# बिहार का वह अनोखा रेलवे स्टेशन जिसके नाम के आगे जंक्शन तो है, पर एक भी एक्सप्रेस ट्रेन नहीं रुकती

> बिहार के मुंगेर और बेगूसराय सीमा पर स्थित सबलपुर जंक्शन अपनी बदहाली और सुविधाओं की कमी के कारण चर्चा में है। यहाँ जंक्शन होने के बावजूद एक भी एक्सप्रेस ट्रेन नहीं रुकती है और यात्रियों को बुनियादी सहूलियतों के लिए भी जूझना पड़ता है।

**Type:** article · **Category:** बिहार · **Published:** 2026-09-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bihar/bihar-ka-vaha-anokha-relave-steshana-jisake-nama-ke-age-jnkshana-to-hai-para-eka-bhi-express-train-nahin-rukati-25906 · **Language:** Hindi
**Tags:** सबलपुर जंक्शन, मुंगेर रेलवे, बिहार रेलवे स्टेशन, बेगूसराय न्यूज, डेमू ट्रेन, भारतीय रेलवे, रेल यात्री समस्या

भारतीय रेलवे नेटवर्क में कई ऐसे अनोखे और दिलचस्प रेलवे स्टेशन मौजूद हैं, जिनकी कार्यप्रणाली और विशेषताएँ लोगों को हैरान कर देती हैं। इसी कड़ी में बिहार के मुंगेर और बेगूसराय जिलों की सीमा पर स्थित सबलपुर जंक्शन इन दिनों खासी चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस स्टेशन की कहानी थोड़ी अलग और चौंकाने वाली है क्योंकि कागजों और नाम के स्तर पर इसके साथ जंक्शन जुड़ा हुआ है, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। स्थानीय लोग और यात्री इस बात से बेहद परेशान हैं कि इस स्टेशन पर एक विख्यात या एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव तक नहीं होता है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव के चलते लोग इसे समस्या जंक्शन के रूप में भी संबोधित करते हैं।

## एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव न होने से बढ़ती है परेशानी
किसी भी क्षेत्र के लिए रेलवे स्टेशन केवल एक परिवहन का साधन नहीं होता, बल्कि वह विकास और आवागमन की रीढ़ माना जाता है। हालाँकि सबलपुर जंक्शन पर पहुँचने वाले यात्रियों का अनुभव पूरी तरह से निराशाजनक रहता है। यात्रियों का मुख्य आरोप है कि जंक्शन का दर्जा प्राप्त होने के बावजूद यहाँ से एक भी एक्सप्रेस ट्रेन नहीं गुजरती और न ही रुकती है। लंबी दूरी की यात्रा करने की इच्छा रखने वाले या किसी अन्य शहर जाने वाले लोगों को मजबूरन किसी दूसरे बड़े स्टेशन का रुख करना पड़ता है। इस वजह से यात्रियों का न केवल अतिरिक्त समय बर्बाद होता है, बल्कि उन्हें जेब से अधिक किराया भी चुकाना पड़ता है और यात्रा की थकान अलग से झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोगों की लंबे समय से यह प्रमुख माँग रही है कि कम से कम कुछ चुनिंदा प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव इस स्टेशन पर दिया जाए ताकि इस क्षेत्र के निवासियों को भी जंक्शन होने का वास्तविक लाभ मिल सके।

## बुनियादी सुविधाओं का है भारी अभाव
सबलपुर जंक्शन पर व्यवस्थाओं की पोल खोलने वाली कई गंभीर समस्याएँ सामने आई हैं। देवघर जाने के उद्देश्य से स्टेशन पर पहुँचे एक रेल यात्री मुकेश कुमार ने मौजूदा व्यवस्थाओं पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उनके अनुसार यात्रियों को स्टेशन परिसर में कदम रखते ही अनगिनत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। स्टेशन पर पीने के साफ पानी, रोशनी की उचित व्यवस्था, शौचालय और गर्मी से राहत देने वाले पंखों तक का पर्याप्त प्रबंध नहीं है। इसके अलावा यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी कई तरह के सवाल खड़े किए जा रहे हैं। मुकेश कुमार का कहना है कि इस पूरे परिसर में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है और संबंधित विभागों को कम से कम यात्रियों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएँ तो हर हाल में सुनिश्चित करनी चाहिए।

## भीड़भाड़ से दुर्घटनाओं का मंडराता रहता है खतरा
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर चिंता जताने वालों में धीरज साह भी शामिल हैं, जिन्होंने स्टेशन की मौजूदा हालत को बेहद दयनीय बताया है। उनका कहना है कि ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ती है और इस रूट पर अधिकतर पैसेंजर व डेमू ट्रेनें ही संचालित होती हैं। यात्रियों की यह चिंता केवल ट्रेनों की कम संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका यह भी मानना है कि ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ होने की वजह से किसी भी समय कोई बड़ी दुर्घटना या अप्रिय घटना घट सकती है और ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी किसकी होगी, यह स्पष्ट नहीं है। धीरज साह की मुख्य माँग है कि यात्रियों के भारी दबाव को देखते हुए ट्रेनों की फेरे व संख्या बढ़ाई जाए और साथ ही स्टेशन परिसर में यात्रियों के बैठने के लिए एक अदद वेटिंग रूम समेत अन्य सभी जरूरी सहूलियतें तत्काल उपलब्ध कराई जाएँ। उनका साफ तौर पर यह कहना है कि जब इस स्टेशन को आधिकारिक तौर पर जंक्शन का दर्जा दिया गया है, तो यात्रियों को मिलने वाली सुविधाएँ भी जंक्शन के स्तर की ही होनी चाहिए।

## अप दिशा में संचालित होने वाली ट्रेनों की सूची
स्टेशन पर लगाई गई आधिकारिक समय-सारणी के अनुसार सबलपुर जंक्शन पर अप दिशा में कुल पाँच ट्रेनों का ठहराव निर्धारित किया गया है, जिनमें मुख्य रूप से डेमू और पैसेंजर सेवाएँ शामिल हैं। ट्रेन नंबर 73452 जमालपुर से चलकर तिलरथ की ओर जाती है, जो सबलपुर जंक्शन पर सुबह 5:32 बजे पहुँचती है और 5:33 बजे प्रस्थान करती है। इसी तरह दूसरी ट्रेन जमालपुर से महेशखूंट के बीच चलने वाली डेमू सेवा (ट्रेन नंबर 73462) है, जो सुबह 9:57 बजे स्टेशन पर पहुँचकर 9:58 बजे रवाना होती है। इसके अलावा ट्रेन नंबर 73454 भी जमालपुर से तिलरथ जाने वाली डेमू गाड़ी है, जिसका सबलपुर जंक्शन पर आगमन दोपहर 1:32 बजे और प्रस्थान 1:33 बजे तय है। ट्रेन नंबर 73464 जमालपुर से खगड़िया के लिए चलती है और शाम 5:46 बजे सबलपुर पहुँचकर 5:47 बजे आगे के लिए रवाना होती है। इसके अतिरिक्त ट्रेन नंबर 05510 जमालपुर से सहरसा जाने वाली ट्रेन है, जो रात को 10:26 बजे सबलपुर जंक्शन पर पहुँचती है और 10:28 बजे प्रस्थान करती है।

## डाउन दिशा में रुकने वाली ट्रेनों का विवरण
अप दिशा की तरह ही सबलपुर जंक्शन पर डाउन दिशा में भी पाँच ट्रेनों के ठहराव का रिकॉर्ड दर्ज है। ट्रेन नंबर 73451 तिलरथ से चलकर जमालपुर की तरफ जाती है, जिसका सबलपुर स्टेशन पर सुबह 8:06 बजे आगमन और 8:07 बजे प्रस्थान होता है। इसके बाद महेशखूंट से जमालपुर जाने वाली डेमू ट्रेन (ट्रेन नंबर 73461) सबलपुर में सुबह 11:39 बजे आती है और 11:40 बजे रवाना हो जाती है। इसके अलावा तिलरथ से जमालपुर की ओर जाने वाली ट्रेन नंबर 73453 का समय-सारणी बोर्ड के अनुसार सबलपुर पर आगमन दोपहर 3:04 बजे और प्रस्थान दोपहर 4:05 बजे दर्ज है। सहरसा से जमालपुर की तरफ जाने वाली ट्रेन नंबर 05509 सबलपुर जंक्शन पर सुबह 7:12 बजे पहुँचती है और 7:14 बजे प्रस्थान करती है। अंत में खगड़िया से जमालपुर की ओर जाने वाली ट्रेन नंबर 03475 शाम को 6:45 बजे सबलपुर जंक्शन पर आती है और 6:46 बजे वहाँ से रवाना हो जाती है।

## इसका आप पर असर
सबलपुर जंक्शन की बदहाली और एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव न होने का सीधा असर रोजाना यात्रा करने वाले स्थानीय निवासियों और लंबी दूरी के यात्रियों पर पड़ता है।

- **भारत में:** रेलवे स्टेशनों पर बुनियादी सुविधाओं की कमी और पैसेंजर ट्रेनों पर अत्यधिक निर्भरता से देश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। समय और अतिरिक्त किराए की बर्बादी से आम आदमी की दैनिक यात्रा प्रभावित होती है।
- **बिहार में:** मुंगेर और बेगूसराय के बीच स्थित सबलपुर जंक्शन के यात्रियों को लंबी यात्रा के लिए दूसरे स्टेशनों पर जाना पड़ता है। ट्रेनों की कम संख्या और भारी भीड़ के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, जिससे स्थानीय प्रशासन और रेलवे अधिकारियों को सुरक्षा व सुविधाओं के सुधार पर त्वरित कदम उठाने की आवश्यकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. सबलपुर जंक्शन कहाँ स्थित है?
सबलपुर जंक्शन बिहार के मुंगेर और बेगूसराय जिलों की सीमा पर स्थित है।

### 2. सबलपुर जंक्शन पर कौन सी मुख्य समस्या है?
इस स्टेशन पर जंक्शन होने के बावजूद एक भी एक्सप्रेस ट्रेन नहीं रुकती है और पानी, पंखे, लाइट व बाथरूम जैसी बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है।

### 3. यात्रियों ने स्टेशन को क्या नाम दिया है?
बुनियादी सुविधाओं की कमी और समस्याओं के कारण स्थानीय लोग इसे समस्या जंक्शन भी कहते हैं।

### 4. सबलपुर जंक्शन से कौन सी ट्रेनें गुजरती हैं?
इस स्टेशन पर मुख्य रूप से जमालपुर और तिलरथ, महेशखूंट तथा सहरसा के बीच चलने वाली डेमू और पैसेंजर ट्रेनें रुकती हैं।

### 5. अप दिशा में सबलपुर जंक्शन पर कितनी ट्रेनें रुकती हैं?
अप दिशा में कुल पाँच ट्रेनें सबलपुर जंक्शन पर रुकती हैं।

### 6. डाउन दिशा में सबलपुर जंक्शन पर कितनी ट्रेनों का ठहराव है?
डाउन दिशा में भी सबलपुर जंक्शन पर पाँच ट्रेनों का ठहराव दर्ज है।

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