भारत और पाकिस्तान सीजफायर के 2 घंटों का सच सामने आया, पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने बताया 10 मई का पूरा घटनाक्रम 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दोपहर 3 से शाम 5 बजे के बीच पाकिस्तान द्वारा की गई सीजफायर की पहल और अमेरिकी दावों के पीछे का पूरा सच पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान के विवरण से स्पष्ट हो गया है। ऑपरेशन सिंदूर के चार दिनों तक चले तीव्र सैन्य घटनाक्रम के बाद 10 मई 2025 की दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे के बीच का समय भारत और पाकिस्तान के कूटनीतिक तथा सैन्य इतिहास में अत्यंत निर्णायक मोड़ साबित हुआ। इसी दो घंटे की संक्षिप्त समय-सीमा के भीतर पाकिस्तान की ओर से सैन्य संघर्ष रोकने की पहल की गई और दोनों देशों के बीच युद्ध विराम पर सहमति बनी। हालांकि, इस समझौते के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पर की गई त्वरित घोषणा ने एक बड़ा वैश्विक भ्रम पैदा कर दिया था। अब पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान के महत्वपूर्ण बयानों से इस पूरे घटनाक्रम की वास्तविक टाइमलाइन स्पष्ट हो गई है। उनके विवरण से यह साफ उजागर होता है कि 10 मई की दोपहर किस प्रकार पाकिस्तान ने संपर्क साधा था और भारतीय सेना ने अपनी पूर्व-निर्धारित कड़े रुख और शर्तों के तहत इस सैन्य कार्रवाई को रोकने पर सहमति व्यक्त की थी। 10 मई 2025 का घटनाक्रम: दोपहर 3 से शाम 5 बजे की पूरी टाइमलाइन 10 मई 2025 की दोपहर पाकिस्तान के डीजीएमओ मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्ला ने भारतीय डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को हॉटलाइन पर संपर्क करने का प्रयास किया। जब पहला फोन आया, उस समय भारतीय डीजीएमओ सैन्य गतिविधियों तथा महत्वपूर्ण रणनीतिक ब्रीफिंग में व्यस्त थे। भारतीय पक्ष ने पाकिस्तानी प्रतिनिधि को स्पष्ट संदेश दिया कि बातचीत तुरंत संभव नहीं है और कुछ समय प्रतीक्षा करनी होगी। इसके पश्चात करीब 3:35 बजे दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच औपचारिक बातचीत शुरू हुई। इस बातचीत के दौरान पाकिस्तानी पक्ष ने सीमा पर बढ़ रहे तनाव और भारतीय प्रहारों को रोकने की बात कही। भारतीय डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने पाकिस्तानी प्रस्ताव को सुनते हुए भारत की दृढ़ शर्तों को सामने रखा। संक्षिप्त सैन्य चर्चा के पश्चात दोनों पक्षों के बीच इस बात पर पूर्ण सहमति बनी कि 10 मई 2025 की शाम 5 बजे से जल, थल और नभ तीनों क्षेत्रों में सभी प्रकार की सैन्य कार्रवाइयों को पूर्ण रूप से रोक दिया जाएगा। इस प्रकार केवल डेढ़ घंटे के समय के भीतर सैन्य स्तर पर यह निर्णय लिया गया। हालांकि, जब दोनों देशों के सैन्य कमानों के बीच बातचीत अंतिम चरण में थी और 5 बजे का समय तय हो रहा था, ठीक उसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भारत और पाकिस्तान के बीच पूर्ण सीजफायर की घोषणा कर दी। पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान का खुलासा और सूचना लीक का सवाल पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने इस पूरे घटनाक्रम के रहस्यों से पर्दा उठाते हुए कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 10 मई की दोपहर पाकिस्तान की तरफ से ही पहला फोन आया था। उस समय भारतीय सैन्य नेतृत्व अपनी बैठकों में व्यस्त था, जिसके कारण बातचीत कुछ देर बाद आयोजित की गई। जनरल चौहान ने इस बात पर विशेष बल दिया कि जब दोनों देशों के डीजीएमओ स्तर पर वार्ता चल रही थी, तब अमेरिकी प्रशासन को इसकी भनक इतनी तेजी से कैसे लगी कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत सरकार की आधिकारिक घोषणा से पहले ही इंटरनेट पर सीजफायर की घोषणा कर दी। जनरल अनिल चौहान के अनुसार, भारतीय सैन्य या प्रशासनिक तंत्र से किसी भी प्रकार की संवेदनशील जानकारी लीक होने की कोई संभावना नहीं थी। भारत ने अत्यंत गोपनीयता और पेशेवर अनुशासन के साथ इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया था। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक था कि वॉशिंगटन तक यह सूचना किस माध्यम से पहुंची। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय प्रहारों से घबराकर पाकिस्तानी नेतृत्व ने सैन्य हॉटलाइन पर संपर्क करने के साथ-साथ अमेरिकी प्रशासन से भी मदद की गुहार लगाई होगी और उन्हें इस बातचीत की तुरंत जानकारी दी होगी। यद्यपि किसी सार्वजनिक आधिकारिक दस्तावेज में यह दर्ज नहीं है कि पाकिस्तान ने राष्ट्रपति ट्रंप को फोन किया था, लेकिन घटनाक्रम की टाइमलाइन इसी ओर इशारा करती है। डोनाल्ड ट्रंप का सीजफायर दावा बनाम भारत का आधिकारिक रुख ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीजफायर को लेकर अमेरिका और भारत के आधिकारिक बयानों में भारी अंतर देखने को मिला। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे मामले को अपनी व्यक्तिगत मध्यस्थता और अमेरिकी कूटनीति की सफलता के रूप में पेश किया। वहीं दूसरी ओर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी तुरंत बयान जारी कर डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका की सराहना की और अमेरिकी हस्तक्षेप के लिए उन्हें सार्वजनिक रूप से धन्यवाद दिया। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के इस कदम से ट्रंप के उस दावे को बल मिला कि अमेरिका ने दो परमाणु संपन्न पड़ोसियों के बीच युद्ध रुकवाया है। हालांकि, भारत का आधिकारिक रुख इस विषय पर शुरू से ही बिल्कुल स्पष्ट और अडिग रहा। 10 मई को विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस को संबोधित करते हुए स्पष्ट रूप से बताया कि पाकिस्तान की ओर से डीजीएमओ स्तर पर सैन्य संपर्क साधा गया था। विदेश सचिव ने जोर देकर कहा कि 10 मई की शाम 5 बजे से सैन्य कार्रवाई रोकने का निर्णय दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों की सीधी बातचीत का परिणाम था। भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी तीसरे पक्ष या देश की कोई मध्यस्थता नहीं थी। भारत ने हमेशा इस सिद्धांत का पालन किया है कि पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर किसी भी तीसरे देश का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर की सैन्य कार्रवाई और पाकिस्तान पर बना भारी दबाव 10 मई को पाकिस्तान द्वारा सीजफायर की पहल करने के पीछे ऑपरेशन सिंदूर के चार दिनों की आक्रामक सैन्य कार्रवाई का बहुत बड़ा हाथ था। 7 मई 2025 को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारत का उद्देश्य आतंकवाद के बुनियादी ढांचे को नष्ट करना था। 7 मई से 10 मई के बीच भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित कई प्रमुख आतंकवादी ठिकानों, प्रशिक्षण शिविरों और रणनीतिक सैन्य प्रतिष्ठानों पर सटीक और विनाशकारी हमले किए। भारतीय वायुसेना, थल सेना और नौसेना ने एकीकृत रूप से आधुनिक ड्रोन, मिसाइल और हवाई हमलों के जरिए दुश्मन के ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। इन प्रहारों में पाकिस्तानी वायुसेना के कई महत्वपूर्ण सैन्य और हवाई ठिकाने भी भारी क्षति का शिकार हुए थे। सीमा पार लगातार बढ़ते दबाव और भारतीय सेना के अभूतपूर्व आक्रामक तेवरों के कारण पाकिस्तान की सैन्य स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई थी। यही कारण था कि 10 मई की दोपहर 3 बजे पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व को हॉटलाइन पर भारतीय डीजीएमओ से संपर्क साधने और युद्ध विराम की याचना करने पर मजबूर होना पड़ा। कूटनीतिक दांव-पेंच और ऐतिहासिक सबक ऑपरेशन सिंदूर के दौरान घटे 3 से 5 बजे के इस घटनाक्रम ने आधुनिक सैन्य कूटनीति के कई नए आयाम उजागर किए हैं। जहां एक तरफ पाकिस्तान ने सैन्य मोर्चे पर विफलता के बाद अमेरिकी मदद की आड़ लेने की कोशिश की, वहीं भारत ने अपनी सैन्य संप्रभुता और द्विपक्षीय वार्ता के सिद्धांत को अक्षुण्ण रखा। जनरल अनिल चौहान के बयानों ने यह साफ कर दिया है कि अमेरिका द्वारा किया गया सीजफायर का ऐलान वास्तव में जमीनी सैन्य हकीकत के बाद की स्थिति थी, जिसे ट्रंप ने अपने कूटनीतिक श्रेय के रूप में भुनाया। भारत ने विश्व समुदाय के समक्ष यह संदेश पुनः स्पष्ट कर दिया कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी कार्रवाई किसी भी बाहरी दबाव में नहीं रुकेगी और सीजफायर केवल तभी संभव हुआ जब पाकिस्तान ने भारतीय शर्तों पर सैन्य गतिविधियां बंद करने का प्रस्ताव दिया। 10 मई 2025 की दोपहर 3 से 5 बजे की यह कहानी न केवल भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य और रणनीतिक दबदबे का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि किस प्रकार सूचना युद्ध और कूटनीतिक प्रचार के दौर में भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों और आधिकारिक रुख पर कोई समझौता नहीं किया। इसका आप पर असर भारत में: सीमावर्ती क्षेत्रों और पूरे देश के नागरिकों के लिए यह समाचार भारतीय सशस्त्र बलों की मजबूत जवाबी क्षमता और कूटनीतिक संप्रभुता को रेखांकित करता है। जम्मू और कश्मीर में: पहलगाम हमले के बाद शुरू हुए सैन्य घटनाक्रम और सीजफायर की स्पष्टता से स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास मजबूत होता है। सवाल-जवाब 1. 10 मई 2025 को दोपहर 3 से शाम 5 बजे के बीच क्या हुआ था? 10 मई की दोपहर 3 बजे पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारतीय डीजीएमओ से हॉटलाइन पर संपर्क किया। 3:35 बजे बातचीत हुई और शाम 5 बजे से सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी। 2. क्या अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराया था? नहीं, भारत सरकार और विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने स्पष्ट किया कि सीजफायर दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों की सीधी बातचीत से हुआ था, किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से नहीं। 3. पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने क्या खुलासा किया? जनरल अनिल चौहान ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से फोन आया था और उन्होंने सवाल उठाया कि बातचीत के दौरान ही अमेरिका तक सीजफायर की जानकारी इतनी जल्दी कैसे पहुंची। 4. ऑपरेशन सिंदूर क्यों शुरू किया गया था? भारत ने 7 मई 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में आतंकवाद के ठिकानों को नष्ट करने के लिए 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। 5. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का क्या रुख था? शहबाज शरीफ ने सीजफायर के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका की तारीफ की थी और उन्हें धन्यवाद दिया था। https://trendkia.com/bihar/bharata-aura-pakistana-sijaphayara-ke-2-ghnton-ka-sacha-samane-aya-purva-cds-general-anil-chauhan-ne-bataya-10-mai-ka-pura-ghatana-22157 TrendKia — Har trend, sabse pehle.