परिवार से दूरी पर भावुक हुए तेज प्रताप यादव, पिता लालू यादव से रिश्ते पर कही बड़ी बात भोजपुरी बवाल शो में तेज प्रताप यादव ने अपने पिता लालू यादव और परिवार से अलग रहने के दर्द पर खुलकर बात की है। भोजपुरी इंडस्ट्री के चर्चित रियलिटी शो भोजपुरी बवाल में पूर्व मंत्री और लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव अपने पारिवारिक रिश्तों को लेकर भावुक नजर आए। शो के दौरान जब उनसे घर और परिवार से अलग रहने की तकलीफ पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि जो भगवान ने भाग्य में लिखा है, वही होता है और इंसान विधाता के लिखे को बदल नहीं सकता। इस बातचीत का एक वीडियो इंटरनेट पर साझा किया गया है, जिसमें वे अपने पिता के प्रति गहरा जुड़ाव व्यक्त करते दिख रहे हैं। रियलिटी शो में पिता लालू यादव का जिक्र रियलिटी शो भोजपुरी बवाल इन दिनों दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है। इस शो में भोजपुरी सिनेमा के दिग्गज कलाकार जैसे आम्रपाली दुबे और पवन सिंह हिस्सा ले रहे हैं, जिनके साथ तेज प्रताप यादव भी मौजूद हैं। इंस्टाग्राम पर जियो हॉटस्टार द्वारा जारी की गई एक वीडियो क्लिप में एंकर शुभांकर मिश्रा और तेज प्रताप यादव के बीच बातचीत दिखाई गई है। बातचीत के दौरान जब शुभांकर मिश्रा ने कहा कि उनके व्यक्तित्व में उनके पिता लालू प्रसाद यादव की झलक दिखाई देती है और दोनों के बीच का रिश्ता बेहद गहरा दिखता है, तो तेज प्रताप ने अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि हर बेटा यही चाहता है कि वह अपने पिता की तरह बने और समाज में अपना नाम कमाए। घर से अलग रहने के दर्द पर तेज प्रताप का बयान बातचीत के दौरान जब तेज प्रताप यादव से सीधा सवाल किया गया कि क्या परिवार से दूर रहने पर उन्हें अंदर से तकलीफ महसूस होती है, तो वे बेहद भावुक हो गए। इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "विधाता ने जो लिखा, वो होगा, उसमें हम और आप कुछ नहीं कर सकते।" उन्होंने यह साफ किया कि जीवन में जो परिस्थितियां बनी हैं, उन्हें वे ईश्वर की इच्छा मानकर स्वीकार करते हैं और इसमें किसी का कोई वश नहीं चलता। सोशल मीडिया विवाद और परिवार से अलगाव का कारण तेज प्रताप यादव लंबे समय से अपने पिता लालू प्रसाद यादव और पूरे परिवार से अलग रह रहे हैं। इस दूरी की शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव से पहले हुई एक घटना से हुई थी। पिछले साल मई महीने में तेज प्रताप यादव के सोशल मीडिया अकाउंट से कुछ निजी संबंधों की तस्वीरें पोस्ट हो गई थीं। हालांकि बाद में उन तस्वीरों को हटा दिया गया था, लेकिन इस घटना ने राजनीतिक और पारिवारिक स्तर पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। लालू प्रसाद यादव और उनके पूरे परिवार ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया था। छह साल के लिए पार्टी से निष्कासन और नई राजनीतिक राह इस विवाद के सामने आने के बाद लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए बड़ा फैसला सुनाया था। उन्होंने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार दोनों से दूर किया जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि संगठन में अब उनकी कोई भूमिका नहीं रहेगी और उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। इस निर्णय के बाद तेज प्रताप यादव अपना अलग बंगला लेकर रहने लगे। इसके बाद उन्होंने बिहार की राजनीति में अपनी नई राह चुनते हुए जनशक्ति जनता दल नाम से एक नई पार्टी का गठन किया और विधानसभा चुनाव मैदान में उतरे। हालांकि इस चुनाव में उनकी पार्टी को सफलता नहीं मिली और वे खुद भी अपनी सीट से चुनाव हार गए। इसका आप पर असर पाठकों के लिए अर्थ: यह घटनाक्रम बिहार के प्रमुख राजनीतिक परिवारों की अंदरूनी खींचतान और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी उजागर होने के गंभीर सामाजिक व राजनीतिक परिणामों को दर्शाता है। सवाल-जवाब 1. तेज प्रताप यादव ने किस शो में अपने परिवार पर बात की? तेज प्रताप यादव ने रियलिटी शो भोजपुरी बवाल में एंकर शुभांकर मिश्रा से बातचीत के दौरान अपने परिवार से जुड़े सवालों पर जवाब दिए। 2. लालू प्रसाद यादव ने तेज प्रताप को परिवार और पार्टी से क्यों अलग किया था? पिछले साल मई में सोशल मीडिया अकाउंट से निजी संबंधों की तस्वीरें सामने आने के बाद उत्पन्न हुए विवाद के कारण लालू प्रसाद यादव ने उन्हें पार्टी और परिवार से दूर करने का फैसला लिया था। 3. तेज प्रताप यादव को कितने समय के लिए पार्टी से निकाला गया था? लालू प्रसाद यादव ने एक्स पर घोषणा करके तेज प्रताप यादव को 6 साल के लिए पार्टी से बाहर किया था। 4. परिवार से अलग होने के बाद तेज प्रताप यादव ने कौन सी पार्टी बनाई थी? परिवार से अलग होने के बाद तेज प्रताप यादव ने बिहार में जनशक्ति जनता दल नाम से अपनी नई पार्टी बनाई थी। https://trendkia.com/bhojpuri/parivara-se-duri-para-bhavuka-hue-tej-pratap-yadav-pita-lalu-yadav-se-rishte-para-kahi-bari-bata-15024 TrendKia — Har trend, sabse pehle.