# बिहार विधान परिषद चुनाव: जदयू विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी के खिलाफ जनसुराज उम्मीदवार को दिया समर्थन

> पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव में जदयू विधायक अनंत सिंह ने अपनी पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ जाकर जनसुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज कुमार सिंह के समर्थन का ऐलान किया है।

**Type:** article · **Category:** बिहार · **Published:** 2026-09-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bihar/bihar-legislative-council-chunava-jd-u-vidhayaka-anant-singh-ne-apani-hi-parti-ke-pratyashi-ke-khilapha-jan-suraaj-ummidavara-ko-d-40036 · **Language:** Hindi
**Tags:** अनंत सिंह, नीरज कुमार, डॉ अनुज कुमार सिंह, पटना स्नातक चुनाव, जनसुराज, जदयू, बिहार विधान परिषद, प्रशांत किशोर

बिहार विधान परिषद के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के आगामी चुनाव को लेकर राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ सामने आया है। जनता दल यूनाइटेड के विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। एक औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करते हुए उन्होंने जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार डॉ. अनुज कुमार सिंह को अपना पूरा समर्थन देने की सार्वजनिक घोषणा की है। विधायक ने स्पष्ट किया कि वे केवल समर्थन का ऐलान ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि चुनावी मैदान में उतरकर डॉ. अनुज कुमार सिंह के पक्ष में सघन प्रचार अभियान भी चलाएंगे।

चुनावी रणनीति साझा करते हुए अनंत सिंह ने बताया कि डॉ. अनुज कुमार सिंह के नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद वे पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हर इलाके और हर विधानसभा क्षेत्र का दौरा करेंगे। आत्मविश्वास जताते हुए उन्होंने कहा कि जीत उन्हीं के खेमे की होगी क्योंकि वे आज तक कोई चुनाव नहीं हारे हैं। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था पर जोर देते हुए यह बात रेखांकित की कि चुनाव का अंतिम फैसला जनता के हाथों में होता है और मतदाताओं के समर्थन से ही कोई भी प्रत्याशी विजयी बनता है। उनका कहना था कि जनता ही उनकी असली मालिक और भगवान है, कोई पेड़-पौधे मतदान नहीं करते बल्कि आम जन ही वोट डालकर अपना प्रतिनिधि चुनते हैं।

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## नीरज कुमार के साथ पुरानी राजनीतिक खींचतान
अनंत सिंह और जदयू नेता नीरज कुमार के बीच का राजनीतिक टकराव कोई नया मामला नहीं है, बल्कि दोनों नेताओं के मध्य लंबे समय से तनातनी चली आ रही है। अतीत में भी कई मौकों पर दोनों एक-दूसरे के खिलाफ सार्वजनिक रूप से विरोध दर्ज करा चुके हैं। इस बार भी जनता दल यूनाइटेड ने अनंत सिंह के कड़े विरोध और आपत्तियों के बावजूद पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार पर ही भरोसा जताते हुए उन्हें अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया है। उल्लेखनीय है कि नीरज कुमार इस प्रतिष्ठित सीट से लगातार चौथी बार चुनावी रण में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

अपनी ही पार्टी के घोषित प्रत्याशी के खिलाफ जाने पर स्थिति स्पष्ट करते हुए अनंत सिंह ने जोर देकर कहा कि यह विवाद पार्टी से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि उनके और नीरज कुमार के बीच की व्यक्तिगत रंजिश है। उन्होंने दावा किया कि पूरी पार्टी एकजुट है, संगठन के भीतर कोई अंतर्कलह या समस्या नहीं है, सारी दिक्कत केवल उन दोनों नेताओं के आपसी रिश्तों में है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जब वे खुद चार बार चुनाव लड़े थे, उस समय भी नीरज कुमार लगातार उनका विरोध करते रहे थे, इसलिए इस बार वे भी पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।

## नामांकन की तारीख और प्रचार अभियान की रूपरेखा
प्रचार अभियान और नामांकन के कार्यक्रम का ब्योरा देते हुए विधायक अनंत सिंह ने धार्मिक और पारंपरिक आस्था का भी हवाला दिया। उन्होंने बताया कि पंडित जी ने उन्हें सलाह दी है कि नामांकन 1 तारीख को किया जाए। इसी वजह से अब 1 तारीख को नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वे डॉ. अनुज कुमार सिंह के लिए पूरे निर्वाचन क्षेत्र में जनसंपर्क शुरू करेंगे। उन्होंने बताया कि उनकी योजना पहले ही क्षेत्र में जाने की थी, लेकिन पंडित जी के परामर्श के कारण इसे नामांकन के दिन तक के लिए स्थगित किया गया। जब उनसे आगामी नामांकन की तैयारियों को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में जवाब दिया कि पूरी तैयारी जबरदस्त और 'गर्दा' रहेगी।

राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा रही है कि दोनों नेताओं के बीच जारी तनाव को सुलझाने के लिए जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेतृत्व की ओर से सुलह-समझौते के गंभीर प्रयास किए गए थे। पार्टी स्तर पर हुई इन कोशिशों के बावजूद दोनों नेताओं के बीच सहमति नहीं बन सकी और बातचीत बेनतीजा रही। इन सुलह प्रयासों के विफल होने के बाद अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ अपनी सख्त राजनीतिक लाइन बरकरार रखी और अंततः औपचारिक रूप से जनसुराज के उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा कर दी। विदित हो कि जनसुराज पार्टी ने 24 सितंबर को डॉ. अनुज कुमार सिंह को पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया था।

## प्रशांत किशोर के साथ सफाई और आगे की चुनावी राह
प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले डॉ. अनुज कुमार सिंह जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के साथ सार्वजनिक मंच पर नजर आए थे। सोशल मीडिया पर डॉ. अनुज कुमार सिंह के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों को लेकर चल रहे दावों पर प्रशांत किशोर और खुद अनुज सिंह ने विस्तार से सफाई दी और इन सभी आरोपों व दावों को पूरी तरह निराधार व गलत करार दिया। स्थिति स्पष्ट करने के तुरंत बाद डॉ. अनुज कुमार सिंह सीधे अनंत सिंह के आवास पर पहुंचे, जहां विधायक ने उनके समर्थन का औपचारिक ऐलान किया।

इससे पहले भी अनंत सिंह सार्वजनिक बयानों में यह रुख साफ कर चुके थे कि वे जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार का कड़ा विरोध करेंगे और अनुज सिंह को जिताने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगे। उन्होंने पूर्व में भी कहा था कि अनुज सिंह ही उनके उम्मीदवार हैं और वे उन्हें हराने के लिए नीरज कुमार के खिलाफ पूरी राजनीतिक शक्ति झोंक देंगे। गौरतलब है कि बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट के लिए 23 अक्टूबर को मतदान निर्धारित है, जबकि वोटों की गिनती 27 अक्टूबर को की जाएगी।

## इसका आप पर असर
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव में उभरी यह राजनीतिक बगावत सीधे तौर पर मतदाताओं और दलीय समीकरणों को प्रभावित करेगी।

- **भारत में:** यह घटनाक्रम प्रांतीय दलों के भीतर आंतरिक अनुशासन और गठबंधन प्राथमिकताओं की जटिलता को दर्शाता है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक विश्लेषकों को बिहार के बदलते दलीय समीकरणों को समझने का मौका मिलता है।
- **बिहार में:** पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के पंजीकृत स्नातक मतदाताओं के सामने अब मुख्यधारा के उम्मीदवारों के अलावा एक मजबूत त्रिकोणीय विकल्प तैयार हो गया है। आगामी 23 अक्टूबर को मतदान करने वाले शिक्षित मतदाताओं के राजनीतिक निर्णय पर दोनों प्रमुख गुटों की खींचतान का गहरा असर पड़ेगा।
- **जनता दल यूनाइटेड के लिए:** पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के सामने अपनी ही पार्टी के विधायक द्वारा विरोधी दल के प्रत्याशी को समर्थन देने से सांगठनिक अनुशासन पर सवाल उठ रहे हैं। इससे चुनाव प्रचार के दौरान निचले स्तर के कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
- **जनसुराज के लिए:** प्रशांत किशोर की पार्टी के प्रत्याशी को स्थानीय स्तर पर एक कद्दावर विधायक का समर्थन मिलने से चुनावी मुकाबले में अतिरिक्त बल मिला है। इससे आगामी चुनावों में नए राजनीतिक गठजोड़ की संभावनाओं को मजबूती मिल सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह राजनीतिक बगावत विधायक अनंत सिंह और पार्टी प्रत्याशी नीरज कुमार के बीच वर्षों से चले आ रहे व्यक्तिगत मतभेदों तथा पार्टी द्वारा सुलह न करा पाने के कारण हुई है।

- **पुराना व्यक्तिगत मतभेद:** दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से व्यक्तिगत और राजनीतिक विरोध रहा है, जिसमें नीरज कुमार ने भी अतीत में अनंत सिंह के खिलाफ कई बार मोर्चा खोला था। अनंत सिंह ने स्पष्ट किया है कि उनकी नाराजगी पार्टी से नहीं बल्कि सीधे तौर पर नीरज कुमार की उम्मीदवारी से है।
- **पार्टी स्तर पर सुलह की विफलता:** जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेतृत्व ने दोनों नेताओं के बीच मतभेद सुलझाने और समझौते की कोशिशें की थीं, लेकिन ये प्रयास पूरी तरह बेनतीजा रहे। विवाद न सुलझने के बावजूद पार्टी द्वारा नीरज कुमार को लगातार चौथी बार टिकट दिए जाने से अनंत सिंह ने बगावती रुख अपना लिया।
- **जनसुराज का विकल्प:** 24 सितंबर को जनसुराज द्वारा डॉ. अनुज कुमार सिंह को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद अनंत सिंह को अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी के खिलाफ एक मजबूत स्थानीय विकल्प मिल गया। इसके चलते उन्होंने औपचारिक रूप से जनसुराज उम्मीदवार के समर्थन का खुला ऐलान कर दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. अनंत सिंह ने किस चुनाव में बगावत की है?
उन्होंने बिहार विधान परिषद के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के आगामी एमएलसी चुनाव में अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी के खिलाफ बगावत की है।

### 2. अनंत सिंह किस प्रत्याशी का समर्थन कर रहे हैं?
वे जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार डॉ. अनुज कुमार सिंह को खुला समर्थन दे रहे हैं।

### 3. जदयू ने इस सीट से किसे अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया है?
जनता दल यूनाइटेड ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से लगातार चौथी बार चुनाव लड़ रहे नीरज कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है।

### 4. अनंत सिंह के अनुसार प्रचार अभियान कब शुरू होगा?
पंडित जी की सलाह के अनुसार 1 तारीख को नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद वे सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार के लिए निकलेंगे।

### 5. पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान और मतगणना कब होगी?
इस सीट के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को मतों की गिनती की जाएगी।

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