भरत तिवारी एनकाउंटर: सभापति नारायण सिंह ने परिजनों से की मुलाकात, हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे स्वतंत्र जांच भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों से मिलने बिहार विधान परिषद के सभापति नारायण सिंह पहुंचे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज से स्वतंत्र न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। नारायण सिंह पहुंचे बिलौटी गांव, परिवार से ली पूरी जानकारी बिहार विधान परिषद के सभापति नारायण सिंह भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित बिलौटी गांव पहुंचे, जहां 17 जून को हुए पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की जान गई थी। उन्होंने मृतक के परिवार के सदस्यों से आमने-सामने बैठकर बात की, उन्हें सांत्वना दी और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। न्यायिक जांच का आदेश, सीबीआई मांग पर क्या बोले सभापति इस मौके पर नारायण सिंह ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है। बिहार के मुख्यमंत्री ने इस मामले में न्यायिक जांच कराने का आदेश दे दिया है और यह जांच एक रिटायर्ड न्यायाधीश के जरिए कराई जाएगी। परिजनों ने इस घटना की जांच सीबीआई से कराने की मांग रखी, लेकिन सभापति ने स्पष्ट किया कि अब यह मामला न्यायिक जांच के दायरे में आ चुका है। हालांकि उन्होंने परिवार को यह भरोसा भी दिलाया कि उनकी ओर से उठाई गई हर बात को मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा। वायरल वीडियो ने उठाए पुलिस की कहानी पर सवाल 17 जून के इस एनकाउंटर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि भरत तिवारी ने खुद अपना हथियार फेंक दिया था, फिर भी पुलिस ने उन पर गोली चलाई। जैसे ही यह दावा सामने आया, विपक्षी दलों के साथ-साथ सत्ताधारी एनडीए गठबंधन के कई बड़े नेताओं ने भी पुलिस की इस थ्योरी पर खुलकर सवाल उठाए। विरोध बढ़ता देख मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद अपने सोशल मीडिया हैंडल पर आए और हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज से स्वतंत्र जांच कराने का आधिकारिक एलान किया। शाहपुर पुलिस में हड़कंप, सभी की नजरें जांच के नतीजे पर सभापति की इस मुलाकात और मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद शाहपुर पुलिस महकमे के भीतर खलबली मची हुई है। पुलिस अभी भी इसे एक सामान्य मुठभेड़ करार दे रही है, जबकि मृतक के परिजन और कई सामाजिक एवं राजनीतिक संगठन निष्पक्ष जांच की मांग पर अडिग हैं। न्यायिक जांच की प्रक्रिया में क्या तथ्य उजागर होते हैं, इस पर अब हर किसी की नजर टिकी हुई है। इसका आप पर असर • भारत में: इस एनकाउंटर पर उठे सवाल और न्यायिक जांच के आदेश से पूरे देश में पुलिस कार्रवाइयों में जवाबदेही और पारदर्शिता की बहस एक बार फिर तेज हो सकती है। • भोजपुर में: स्थानीय लोगों और भरत तिवारी के परिजनों के लिए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की स्वतंत्र जांच से सच सामने आने की उम्मीद जगी है, हालांकि उनकी सीबीआई जांच की मांग अभी भी अनसुलझी है। सवाल-जवाब 1. भरत तिवारी एनकाउंटर कब और कहां हुआ? यह एनकाउंटर 17 जून को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुआ। 2. विधान परिषद सभापति नारायण सिंह ने परिजनों को क्या भरोसा दिलाया? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं और परिवार की ओर से उठाई गई सभी बातें मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएंगी। 3. इस एनकाउंटर की जांच कौन करेगा? जांच हाई कोर्ट के एक रिटायर्ड न्यायाधीश द्वारा कराई जाएगी। 4. परिजनों की क्या मांग है और उस पर क्या जवाब मिला? परिजन सीबीआई जांच चाहते हैं, लेकिन सभापति ने बताया कि मामला अब न्यायिक जांच के दायरे में आ गया है। 5. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में क्या दावा किया जा रहा है? वीडियो में दावा है कि भरत तिवारी ने हथियार फेंक दिया था, फिर भी पुलिस ने गोली चलाई। 6. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले में क्या कदम उठाया? उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज से स्वतंत्र जांच कराने का आधिकारिक एलान किया। 7. क्या एनडीए के नेताओं ने भी पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठाए? हां, विपक्षी दलों के साथ-साथ एनडीए गठबंधन के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी पुलिस की कहानी पर उंगली उठाई। 8. इस एनकाउंटर के बाद शाहपुर पुलिस की क्या स्थिति है? सभापति की मुलाकात और मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद शाहपुर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। https://trendkia.com/bihar/bharat-tiwari-enakauntara-sabhapati-narayan-singh-ne-parijanon-se-ki-mulakata-high-court-ke-ritayarda-jaja-karenge-svatntra-jancha-2181 TrendKia — Har trend, sabse pehle.