बगहा में कलश यात्रा के दौरान हाईटेंशन तार की चपेट में आने से दो बच्चों की मौत, दर्जन भर से ज्यादा झुलसे बिहार के पश्चिम चंपारण में नवरात्रि के पहले दिन कलश यात्रा के दौरान 11 हजार वोल्ट के तार से करंट लगने पर दो बच्चों की जान चली गई और दर्जन भर से अधिक घायल हो गए। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में बगहा के रामनगर इलाके में नवरात्रि के पहले दिन एक अत्यंत पीड़ादायक दुर्घटना घटित हुई। खटौरी गांव के समीप दोन कैनाल पर जलभरी के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं के दल में शामिल दो मासूम बच्चों की 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार के संपर्क में आने से घटनास्थल पर ही जान चली गई। इसी वाहन पर सवार एक दर्जन से अधिक अन्य बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दोन कैनाल में जलभरी के दौरान हुआ हादसा भैरोगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ससराव गांव के स्थानीय निवासी मंदिर में नवरात्रि पर कलश स्थापना के पावन अवसर पर एक धार्मिक शोभायात्रा निकाल रहे थे। पवित्र अनुष्ठान के तहत जलभरी करने के लिए यह समूह दोन कैनाल की ओर रवाना हुआ था। रास्ते में एक ट्रॉली पर खड़ा बच्चा अपने हाथ में धार्मिक ध्वज लिए हुए था, जो अचानक ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन से छू गया। संपर्क होते ही भारी करंट पूरी ट्रॉली में फैल गया और वहां खड़े अन्य बच्चे भी इसकी सीधी चपेट में आ गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में घायलों का उपचार जारी करंट की तीव्रता के कारण दो बच्चों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। झुलसे हुए सभी अन्य बच्चों को आनन-फानन में रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सा दल उनकी स्थिति की निगरानी करते हुए इलाज कर रहा है। रामनगर एसडीपीओ सत्येंद्र राम ने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि इस हादसे में दो मासूमों की मौत हुई है और एक दर्जन से अधिक बच्चे झुलसे हैं, जिनका निरंतर उपचार चल रहा है। बिजली विभाग के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा इस हृदयविदारक घटना के बाद स्थानीय लोगों में बिजली वितरण व्यवस्था के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की घोर लापरवाही को इस हादसे का मुख्य कारण ठहराया है। उनका कहना है कि जिस मार्ग पर यह हादसा हुआ, वह दो गांवों को आपस में जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है। यहां 11 हजार वोल्ट की मुख्य लाइन बेहद नीचे लटक रही थी, जिसके बारे में पहले भी चिंताएं थीं। तार के अप्रत्याशित रूप से नीचे झूलने के कारण ही ध्वज उससे स्पर्श कर गया। नवरात्रि के पावन पर्व के प्रथम दिन हुए इस हादसे ने दोनों मृतक बच्चों के परिवारों सहित पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया है। इसका आप पर असर धार्मिक यात्राओं और सार्वजनिक जुलूसों में भाग लेने वाले ग्रामीणों और आयोजकों के लिए सुरक्षा मानकों की अनदेखी भारी जोखिम पैदा कर रही है। • बिहार में: ग्रामीण इलाकों में धार्मिक यात्राओं और शोभायात्राओं के दौरान ऊंचे झंडे या लाउडस्पीकर ले जाने वाले वाहनों को बिजली के तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सख्त जरूरत है। आयोजकों को यात्रा मार्ग पर लटकते तारों की पूर्व जांच करनी चाहिए ताकि ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके। • पश्चिम चंपारण में: खटौरी और ससराव गांवों के संपर्क मार्ग पर आवाजाही करने वाले स्थानीय निवासियों को लटकते तारों के प्रति सतर्क रहना होगा। ग्रामीणों द्वारा बिजली वितरण निगम से ढीले तारों को तुरंत ठीक कराने और सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की जा रही है। • परिवारों और अभिभावकों के लिए: ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे खुले वाहनों पर बच्चों को अकेले या बिना निगरानी के खड़े होने से रोकना अनिवार्य है। भारी भीड़ या बिजली लाइनों के नीचे चलने वाले वाहनों पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। • प्रशासनिक स्तर पर: स्थानीय प्रशासन और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को त्योहारों के दौरान आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा। दुर्घटना की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर प्राथमिक उपचार कराना जीवन रक्षक साबित हो सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह हादसा धार्मिक शोभायात्रा के दौरान उपयोग किए जा रहे ऊंचे ध्वज के अत्यधिक नीचे लटक रहे 11 हजार वोल्ट के बिजली के तार के संपर्क में आ जाने के कारण हुआ। • प्रत्यक्ष कारण: दोन कैनाल मार्ग पर चल रही ट्रॉली पर सवार एक बच्चे के हाथ में मौजूद झंडा ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से छू गया। इसके परिणामस्वरूप तीव्र करंट पूरी ट्रॉली में प्रवाहित हो गया और वहां मौजूद अन्य बच्चे इसकी चपेट में आ गए। • आधारभूत परिस्थितियां: ग्रामीणों के अनुसार, दो गांवों को जोड़ने वाले इस मुख्य मार्ग पर हाईटेंशन बिजली का तार तय मानकों से कहीं अधिक नीचे झूल रहा था। इस खतरनाक स्थिति की समय रहते मरम्मत न होने से ऊंचे वाहनों और झंडों के तार से टकराने का गंभीर जोखिम पहले से बना हुआ था। • प्रशासनिक लापरवाही के आरोप: स्थानीय लोगों ने स्पष्ट तौर पर बिजली विभाग की अनदेखी को जिम्मेदार ठहराया है, क्योंकि सार्वजनिक आवागमन वाले रास्ते पर खतरनाक तारों की सुरक्षा निगरानी का अभाव था। मामले में आगे की प्रशासनिक जांच और विभागीय जवाबदेही तय होना शेष है। सवाल-जवाब 1. यह दुर्घटना किस स्थान पर हुई? यह दुर्घटना बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा स्थित रामनगर इलाके में खटौरी गांव के पास दोन कैनाल मार्ग पर हुई। 2. हादसे में कुल कितने लोग हताहत हुए? हादसे में दो बच्चों की जान चली गई, जबकि एक दर्जन से अधिक बच्चे झुलसकर घायल हो गए। 3. बच्चे किस धार्मिक अनुष्ठान के लिए जा रहे थे? भैरोगंज थाना क्षेत्र के ससराव गांव के श्रद्धालु नवरात्रि के पहले दिन मंदिर में कलश स्थापना के लिए दोन कैनाल में जलभरी करने जा रहे थे। 4. करंट लगने की मुख्य वजह क्या थी? ट्रॉली पर खड़े एक बच्चे का झंडा ऊपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन बिजली के तार से छू गया था। 5. घायल बच्चों को इलाज के लिए कहां भर्ती कराया गया है? घायल बच्चों को प्राथमिक और आपातकालीन उपचार के लिए रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। 6. स्थानीय ग्रामीणों ने दुर्घटना के लिए किसे जिम्मेदार बताया? ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया कि दो गांवों को जोड़ने वाले रास्ते पर 11 हजार वोल्ट का तार काफी नीचे लटक रहा था। https://trendkia.com/bihar/bagaha-men-kalasha-yatra-ke-daurana-haitenshana-tara-ki-chapeta-men-ane-se-do-bachchon-ki-mauta-darjana-bhara-se-jyada-jhulase-46463 TrendKia — Har trend, sabse pehle.