बिहार के हाजीपुर से महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक की कड़ी जुड़ी, साइबर कैफे संचालक सहित तीन हिरासत में महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक कांड की जांच अब बिहार के वैशाली जिले तक पहुंच गई है, जहां हाजीपुर के एक साइबर कैफे में छापेमारी कर तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले की जांच अब बिहार तक पहुंच गई है। इस पूरे रैकेट का सुराग वैशाली जिले के हाजीपुर तक जा पहुंचा, जहां महाराष्ट्र पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने बिहार एसटीएफ और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर एक बड़ी छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई हाजीपुर नगर थाना क्षेत्र के कचहरी रोड पर स्थित क्विक डिजिटल साइबर कैफे में की गई, जहां घंटों तलाशी अभियान चला। देर रात तक चली छापेमारी, तीन लोग हिरासत में महाराष्ट्र एसटीएफ की टीम कचहरी रोड स्थित इस साइबर कैफे में पहुंची और देर रात करीब एक बजे तक छानबीन करती रही। छापेमारी के बाद टीम ने कैफे के संचालक सोनू कुमार समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया है। इन तीनों से अभी पूछताछ जारी है। सोनू वैशाली जिले के सहदेई गांव का रहने वाला है और 2009 से हाजीपुर में साइबर कैफे चला रहा है। समस्तीपुर के मास्टरमाइंड से जुड़ा तार जांच में सामने आया है कि सोनू का संबंध इस पूरे पेपर लीक कांड के मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता से है, जो समस्तीपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। इतना ही नहीं, हिरासत में लिए गए सोनू के छोटे भाई विकास की तलाश भी महाराष्ट्र एसटीएफ की टीम कर रही है। विकास पटना में रहकर साइबर कैफे चलाता है और फिलहाल फरार है। डिजिटल सबूत बरामद, जांच जारी छापेमारी के दौरान महाराष्ट्र एसटीएफ की टीम ने कई डिजिटल सबूत भी बरामद किए हैं, जिनकी बारीकी से जांच की जाएगी। हालांकि टीम ने इस बारे में विस्तार से कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की, बस इतना बताया कि टीईटी पेपर लीक कांड के सिलसिले में यह छापेमारी की गई है और आगे की जांच जारी है। पुलिस सूत्रों की मानें तो यह एक बहुत बड़ा रैकेट है जो कई राज्यों में फैला हुआ है। जब्त किए गए मोबाइल फोन और ईमेल गतिविधियों के जरिए पूरे डिजिटल नेटवर्क को डिकोड करने की कोशिश की जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नाम सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है। चार लाख अट्ठाईस हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने कराया था रजिस्ट्रेशन महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा के लिए 4 लाख 28 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। लेकिन 28 जून को होने वाली परीक्षा से महज 24 घंटे पहले ही पेपर लीक हो गया। इसके बाद महाराष्ट्र स्टेट एग्जामिनेशन काउंसिल ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। इसके बाद महाराष्ट्र के भिवंडी में छापेमारी करते हुए पुलिस ने बिहार और हरियाणा के कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। फिलहाल महाराष्ट्र एसटीएफ की टीम कई राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके। इसका आप पर असर • भारत में: इस खुलासे से देशभर की परीक्षा एजेंसियों पर पेपर लीक रोकने और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का दबाव बढ़ेगा, जिससे भविष्य में परीक्षाओं की समयसारिणी और विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। • बिहार के हाजीपुर में: स्थानीय साइबर कैफे संचालकों और डिजिटल नेटवर्क पर पुलिस की नजर तेज हो गई है, जिससे वैशाली और आसपास के इलाकों में और लोगों से पूछताछ या गिरफ्तारी हो सकती है। सवाल-जवाब 1. हाजीपुर में छापेमारी किसने की? महाराष्ट्र पुलिस की एसआईटी ने बिहार एसटीएफ और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर हाजीपुर के क्विक डिजिटल साइबर कैफे में छापेमारी की। 2. छापेमारी में किन लोगों को हिरासत में लिया गया? कैफे संचालक सोनू कुमार समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है। 3. पेपर लीक कांड का मास्टरमाइंड कौन बताया जा रहा है? समस्तीपुर निवासी बिजेंद्र गुप्ता को इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जिससे सोनू का संबंध सामने आया है। 4. महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा कब और क्यों रद्द हुई थी? 28 जून को होने वाली परीक्षा से 24 घंटे पहले पेपर लीक होने पर महाराष्ट्र स्टेट एग्जामिनेशन काउंसिल ने परीक्षा रद्द कर दी थी। 5. कितने अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था? 4 लाख 28 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। 6. सोनू का भाई विकास अभी कहां है? विकास पटना में साइबर कैफे चलाता है और फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश महाराष्ट्र एसटीएफ कर रही है। 7. क्या इससे पहले भी गिरफ्तारियां हुई थीं? हां, इससे पहले महाराष्ट्र के भिवंडी में छापेमारी कर पुलिस ने बिहार और हरियाणा के कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। https://trendkia.com/bihar/bihar-ke-hajipur-se-maharashtra-tet-pepara-lika-ki-kari-juri-saibara-kaiphe-snchalaka-sahita-tina-hirasata-men-4069 TrendKia — Har trend, sabse pehle.