पवन सिंह को कोर्ट में पेश न होने पर लगी फटकार, ज्योति सिंह ने सुप्रीम कोर्ट जाने की दी चेतावनी भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह के फैमिली कोर्ट में पेश न होने पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए उन पर तीन हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। वहीं, उनकी पत्नी ज्योति सिंह ने न्याय न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। भोजपुरी सिनेमा के मशहूर अभिनेता और गायक पवन सिंह एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। उनकी दूसरी पत्नी ज्योति सिंह के साथ चल रहे तलाक और गुजारा भत्ता के मामले में नया मोड़ आ गया है। फैमिली कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान पवन सिंह अदालत में उपस्थित नहीं हुए, जिस पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन पर तीन हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। इस मामले में लगातार उनकी गैरहाजिरी पर सवाल उठ रहे हैं। अदालत में पेश नहीं हुए पवन सिंह फैमिली कोर्ट में सुनवाई के इस अहम दिन ज्योति सिंह अपने वकीलों के साथ अदालत में समय पर पहुंच गईं और अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। हालांकि, पवन सिंह इस बार भी अदालत में पेश नहीं हुए। उनकी ओर से लगातार अदालत में पेश न होने पर नाराजगी जाहिर की गई। इससे पहले सितंबर के महीने में भी पवन सिंह के अधिवक्ताओं ने उनकी मां की खराब तबीयत का हवाला देते हुए अदालत से छूट मांगी थी और इस बार की सुनवाई में भी उनकी तरफ से मां के अस्वस्थ होने का कारण बताया गया। बार-बार पेशी से छूट मिलने और उनके खुद हाजिर न होने के कारण अदालत ने उन पर 3 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है और अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 नवंबर की तारीख मुकर्रर की गई है। ज्योति सिंह ने उठाए तीखे सवाल कोर्ट परिसर से बाहर आने के बाद ज्योति सिंह ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी और पवन सिंह पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनेता अदालत की प्रक्रिया का मजाक बना रहे हैं। उन्होंने अपनी सास की बीमारी का हवाला देकर अदालत में पेशी से छूट लिए जाने की बात पर सवाल खड़े किए और दावा किया कि उनकी सास अस्पताल से पहले ही डिस्चार्ज होकर घर आ चुकी थीं, इसके बावजूद मेडिकल ग्राउंड का सहारा लेकर पेशी से छूट हासिल की गई। ज्योति सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि वह आज भी पवन सिंह के साथ अपना वैवाहिक जीवन निभाना चाहती हैं और उनके साथ रहना चाहती हैं, लेकिन पिछले चार साल से चल रहे इस मानसिक तनाव और विवाद के कारण अब उनके सब्र का बांध टूटने लगा है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि उन्हें इस अदालत से उचित इंसाफ नहीं मिला, तो वह न्याय की गुहार लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी और शीर्ष अदालत तक जाएंगी। समझौते की अर्जी और आगे की प्रक्रिया इस पूरे कानूनी विवाद के बीच ज्योति सिंह के वकील ने मीडिया को जानकारी दी कि पवन सिंह के पक्ष से अदालत में एकमुश्त समझौते को लेकर एक अर्जी दाखिल की गई है। उनके मुताबिक, अभिनेता की तरफ से आपसी सुलह की बात कही जा रही है और मामले को सुलझाने की इच्छा जताई गई है, लेकिन समझौते की इस पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए यह जरूरी है कि पवन सिंह खुद व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हों। वकीलों और दोनों पक्षों के बीच चल रही बातचीत के बीच अब सभी की निगाहें 12 नवंबर को होने वाली आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह देखना होगा कि इस मामले में क्या नया मोड़ आता है और क्या दोनों पक्षों के बीच किसी प्रकार की सुलह की कोई राह निकल पाती है या कानूनी लड़ाई और आगे बढ़ती है। इसका आप पर असर पारिवारिक विवाद और कानूनी मामलों से जुड़े इस घटनाक्रम का सीधा असर सेलिब्रिटी मामलों पर नजर रखने वाले दर्शकों और दोनों पक्षों से जुड़े कानूनी घटनाक्रमों पर पड़ेगा। • भारत में: सार्वजनिक हस्तियों के पारिवारिक विवाद और अदालती पेशियों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया पर आम लोगों की बहस तेज हो जाती है। • फैमिली कोर्ट मामलों में: इस तरह के मामलों से अदालतों द्वारा पेशी से बचने वाले पक्षों पर लगाए जाने वाले जुर्माने और अगली सुनवाई की तारीखों पर असर पड़ता है। • कानूनी कार्रवाई: यदि मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचता है, तो यह उच्च न्यायालयों और शीर्ष अदालत में वैवाहिक विवादों के निपटारे की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। • भोजपुरी इंडस्ट्री में: इस तरह की कानूनी लड़ाइयों से कलाकारों की व्यक्तिगत छवि और उनके आगामी प्रोजेक्ट्स के प्रचार पर मनोवैज्ञानिक असर पड़ सकता है। • फैंस और दर्शकों पर: पवन सिंह के चाहने वाले और भोजपुरी सिनेमा के दर्शक सोशल मीडिया पर इन अपडेट्स को लेकर बंटे हुए नजर आते हैं। ऐसा क्यों हुआ यह कानूनी विवाद पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच पिछले चार वर्षों से चल रहे वैवाहिक मतभेदों और तलाक के मामलों के कारण उत्पन्न हुआ है। अदालत में पेश न होने की स्थिति में न्यायिक नियमों के तहत यह कार्रवाई की गई है। • वैवाहिक अनबन: दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से आपसी मनमुटाव और तलाक तथा गुजारा भत्ते को लेकर कानूनी मुकदमेबाजी चल रही है। • अदालत में अनुपस्थिति: अभिनेता द्वारा लगातार सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से उपस्थित न होने के कारण अदालत को आर्थिक जुर्माना लगाने का कदम उठाना पड़ा। • चिकित्सा कारण का हवाला: पवन सिंह के वकीलों द्वारा उनकी मां की खराब तबीयत का हवाला देकर पेशी से छूट मांगी गई थी, जिस पर पत्नी ने आपत्ति जताई। • समझौता और मध्यस्थता: दोनों पक्षों के बीच एकमुश्त समझौते को लेकर अर्जी दी गई है, जिसके लिए अभिनेता की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य बताई जा रही है। सवाल-जवाब 1. पवन सिंह और ज्योति सिंह के मामले में अदालत ने क्या कार्रवाई की है? अदालत ने पवन सिंह के अदालत में पेश न होने पर उन पर तीन हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। 2. इस मामले की अगली सुनवाई कब होगी? मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 नवंबर की तारीख तय की गई है। 3. ज्योति सिंह ने इंसाफ न मिलने पर क्या चेतावनी दी है? ज्योति सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह सुप्रीम कोर्ट जाएंगी। 4. पवन सिंह की अनुपस्थिति का क्या कारण बताया गया? उनकी तरफ से उनकी मां की खराब तबीयत और स्वास्थ्य का हवाला दिया गया था। 5. क्या दोनों के बीच किसी समझौते की बात चल रही है? हाँ, पवन सिंह की ओर से अदालत में एकमुश्त समझौते को लेकर एक अर्जी दी गई है। https://trendkia.com/bhojpuri/pavana-sinha-ko-court-men-pesha-na-hone-para-lagi-phatakara-jyoti-singh-ne-supreme-court-jane-ki-di-chetavani-53305 TrendKia — Har trend, sabse pehle.