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  "type": "article",
  "title": "बहराइच के किसानों के लिए आई बैटरी से चलने वाली पावर वीडर, निराई के साथ मिट्टी चढ़ाने का खर्च घटेगा",
  "summary": "सब्जी और कतारबद्ध फसलों में निराई-गुड़ाई और मिट्टी चढ़ाने को आसान बनाने के लिए बैटरी चालित पावर वीडर पेश किया गया है, जिस पर सब्सिडी के जरिए 10,000 रुपये की छूट मिल रही है।",
  "content": "खेती की बढ़ती लागत और मजदूरों की किल्लत के बीच उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के किसानों के लिए आधुनिक कृषि यंत्र मददगार साबित हो रहे हैं। बिहार के भागलपुर की एक कृषि तकनीक फर्म ने खासतौर पर छोटे और सीमांत जोत वाले किसानों को ध्यान में रखकर एक मैनुअल बैटरी ऑपरेटेड पावर वीडर पेश किया है। कतारबद्ध बुवाई और सब्जी की खेती करने वाले काश्तकारों के लिए यह यंत्र निराई, गुड़ाई और पौधों पर मिट्टी चढ़ाने जैसे थकाऊ कामों को बेहद सरल बना देता है।\n\nपावर वीडर के तकनीकी फीचर्स और क्षमता\nइस आधुनिक कृषि उपकरण को दो अलग-अलग पावर वेरिएंट 26 वोल्ट और 48 वोल्ट में तैयार किया गया है। 48 वोल्ट वाले मॉडल में 12 एम्पियर की बैटरी लगाई गई है, जो लगातार कार्य करने में सक्षम है। कृषि फर्म के प्रतिनिधि प्रज्ञांशु शुक्ला ने बताया कि इस मशीन की सिंगल बैटरी एक बार चार्ज होने पर डेढ़ से दो घंटे तक काम करती है। यदि किसान दो बैटरियों का सेट रखते हैं, तो एक को चार्ज पर लगाकर दूसरी से काम करते हुए पूरे दिन मशीन चलाई जा सकती है।\n\nरोटावेटर और रीजर से दोहरा काम\nफसलों की दूरी के अनुसार मशीन में अटैचमेंट बदलने की सुविधा दी गई है। कम दूरी वाली कतारों की निराई और गुड़ाई के लिए इसमें 7 इंच का रोटावेटर फिट किया जाता है। वहीं 8 इंच से लेकर 20 इंच या 2 फीट के फासले पर लगी फसलों के लिए 18 इंच का रोटावेटर इस्तेमाल होता है। इस मशीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके अगले हिस्से में रोटावेटर लगाकर खरपतवार की सफाई होती रहती है और पिछले हिस्से में रीजर अटैचमेंट जोड़कर पौधों की जड़ों पर मिट्टी चढ़ाने की प्रक्रिया भी एक साथ पूरी हो जाती है।\n\nमजदूरी में बचत और प्रति एकड़ लाभ\nपारंपरिक खेती में मक्का या मौसमी सब्जियों में मजदूरों की मदद से निराई, गुड़ाई और मिट्टी चढ़ाने पर प्रति एकड़ लगभग 4,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक खर्च हो जाते हैं। इस बैटरी चालित वीडर के इस्तेमाल से किसान प्रति एकड़ सीधे तौर पर 3,000 रुपये से 3,500 रुपये की शुद्ध बचत कर सकते हैं। यह मशीन महज एक से दो दिनों के भीतर पूरे एक एकड़ खेत की निराई और मिट्टी चढ़ाने का काम आसानी से पूरा कर देती है, जिससे समय की भी बचत होती है।\n\nसब्सिडी और खरीदारी का तरीका\nखुले बाजार में इस बैटरी पावर वीडर की सामान्य कीमत लगभग 55,000 रुपये तय की गई है। हालांकि, डीसीएल ट्रस्ट कम्युनिटी लाइवलीहुड और उद्यमी महिला एफपीओ के सहयोग से किसानों को इस पर विशेष छूट का लाभ मिल रहा है। इस व्यवस्था के तहत डबल बैटरी वाला पूरा सेट किसानों को 45,000 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। खरीद और जानकारी के लिए टीसीएल संस्था से संपर्क किया जा सकता है या कंपनी प्रतिनिधि प्रज्ञांशु शुक्ला से मोबाइल नंबर 8052961935 पर सीधा संपर्क साधा जा सकता है।\n\nइसका आप पर असर\nयह नई बैटरी पावर वीडर मशीन किसानों की मजदूरी लागत को घटाकर निराई और मिट्टी चढ़ाने के काम को काफी तेज कर देती है।\n\n• भारत में: लाइन में बोई जाने वाली मक्का और सब्जी जैसी फसलों में इस मशीन से प्रति एकड़ 3,000 से 3,500 रुपये तक की सीधी बचत संभव है। इससे छोटे किसान महंगे मजदूरों पर निर्भर रहे बिना महज 1 से 2 दिनों में एक एकड़ खेत की निराई-गुड़ाई पूरी कर सकते हैं।\n• बहराइच में: स्थानीय किसान डीसीएल ट्रस्ट और उद्यमी महिला एफपीओ के जरिए 10,000 रुपये की छूट पर यह उपकरण खरीद सकते हैं। इच्छुक काश्तकार सीधे मोबाइल नंबर 8052961935 पर संपर्क कर रियायती दर पर 45,000 रुपये में दो बैटरियों वाला सेट हासिल कर सकते हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nखेती में मजदूरों की कमी और बढ़ते पारिश्रमिक के कारण छोटे किसानों की निराई-गुड़ाई की लागत लगातार बढ़ रही थी, जिसे दूर करने के लिए यह नवोन्मेष तैयार किया गया है।\n\n• मजदूरी की भारी लागत: पारंपरिक तरीके से मक्का और सब्जियों में निराई तथा मिट्टी चढ़ाने में प्रति एकड़ 4,000 से 5,000 रुपये खर्च होते थे, जिससे किसानों का मुनाफा घट रहा था।\n• कृषि नवाचार की पहल: बिहार के भागलपुर की कृषि तकनीक फर्म ने कतारबद्ध खेती करने वाले छोटे और सीमांत किसानों के श्रम और समय को बचाने के लिए यह पोर्टेबल बैटरी मॉडल विकसित किया।\n• संस्थागत छूट का समर्थन: मशीन को किसानों की पहुंच में लाने के लिए डीसीएल ट्रस्ट और महिला एफपीओ ने वित्तीय सहयोग प्रदान कर 10,000 रुपये की छूट उपलब्ध कराई है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यह बैटरी पावर वीडर किन फसलों के लिए सबसे ज्यादा मुफीद है?\nयह उपकरण सब्जी की खेती, मक्के और कतारबद्ध बोई जाने वाली फसलों की निराई-गुड़ाई और मिट्टी चढ़ाने के लिए बेहद उपयोगी है।\n\n2. इस मशीन के साथ कितने साइज के रोटावेटर उपलब्ध हैं?\nइसमें कम दूरी वाली फसलों के लिए 7 इंच और 8 इंच से लेकर 20 इंच या 2 फीट तक की दूरी वाली फसलों के लिए 18 इंच का रोटावेटर उपलब्ध है।\n\n3. मशीन की बैटरी एक बार चार्ज होने पर कितनी देर चलती है?\n48 वोल्ट और 12 एम्पियर की सिंगल बैटरी से यह लगातार डेढ़ से दो घंटे चलती है, जबकि डबल बैटरी के उपयोग से दिनभर काम किया जा सकता है।\n\n4. सब्सिडी के बाद किसानों को यह मशीन कितने रुपये में मिलेगी?\nबाजार में इसकी कीमत लगभग 55,000 रुपये है, लेकिन सब्सिडी के जरिए किसान इसे डबल बैटरी के साथ 45,000 रुपये में ले सकते हैं।\n\n5. मशीन की जानकारी या खरीद के लिए किससे संपर्क करना होगा?\nकिसान टीसीएल संस्था से या कंपनी प्रतिनिधि प्रज्ञांशु शुक्ला से मोबाइल नंबर 8052961935 पर संपर्क कर सकते हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/bihar/bahraich-ke-kisanon-ke-lie-ai-baitari-se-chalane-vali-pavara-vidara-nirai-ke-satha-mitti-charhane-ka-kharcha-ghatega-41103",
  "category": "बिहार",
  "publishedAt": "2026-10-01",
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