इस ट्रेन में कुल कितने डिब्बे होंगे और कोच का संयोजन क्या है? इस ट्रेन में कुल 22 डिब्बे होंगे, जिनमें 1 फर्स्ट एसी, 2 सेकेंड एसी, 4 थर्ड एसी, 2 थर्ड एसी इकोनॉमी, 6 स्लीपर, 4 जनरल, 1 पैंट्री कार और 2 एसएलआर कोच शामिल हैं। 3. यह ट्रेन किन-किन राज्यों से होकर गुजरेगी? यह एक्सप्रेस ट्रेन पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से होकर गुजरेगी। 4. सांतरागाछी से खातीपुरा के बीच ट्रेन का प्रस्थान और आगमन समय क्या है? गाड़ी संख्या 18061 बुधवार को सांतरागाछी से दोपहर 14:15 बजे प्रस्थान करेगी और गुरुवार की रात 23:00 बजे खातीपुरा पहुंचेगी। 5. खातीपुरा से सांतरागाछी की वापसी का समय क्या निर्धारित किया गया है? गाड़ी संख्या 18062 शुक्रवार को खातीपुरा से सुबह 09:15 बजे रवाना होगी और शनिवार को शाम 19:45 बजे सांतरागाछी पहुंचेगी। 6. ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर किसने रवाना किया था? केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। https://trendkia.com/benefits/west-bengal-se-rajasthan-ke-bicha-dauregi-nai-suparaphasta-trena-pancha-rajyon-ke-yatriyon-ka-saphara-hoga-asana-52794 TrendKia — Har trend, sabse pehle.