बगहा में सड़क न होने से एंबुलेंस नहीं पहुंची, ट्रैक्टर पर ले जाई जा रही प्रसूता की रास्ते में मौत बिहार के बगहा में पक्की सड़क के अभाव में गर्भवती सुमन देवी को समय पर एंबुलेंस नहीं मिल सकी। ट्रैक्टर से अस्पताल ले जाते समय हरहा नदी में वाहन फंसने और देरी होने के कारण महिला की मौत हो गई। बिहार के बगहा के रामनगर इलाके से एक बार फिर लचर बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल तस्वीर सामने आई है। यहां पक्की सड़क और आवागमन के साधनों के अभाव में प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक युवा महिला की जान चली गई। समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिल पाने के कारण परिजनों को मजबूरन ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ा, लेकिन रास्ते में ही हालात बिगड़ गए और अस्पताल पहुंचने से पहले ही प्रसूता की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना ने स्थानीय स्तर पर सड़क निर्माण और स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों की पोल खोल दी है और क्षेत्र में गहरी चिंता का माहौल है। सड़क के अभाव में ट्रैक्टर से करना पड़ा सफर घटना बिहार के बगहा के रामनगर अंतर्गत गोबरहिया थाना क्षेत्र के सिंगड़हवा दोन गांव की है। यहां रहने वाले प्रकाश उरांव की 22 वर्षीय पुत्री सुमन देवी को रविवार शाम अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क न होने की वजह से पारंपरिक एंबुलेंस का गांव तक पहुंचना असंभव था। ऐसे में परिवार के लोगों ने गंभीर हालत को देखते हुए प्रसूता को किसी तरह हरनाटांड़ पीएचसी ले जाने का निर्णय लिया और एक ट्रैक्टर का इंतजाम किया ताकि उसे अस्पताल पहुंचाया जा सके। हरहा नदी में फंस गया ट्रैक्टर और थम गई सांसें अस्पताल की ओर बढ़ रहे ट्रैक्टर को रास्ते में बड़ी बाधा का सामना करना पड़ा जब वह हरहा नदी में जाकर फंस गया। नदी पार करने के दौरान वाहन के फंस जाने के कारण काफी समय बर्बाद हो गया और महिला को समय पर चिकित्सीय सहायता नहीं मिल सकी। अत्यधिक देरी और रास्ते में ही इलाज न मिलने के कारण सुमन देवी की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और अंततः उसने दम तोड़ दिया। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ग्रामीण इलाकों में परिवहन और बुनियादी ढांचे की कमी मरीजों के लिए कितनी जानलेवा साबित हो सकती है। ग्रामीणों को रोजाना उठानी पड़ती है गंभीर परेशानियां स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क मार्ग और सुगम स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी के कारण इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को आए दिन भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। विशेष तौर पर आपातकालीन परिस्थितियों में बीमार व्यक्तियों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाना किसी चुनौती से कम नहीं होता है। सिंगड़हवा दोन गांव की इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और बदहाल आवागमन व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष और निराशा का माहौल है। इसका आप पर असर यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क मार्ग के बुरे हाल को दर्शाती है। • भारत में: दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सड़क और एंबुलेंस सेवाओं की कमी के कारण आपात स्थिति में मरीजों को भारी जोखिम उठाना पड़ता है। • बगहा में: सिंगड़हवा दोन और आसपास के ग्रामीणों को सड़क न होने के कारण आपातकाल में अस्पताल पहुंचने के लिए गंभीर संघर्ष करना पड़ता है। सवाल-जवाब 1. यह घटना कहां घटी? यह घटना बिहार के बगहा के रामनगर अंतर्गत गोबरहिया थाना क्षेत्र के सिंगड़हवा दोन गांव में घटी। 2. प्रसूता का नाम और उम्र क्या थी? महिला का नाम सुमन देवी था और उनकी उम्र 22 वर्ष थी। 3. महिला को अस्पताल ले जाने के लिए ट्रैक्टर का उपयोग क्यों करना पड़ा? गांव तक पक्की सड़क न होने के कारण एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी, इसलिए परिजनों को ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ा। 4. अस्पताल पहुंचने में देरी का मुख्य कारण क्या था? रास्ते में हरहा नदी पार करते समय ट्रैक्टर फंस गया था, जिससे काफी देर तक महिला अस्पताल नहीं पहुंच सकी। https://trendkia.com/bihar/bagaha-mein-sadak-na-hone-se-ambulance-nahi-pahunchi-tractor-par-le-jaayi-ja-rahi-prasuta-ki-raste-mein-maut-15737 TrendKia — Har trend, sabse pehle.