बिहार में भारी बारिश का कहर, वज्रपात से तीन जानें गईं, गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब बिहार में भारी बारिश के चलते गंगा और सिकरहना जैसी नदियां उफान पर हैं, वहीं मुंगेर में सड़कें धंसने और छपरा में वज्रपात से तीन लोगों की मौत होने से हालात और गंभीर हो गए हैं। बिहार में हो रही झमाझम बारिश अब आम लोगों के लिए सिरदर्द बन चुकी है। राजधानी पटना से लेकर सीमांचल और चंपारण तक स्थिति हर दिन बिगड़ती जा रही है। गंगा समेत राज्य की कई नदियां उफान पर हैं और कई जिलों में बाढ़ का साया गहराता जा रहा है। पटना में गंगा खतरे के निशान के करीब राजधानी के दीघा घाट इलाके में गंगा नदी का पानी लगातार ऊपर चढ़ रहा है। नदी अब दूर तक फैली नजर आ रही है, जिससे किनारे बसे इलाकों में बेचैनी बढ़ गई है। इसके बावजूद दियारा क्षेत्र के निवासी क्षमता से ज्यादा सवारियां भरकर नाव से आना-जाना कर रहे हैं। प्रशासन की चेतावनियों के बावजूद यह लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। मुंगेर में सड़कें धंसीं, नगर निगम की गाड़ी भी फंसी मुंगेर शहर में रविवार की रात हुई भारी बारिश ने वहां की जर्जर सड़कों की सच्चाई सामने ला दी। तोपखाना बाजार से मिर्ची तालाब की ओर जाने वाला रास्ता कई स्थानों पर धंस गया, और गड्ढे पाटने पहुंचा नगर निगम का ट्रैक्टर-ट्रॉली खुद उसी धंसी हुई सड़क में जा फंसा। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस इलाके में सीवरेज और पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की ठीक से मरम्मत नहीं कराई गई थी, जिसका नतीजा अब सामने आ रहा है। मुंगेर के ही धरहरा प्रखंड में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। दशरथपुर-ईटवा मार्ग पर बाढ़ का पानी बहने लगा है, जिससे आसपास के गांवों का दूसरे इलाकों से संपर्क कट गया है। दोपहिया-चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल आने-जाने वालों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्वी चंपारण में लोग तंबुओं में रहने को मजबूर पूर्वी चंपारण के सुगौली इलाके में नेपाल की तराई पट्टी में हो रही बारिश का सीधा असर दिखने लगा है। यहां बहने वाली सिकरहना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते कई वार्डों और गांवों में पानी घुस आया है। खेतों की फसलें डूब चुकी हैं और कुछ परिवारों को अपना घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर तंबू गाड़कर रहना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ से पहले हर साल तैयारियों के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन असल जमीनी हालात कभी नहीं सुधरते। छपरा में वज्रपात से तीन लोगों की मौत लगातार हो रही बारिश के बीच छपरा जिले में वज्रपात ने बड़ी त्रासदी को जन्म दे दिया। जलालपुर प्रखंड इलाके में धान रोपते समय दो युवकों की बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया। इसके अलावा समहोता गांव में अपने खेत में काम करते वक्त 14 साल के रोहित कुमार नामक किशोर की भी वज्रपात से मौत हो गई। अगले 48 घंटे अहम, 20 जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार बिहार में मानसून अगले 48 घंटों तक इसी तरह सक्रिय बना रहेगा। राज्य के 17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि 20 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी हुआ है। कई हिस्सों में वज्रपात की आशंका भी बताई गई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने आम लोगों से एहतियात बरतने और हालात बिगड़ने पर तुरंत सुरक्षित ठिकानों की ओर रुख करने की अपील की है। इसका आप पर असर यह बारिश और बाढ़ की स्थिति सीधे बिहार के कई जिलों के निवासियों की सुरक्षा और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डाल रही है। • भारत में: मौसम विभाग के अलर्ट के बाद अन्य मानसून-प्रभावित राज्यों के लोगों को भी वज्रपात और अचानक आने वाली बाढ़ को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। • बिहार में: पटना, मुंगेर, पूर्वी चंपारण और छपरा जैसे जिलों में लोगों को बेवजह यात्रा से बचने, नाव में क्षमता से ज्यादा सवार न होने और बिजली गिरने की आशंका के दौरान खेतों में काम तुरंत रोकने की सलाह दी जा रही है। सवाल-जवाब 1. बिहार में किन नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है? गंगा समेत राज्य की कई नदियां उफान पर हैं, पटना के दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और पूर्वी चंपारण में सिकरहना नदी भी उफान पर है। 2. वज्रपात से किन-किन लोगों की मौत हुई? छपरा के जलालपुर प्रखंड में धान रोपते समय दो युवकों की मौत हुई और एक व्यक्ति झुलस गया, जबकि समहोता गांव में 14 साल के रोहित कुमार की भी बिजली गिरने से मौत हो गई। 3. मुंगेर में सड़क धंसने की वजह क्या बताई जा रही है? स्थानीय निवासियों के मुताबिक सीवरेज और पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की ठीक तरीके से मरम्मत नहीं कराई गई थी, जिसके चलते तेज बारिश में सड़क धंस गई। 4. पूर्वी चंपारण में बाढ़ की वजह क्या है? नेपाल के तराई क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण सुगौली की सिकरहना नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे कई वार्ड और गांव जलमग्न हो गए। 5. मौसम विभाग ने आगे क्या चेतावनी दी है? अगले 48 घंटे तक मानसून सक्रिय रहेगा, 17 जिलों में भारी बारिश और 20 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। https://trendkia.com/bihar/bihar-men-bhari-barisha-ka-kahara-vajrapata-se-tina-janen-gain-ganga-ka-jalastara-khatare-ke-nishana-ke-kariba-8994 TrendKia — Har trend, sabse pehle.