छठ पर्व पर घर जाने वालों की परेशानी देख भावुक हुए खेसारी लाल यादव, केंद्र और राज्य से की खास मांग छठ पूजा के मौके पर प्रवासियों के लिए महंगे हवाई टिकट और ट्रेनों में भारी भीड़ के बीच खेसारी लाल यादव ने सरकारों से स्पेशल ट्रेनें चलाने की गुहार लगाई है। लोक आस्था के महापर्व छठ से ठीक पहले भोजपुरी कलाकार खेसारी लाल यादव ने परदेस में रहने वाले कामगारों और श्रद्धालुओं की यात्रा दिक्कतों को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो साझा करते हुए केंद्र सरकार, बिहार सरकार और भारतीय रेलवे से प्रवासियों की घर वापसी सुगम बनाने के लिए विशेष कदम उठाने की अपील की है। त्योहार के समय परिवहन के अत्यधिक महंगे होने और ट्रेनों में जगह न मिलने के कारण लाखों लोग अपने पैतृक गांव लौटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसी जमीनी हकीकत को सामने रखते हुए उन्होंने व्यवस्था से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। त्योहार की आस्था और परदेसियों की विवशता खेसारी लाल यादव ने श्रद्धालुओं के भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि छठ पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हर बिहारी की धड़कन और मातृ स्वरूप आस्था है। पूरे देश के अलग-अलग हिस्सों में रोजी-रोटी के सिलसिले में रहने वाले लोग साल भर इस पर्व का इंतजार करते हैं ताकि वे अपने परिवार, माता-पिता और मिट्टी के बीच पहुंच सकें। हालांकि, त्योहार नजदीक आते ही टिकटों की अनुपलब्धता एक बड़ी बाधा बन जाती है। नियमित ट्रेनों में लंबी प्रतीक्षा सूची होने के कारण साधारण परिवारों के लिए यात्रा लगभग असंभव साबित हो रही है। कलाकार ने बताया कि इस समय पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, कोलकाता, गुजरात और मुंबई जैसे बड़े औद्योगिक शहरों से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश लौटने वाले कामगार टिकट की भारी किल्लत झेल रहे हैं। कई यात्री हफ्तों पहले से सीट सुरक्षित करने की कोशिश करते हैं, लेकिन मांग अधिक होने की वजह से उन्हें कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता। इस परिस्थिति में घर पहुंचने की चाह रखने वाले लोग रेलवे स्टेशनों पर भटकने को मजबूर हो जाते हैं। हवाई किराए में भारी उछाल और आम आदमी की पहुंच रेल यात्रा के सीमित विकल्पों के बीच विमान सेवाओं की दरों का उल्लेख करते हुए खेसारी लाल यादव ने कहा कि प्रमुख शहरों से पटना और आसपास के हवाई अड्डों के लिए एक तरफ का किराया 35 हजार, 40 हजार और 50 हजार रुपये तक पहुंच चुका है। सामान्य मजदूरी या निजी नौकरी करने वाले व्यक्ति के लिए इतनी बड़ी राशि खर्च कर पाना पूरी तरह से नामुमकिन है। यह किराया आम कामगार की कई महीनों की कमाई के बराबर बैठता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे निजी विमानन कंपनियों के कारोबारी मॉडल पर कोई सवाल नहीं उठा रहे हैं, क्योंकि उनका संचालन विशुद्ध व्यापारिक नियमों पर निर्भर करता है। कंपनियों का अपना वाणिज्यिक ढांचा होता है और बाजार की मांग के आधार पर कीमतें घटती-बढ़ती हैं। ऐसे में निजी एयरलाइंस से रियायत की अपेक्षा करने के बजाय सरकारों को अपने सार्वजनिक परिवहन तंत्र को मजबूत कर नागरिकों को विकल्प उपलब्ध कराना चाहिए। प्रशासनिक समन्वय और स्पेशल ट्रेनों का प्रस्ताव खेसारी लाल यादव ने वर्तमान राजनीतिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज बिहार और केंद्र दोनों ही जगहों पर एक ही गठबंधन की सत्ता है। जब दोनों स्तरों पर समान शासन व्यवस्था मौजूद हो, तो रेलवे और राज्य प्रशासन के बीच नीतिगत समन्वय स्थापित करना कहीं अधिक सुगम हो जाता है। उन्होंने सरकारों को जनता का संरक्षक बताते हुए आग्रह किया कि नागरिकों की इस गंभीर समस्या पर तत्काल संज्ञान लिया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि देश के प्रत्येक प्रमुख राज्य, जहां प्रवासी आबादी अधिक है, वहां से बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के लिए नियमित अंतराल पर स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं। यदि पर्याप्त संख्या में विशेष रेलगाड़ियां चलाई जाती हैं, तो छठी मैया के प्रति श्रद्धा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए अपनी मां का आशीर्वाद लेने और परिवार से मिलने अपने गांव पहुंचना संभव हो सकेगा। उन्होंने प्रशासन से प्रवासियों की भावनाओं को समझने और बिहार के लोगों की सुविधा का ध्यान रखने की अपील की। इसका आप पर असर छठ पर्व पर घर लौटने वाले यात्रियों के लिए परिवहन की बढ़ती लागत और टिकटों की कमी सीधा आर्थिक और मानसिक दबाव बना रही है। • भारत में: दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों से पूर्वी भारत जाने वाली ट्रेनों में सीटें महीनों पहले भर चुकी हैं। इसके चलते अंतिम समय पर यात्रा की योजना बनाने वाले कामगारों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। • बिहार में: हवाई अड्डों पर फ्लाइट टिकटों के दाम 35 हजार से 50 हजार रुपये तक पहुंच गए हैं। आम परिवारों के लिए इस दर पर यात्रा करना असंभव होने के कारण लोग अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनों की घोषणा पर निर्भर हैं। • यात्रियों के लिए: त्योहार के समय निजी साधनों और बसों में भी मनमाना किराया वसूला जाने लगता है। यात्रियों को अधिकृत रेलवे पोर्टल से निरंतर स्पेशल ट्रेनों के शेड्यूल पर नजर रखनी चाहिए। • कामगारों के लिए: सीमित छुट्टियों और कन्फर्म टिकट न मिलने से कई प्रवासियों की नौकरी और वेतन प्रभावित होता है। यात्रा समय पर न हो पाने की स्थिति में लोग अपने प्रमुख पारिवारिक पर्व से वंचित रह जाते हैं। ऐसा क्यों हुआ छठ पर्व के दौरान लाखों प्रवासियों की एक साथ घर वापसी की मांग और सीमित परिवहन संसाधनों के बीच बड़ा असंतुलन पैदा होने से यह संकट खड़ा हुआ है। • मांग और आपूर्ति में भारी अंतर: देश के विभिन्न राज्यों में काम करने वाले बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के करोड़ों लोग एक ही समय पर अपने घर जाने के लिए यात्रा करते हैं। नियमित ट्रेनों की क्षमता इस भारी भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं होती। • डायनेमिक किराए और निजी एयरलाइंस: विमानन कंपनियां त्योहारी सीजन में बढ़ती मांग के अनुसार किराया बढ़ाती हैं, जिससे कीमतें 35 हजार से 50 हजार रुपये के स्तर पर पहुंच गईं। निजी क्षेत्र में मूल्य नियंत्रण न होने से टिकट सामान्य आय वर्ग के बजट से बाहर हो गए। • प्रशासनिक समन्वय की जरूरत: खेसारी लाल यादव ने रेखांकित किया कि केंद्र और बिहार दोनों में एक ही गठबंधन की सरकार होने के कारण रेलवे और राज्य प्रशासन मिलकर अतिरिक्त ट्रेनें आसानी से चला सकते हैं, जिसकी कमी वर्तमान में यात्रियों की परेशानी का कारण बन रही है। सवाल-जवाब 1. खेसारी लाल यादव ने किससे और क्या मांग की है? खेसारी लाल यादव ने केंद्र सरकार, बिहार सरकार और भारतीय रेलवे से छठ पर्व पर प्रवासियों के लिए हर राज्य से स्पेशल ट्रेनें चलाने की मांग की है। 2. खेसारी लाल यादव ने किन राज्यों में रहने वाले प्रवासियों की परेशानी का जिक्र किया? उन्होंने पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, कोलकाता, गुजरात और मुंबई जैसे राज्यों में रहने वाले बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों की टिकट संबंधी परेशानी बताई। 3. त्योहार के दौरान फ्लाइट टिकट के दाम कितने बताए गए हैं? उन्होंने बताया कि प्रमुख शहरों से त्योहार के दौरान फ्लाइट टिकट के दाम 35 हजार, 40 हजार और 50 हजार रुपये तक पहुंच गए हैं। 4. खेसारी लाल यादव ने सरकारों के तालमेल पर क्या तर्क दिया? उन्होंने कहा कि वर्तमान में केंद्र और बिहार दोनों जगह एक ही सरकार है, इसलिए रेलवे के साथ मिलकर स्पेशल ट्रेनें चलाना व्यवस्था के लिए आसान होगा। https://trendkia.com/bhojpuri/chhath-parva-para-ghara-jane-valon-ki-pareshani-dekha-bhavuka-hue-khesari-lal-yadav-kendra-aura-rajya-se-ki-khasa-manga-54015 TrendKia — Har trend, sabse pehle.