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  "title": "बिहार में प्रशासनिक फेरबदल: सचिवालय सेवा के 20 पदाधिकारियों को मिली नई तैनाती, जानें किसे कौन सा विभाग",
  "summary": "बिहार सरकार ने प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालयों में तैनात बिहार सचिवालय सेवा के 20 प्रशाखा पदाधिकारियों का तबादला कर उन्हें विभिन्न विभागों में नई जिम्मेदारी सौंपी है, साथ ही अवर सचिव का उच्चतर प्रभार भी दिया है।",
  "content": "आदेश का पूरा ब्योरा\nबिहार में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल हुआ है। राज्य सरकार ने एक साथ 20 अधिकारियों का तबादला करते हुए उन्हें नई तैनाती और नई जिम्मेदारी दी है। ये सभी पदाधिकारी अब तक प्रदेश के अलग-अलग प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालयों में कार्यरत थे और अब इन्हें अलग-अलग विभागों में भेजा गया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से बाकायदा अधिसूचना जारी की गई है।\n\nअवर सचिव का उच्चतर प्रभार क्यों दिया गया\nअधिसूचना के मुताबिक, विभिन्न प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालयों में पदस्थापित बिहार सचिवालय सेवा के इन प्रशाखा पदाधिकारियों को अस्थायी कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2003 के आलोक में अवर सचिव के पद का उच्चतर प्रभार सौंपा गया है। इसकी एक खास वजह यह बताई गई है कि प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालयों में अवर सचिव का पद सृजित ही नहीं है, इसलिए इन्हें उच्चतर प्रभार के साथ दूसरे विभागों में भेजा जा रहा है।\n\nएचआरएमएस और कैडर मैपिंग की शर्त\nआदेश में यह भी साफ किया गया है कि मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली यानी एचआरएमएस के अंतर्गत नियमित कर्मियों की कैडर मैपिंग उनके वर्तमान पद और सेवा संवर्ग के अनुसार की जानी है। चेतावनी के तौर पर यह भी जोड़ा गया है कि अगर कैडर मैपिंग नहीं होती है तो संबंधित अधिकारी का अवर सचिव के रूप में वेतन स्थगित किया जा सकता है।\n\nकिसे मिला कौन सा विभाग\nआयुक्त कार्यालय, पटना में तैनात रहे बिकेश कुमार को अब निगरानी विभाग में भेजा गया है। आयुक्त कार्यालय में ही कार्यरत अजीत कुमार को भी निगरानी विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।\n\nनिर्वाचन विभाग में दो अधिकारियों की पदस्थापना हुई है। आयुक्त कार्यालय, पटना में रहे अभिषेक कुमार और आयुक्त कार्यालय, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर में तैनात विनय कुमार श्रीवास्तव, दोनों को निर्वाचन विभाग भेजा गया है।\n\nकोशी प्रमंडल, सहरसा के आयुक्त कार्यालय से दो नाम हैं। सुभाष कुमार को आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार में तैनात किया गया है, जबकि कुमार विमल को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग में भेजा गया है।\n\nपूर्णिया प्रमंडल के आयुक्त कार्यालय में कार्यरत सुमंत कुमार को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, पटना में नई जिम्मेदारी मिली है।\n\nदरभंगा के आयुक्त कार्यालय में तैनात रहे तीन अधिकारियों को अलग-अलग विभाग मिले हैं। नवनीत कुमार दूबे को गन्ना उद्योग विभाग, अनिल कुमार को ऊर्जा विभाग और रामशंकर चौधरी को कृषि विभाग भेजा गया है।\n\nमगध प्रमंडल, गया जी के आयुक्त कार्यालय में रहे सिद्धार्थ पटेल को कृषि विभाग, पटना में पदस्थापित किया गया है।\n\nजल संसाधन विभाग में सबसे ज्यादा तैनाती\nइस फेरबदल में सबसे ज्यादा अधिकारी जल संसाधन विभाग को मिले हैं। मगध के आयुक्त कार्यालय में तैनात अरुण कुमार पांडेय और मगध प्रमंडल में ही कार्यरत सुभाष कुमार को जल संसाधन विभाग भेजा गया है। इसके अलावा भागलपुर के आयुक्त कार्यालय में रहे अनूप रंजन पांडेय, पीयूष कुमार झा और मनजीत कुमार सिंह, तीनों को भी जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।\n\nमुंगेर और सारण के अधिकारी भी इधर उधर\nमुंगेर के आयुक्त कार्यालय में तैनात तीन पदाधिकारियों को तीन अलग विभाग मिले हैं। विक्रांत कुमार रंजन को खान एवं भू तत्व विभाग, ऋषि कुमार को सूचना प्रावैधिकी विभाग और रंजन कुमार को समाज कल्याण विभाग में भेजा गया है। वहीं, सारण प्रमंडल, छपरा के आयुक्त कार्यालय में कार्यरत विनय कुमार को विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में नई तैनाती दी गई है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: राज्य प्रशासन से जुड़े लोगों और कर्मचारियों के लिए यह संकेत है कि सेवा संवर्ग और एचआरएमएस कैडर मैपिंग सीधे वेतन से जुड़ी है, मैपिंग न होने पर अवर सचिव का वेतन रुक सकता है।\n• बिहार में: पटना, मुजफ्फरपुर, सहरसा, पूर्णिया, दरभंगा, गया, भागलपुर, मुंगेर और छपरा के आयुक्त कार्यालयों से जुड़े कामकाज में बदलाव दिखेगा, क्योंकि ये पदाधिकारी अब निगरानी, जल संसाधन, कृषि समेत कई विभागों में जाएंगे।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. बिहार सरकार ने कितने अधिकारियों का तबादला किया है?\nराज्य सरकार ने एक साथ 20 अधिकारियों का तबादला कर उन्हें नई तैनाती दी है।\n\n2. इन अधिकारियों को कौन सा प्रभार दिया गया है?\nइन्हें अस्थायी कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2003 के तहत अवर सचिव के पद का उच्चतर प्रभार दिया गया है, क्योंकि प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालयों में यह पद सृजित नहीं है।\n\n3. सबसे ज्यादा अधिकारी किस विभाग को मिले हैं?\nइस फेरबदल में सबसे ज्यादा पांच अधिकारी जल संसाधन विभाग को भेजे गए हैं।\n\n4. अगर कैडर मैपिंग नहीं हुई तो क्या होगा?\nअधिसूचना के अनुसार कैडर मैपिंग न होने पर संबंधित अधिकारी का अवर सचिव के रूप में वेतन स्थगित हो सकता है।",
  "url": "https://trendkia.com/bihar/bihar-men-prashasanika-pherabadala-sachivalaya-seva-ke-20-padadhikariyon-ko-mili-1345",
  "category": "बिहार",
  "publishedAt": "2026-06-16",
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    "बिहार सरकार तबादला",
    "बिहार सचिवालय सेवा",
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    "अवर सचिव प्रभार",
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    "एचआरएमएस कैडर मैपिंग",
    "अधिकारी ट्रांसफर"
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