# बिहार में मंत्री लखेंद्र पासवान ने सरकारी चावल की गुणवत्ता पर उठाए सवाल, कहा कबूतर भी नहीं खाता

> बिहार के एक मंत्री लखेंद्र पासवान ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले राशन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यह चावल इतना खराब है कि कबूतर भी इसका सेवन नहीं करते हैं।

**Type:** article · **Category:** बिहार · **Published:** 2026-10-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bihar/bihar-me-mantri-lakhendra-paswan-ne-uthaye-sawal-51976 · **Language:** Hindi
**Tags:** बिहार, लखेंद्र पासवान, राशन, पीडीएस, अशोक चौधरी, दीपक प्रकाश, राजनीति

बिहार की राजनीति में उस वक्त एक नया मोड़ आ गया जब शासन व्यवस्था का हिस्सा रहे एक जिम्मेदार मंत्री ने ही अपनी सरकार की व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान लगा दिए। राज्य में गरीबों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस के माध्यम से मिलने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता को लेकर तीखा असंतोष जताया गया है। मंत्री लखेंद्र पासवान ने खुले तौर पर कहा कि राशन में मिलने वाला चावल बेहद घटिया स्तर का है और इसे कोई सामान्य इंसान तो क्या, कबूतर भी नहीं खा सकता है। इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा हुआ एक वीडियो भी सार्वजनिक तौर पर सामने आया है, जिसमें इस तीखी प्रतिक्रिया को रिकॉर्ड किया गया है।

## समारोह में मौजूद थे कई अन्य वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी
हैरानी की बात यह रही कि जब चावल की गुणवत्ता को लेकर यह बड़ा बयान सामने आया, उस समय मंच पर और आसपास कई अन्य प्रमुख विभाग के मंत्री और अधिकारी भी मौजूद थे। इस मौके पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री अशोक चौधरी के साथ-साथ पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश भी वहां उपस्थित थे। इसके अलावा संबंधित विभाग के कई वरीय अधिकारी भी इस पूरी स्थिति के गवाह बने। इस तरह के बयानों ने प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है और राशन वितरण व्यवस्था की निगरानी पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।

## इसका आप पर असर
यह घटना राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले राशन की गुणवत्ता और उसकी निगरानी को लेकर बड़े सवाल खड़े करती है।

- **बिहार में:** राशन कार्ड धारकों को मिलने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता की जांच तेज हो सकती है और प्रशासन पर वितरण व्यवस्था सुधारने का दबाव बढ़ेगा।
- **आम जनता पर:** गरीबों को मिलने वाले अनाज की पारदर्शिता और उसकी पौष्टिकता को लेकर विभागीय स्तर पर नए निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह बयान तब सामने आया जब सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बांटे जा रहे खाद्यान्न की खराब स्थिति पर ध्यान गया। प्रशासनिक बैठकों या कार्यक्रमों के दौरान जब अधिकारी और मंत्री एक साथ मौजूद थे, तब यह मुद्दा खुलकर सामने आ गया। इस तरह के मामलों में अक्सर घटिया खाद्यान्न आपूर्ति और जमीनी स्तर पर लचर निगरानी मुख्य कारण बनती है।

- **वितरण प्रणाली में खामियां:** राशन आपूर्ति प्रक्रिया के दौरान गुणवत्ता की जांच के तय मानकों का सख्ती से पालन नहीं होना इसकी एक बड़ी वजह माना जाता है।
- **अधिकारियों की मौजूदगी:** खाद्य और पंचायती राज जैसे अहम विभागों के मंत्रियों और अधिकारियों की मौजूदगी के कारण यह मामला तुरंत सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया।

## सवाल-जवाब

### 1. बिहार में चावल की गुणवत्ता पर किसने सवाल उठाए हैं?
बिहार के मंत्री लखेंद्र पासवान ने चावल की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।

### 2. मंत्री ने चावल की गुणवत्ता के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि चावल इतना खराब है कि कबूतर भी उसे नहीं खाता है।

### 3. इस दौरान कौन-से अन्य मंत्री मौजूद थे?
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी और पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश वहां मौजूद थे।

### 4. यह चावल किस योजना के तहत वितरित किया जाता है?
यह चावल गरीबों को जन वितरण प्रणाली यानी पीडीएस के तहत मिलता है।

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