बिहार में उच्च शिक्षा, चीनी उद्योग और कानून व्यवस्था को गति, मंत्रिपरिषद् ने 24 बड़े प्रस्तावों पर लगाई मुहर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में आयोजित कैबिनेट बैठक में 24 प्रमुख प्रस्तावों को स्वीकृति मिली, जिसमें दो नए विश्वविद्यालय, गो-धन योजना और वारिसलीगंज चीनी मिल शामिल हैं। राज्य में उच्च शिक्षण संस्थानों के विस्तार, कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और आधुनिक सुरक्षा तंत्र को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में संपन्न हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 24 प्रस्तावों को औपचारिक अनुमोदन दे दिया गया। इस बैठक में लिए गए निर्णयों का सीधा असर राज्य के शैक्षणिक परिदृश्य, ग्रामीण आर्थिकी, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और नागरिक सुविधाओं पर देखने को मिलेगा। उच्च शिक्षा का विस्तार: बेगूसराय और राजधानी में बनेंगे नए विश्वविद्यालय शिक्षा क्षेत्र को सुदृढ़ करने के संकल्प के तहत दो नए उच्च शिक्षण संस्थानों के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के जन्मदिवस के अवसर पर बेगूसराय में उनके नाम पर रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही, राजधानी में बालिकाओं और महिलाओं की उच्च शिक्षा को समर्पित मां सीता महिला विश्वविद्यालय की स्थापना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रारंभिक व्यवस्थाओं को धरातल पर उतारने और प्रशासनिक ढांचे को संचालित करने के लिए इन दोनों संस्थानों के वास्ते अलग-अलग वित्तीय आवंटन सुनिश्चित किया गया है। दोनों विश्वविद्यालयों में संचालन आरंभ करने, अधिकारियों तथा कर्मचारियों के पारिश्रमिक एवं संबंधित स्थापना मदों की पूर्ति के लिए पंद्रह-पंद्रह करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी जारी की गई है। गो-पालकों को संबल: ब्याज भुगतान से पूरी छूट देगी नई योजना पशुधन संरक्षण और ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना को औपचारिक रूप से लागू करने पर सहमति बनी है। यह वित्तीय ढांचा वित्त वर्ष 2026-27 से आरंभ होकर 2028-29 तक, यानी आगामी तीन वर्षों की अवधि के लिए तैयार किया गया है। इस पूरी समय-सीमा में योजना के कार्यान्वयन पर 1,600 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित धनराशि खर्च करने की स्वीकृति दी गई है। इस कल्याणकारी कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रखी गई है कि संस्थागत बैंकों से ऋण लेने वाले पशुपालकों को ब्याज के बोझ से पूर्णतः मुक्त रखा जाएगा। लाभार्थियों को बैंक से प्राप्त ऋण पर शत-प्रतिशत ब्याज अनुदान प्राप्त होगा। इसका सीधा अर्थ यह हुआ कि कर्ज लेने वाले किसानों अथवा पालकों को केवल मूल पूंजी ही चुकानी पड़ेगी, जबकि समस्त संचित ब्याज की भरपाई सरकार अपने स्तर पर वहन करेगी। वारिसलीगंज में चीनी उद्योग को पुनर्जीवन: किसानों को मिलेगा नया बाजार औद्योगिक निवेश और स्थानीय कृषि उत्पादों के मूल्यवर्धन को लेकर नवादा जिले के वारिसलीगंज क्षेत्र में एक आधुनिक चीनी कारखाने की स्थापना का रास्ता साफ हुआ है। इस उपक्रम के लिए संबंधित विभागों के मध्य 99.39 एकड़ भूमि के स्थाई और पूर्णतः निःशुल्क अंतरण को मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी औद्योगिक परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये से अधिक का पूंजी निवेश आने की संभावना व्यक्त की गई है। इस कारखाने के अस्तित्व में आने से केवल नवादा ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों जैसे नालंदा, शेखपुरा और जमुई के काश्तकारों को भी गन्ने की फसल का सुनिश्चित बाजार मिलेगा। इससे नकदी फसल उत्पादन के साथ-साथ ढुलाई, भंडारण और स्थानीय रोजगार की गतिविधियों में व्यापक उछाल आने की आशा है। सुरक्षा बलों का आधुनिकीकरण: ड्रोन निगरानी और नए तकनीकी संसाधन राज्य के आंतरिक सुरक्षा तंत्र को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप ढालने के लिए भी बड़े वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। केंद्रीय सहायता प्राप्त पुलिस आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत पचास उच्च क्षमता वाले ड्रोन की खरीद हेतु 24.50 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इन मानवरहित विमानों को संवेदनशील नदी कछारों में खोज अभियानों, उग्रवाद एवं संगठित अपराध रोधी कार्रवाइयों, बड़े जनसमूह के नियंत्रण और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत कार्यों की निगरानी में तैनात किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जिला स्तर के सुरक्षा बलों, रेल पुलिस, मद्यनिषेध विंग और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के कार्य संचालन को बेहतर बनाने और लोक भवन के रख-रखाव उपकरणों के प्रबंध हेतु 3368.50 लाख रुपये (लगभग 33.69 करोड़ रुपये) की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इन संसाधनों से गश्ती और विशेष अभियानों की दक्षता में सुधार होगा। कोसी क्षेत्र में श्वेत क्रांति और आधुनिक पशु चिकित्सा ढांचा डेयरी प्रसंस्करण क्षमताओं को ऊंचाई देने के लिए सुपौल, मधेपुरा और सहरसा जिलों में 126.07 करोड़ रुपये से अधिक लागत की योजनाओं को हरी झंडी दिखाई गई है। इस निवेश से दही निर्माण इकाई, प्रीमियम श्रेणी के आइसक्रीम प्लांट, संतुलित पशु आहार तैयार करने हेतु टोटल मिक्स्ड राशन प्लांट तथा दुग्ध शीतलन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। दूध के तीव्र प्रशीतन के लिए विशेष बीएमसीयू आधारित त्वरित चिलिंग सिस्टम भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मानकीकृत रूप देने के उद्देश्य से 'बिहार पशु चिकित्सा अवस्थरचना एवं सेवा सुदृढ़ीकरण नीति' को सैद्धांतिक रूप से स्वीकृत किया गया है। अस्पतालों में डिजिटल प्रणाली और समन्वय के लिए विशेष पोर्टल चिकित्सा क्षेत्र में पारदर्शिता और मरीजों की सुविधा के लिए 12 प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में सी-डैक निर्मित 'ई-सुश्रुत एनएक्स' सॉफ्टवेयर को लागू किया जाएगा। प्रथम चरण में तीन वर्षों के संचालन पर तकरीबन 29.80 करोड़ रुपये का व्यय आएगा। यदि यह व्यवस्था सफल रहती है, तो आगामी दो अतिरिक्त वर्षों के विस्तार हेतु 10.98 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का प्रावधान पहले ही कर दिया गया है। वहीं, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में लंबित पड़े राज्य से संबंधित नीतिगत एवं वित्तीय मामलों की दैनिक निगरानी के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के तकनीकी सहयोग से 'समन्वय पोर्टल' विकसित करने का फैसला हुआ है। ऊर्जा कर्मियों के देय और नगर निकाय के दायित्वों पर राहत विद्युत विभाग के पुराने कर्मचारियों के हितों की रक्षा करते हुए पूर्ववर्ती राज्य बिजली बोर्ड के कर्मियों के 757.63 करोड़ रुपये के अनफंडेड टर्मिनल बेनिफिट को पांच बराबर वार्षिक किस्तों में बिहार स्टेट पावर कंपनी लिमिटेड को देने की अनुमति दी गई। दूसरी ओर, पटना नगर निगम के पुराने बकाये में से 41.00 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को सहायता अनुदान के रूप में समायोजित करने और उपयोगिता प्रमाण-पत्र (यूसी/डीसी) की कानूनी बाध्यता में शिथिलता प्रदान करने का निर्णय भी इस बैठक में लिया गया। इसका आप पर असर मंत्रिपरिषद के इन निर्णयों से किसानों, पशुपालकों, छात्रों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न तबकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। • बिहार में: प्रदेश के पशुपालकों को संस्थागत कर्ज पर शत-प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलने से उनकी उत्पादन लागत घटेगी। वहीं सुरक्षा बलों को 50 आधुनिक ड्रोन मिलने से आपदा प्रबंधन और कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले से अधिक पुख्ता होगी। • नवादा और आसपास: वारिसलीगंज में 500 करोड़ रुपये की चीनी मिल लगने से नवादा, नालंदा, शेखपुरा और जमुई के किसानों को फसल बेचने की सीधी सुविधा मिलेगी। बेगूसराय और पटना में नए विश्वविद्यालयों के संचालन से स्थानीय छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के बेहतर विकल्प सुलभ होंगे। • कोसी अंचल में: सुपौल, सहरसा और मधेपुरा में 126.07 करोड़ रुपये के डेयरी प्लांट लगने से दुग्ध उत्पादकों को दूध का उचित मूल्य मिलेगा। 12 मेडिकल संस्थानों में डिजिटल प्रणाली लागू होने से मरीजों के पंजीकरण और इलाज की प्रक्रिया सरल बनेगी। • बिजली कर्मियों के लिए: पूर्ववर्ती विद्युत बोर्ड के कर्मियों के 757.63 करोड़ रुपये के लाभों का भुगतान सुनिश्चित होने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा बढ़ेगी। नगर निगम के बकाये के समायोजन से राजधानी में नागरिक विकास कार्यों की गति तेज हो सकेगी। ऐसा क्यों हुआ राज्य में कृषि आय को सहारा देने, उच्च शिक्षा का क्षेत्रीय संतुलन सुधारने और आंतरिक सुरक्षा को आधुनिक तकनीकों से लैस करने के लिए इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। • शैक्षणिक एवं औद्योगिक मांग: बेगूसराय में लंबे समय से राष्ट्रकवि के नाम पर विश्वविद्यालय की मांग थी, जबकि नवादा क्षेत्र में बंद पड़े चीनी उद्योग को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। वारिसलीगंज में 99.39 एकड़ सरकारी भूमि का हस्तांतरण इसी औद्योगिक गतिरोध को दूर करने के लिए किया गया। • पशुपालकों की वित्तीय दिक्कतें: ग्रामीण क्षेत्रों में दूध उत्पादन की अपार संभावनाओं के बावजूद किसानों को ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता था। गो-धन योजना के तहत ब्याज का पूरा बोझ सरकार द्वारा उठाने से किसानों को शून्य-ब्याज पूंजी मिल सकेगी। • तकनीकी उन्नयन की अनिवार्यता: सुदूरवर्ती दियारा और उग्रवाद प्रभावित इलाकों में मानवीय गश्त की सीमाओं को देखते हुए आधुनिक निगरानी की जरूरत थी। इसी कारण केंद्र प्रायोजित पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत उच्च क्षमता वाले 50 ड्रोन की खरीद का निर्णय लिया गया। सवाल-जवाब 1. मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल कितने एजेंडों पर निर्णय लिया गया? मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित इस कैबिनेट बैठक में कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। 2. किन दो नए विश्वविद्यालयों की स्थापना को प्रशासनिक मंजूरी मिली है? बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय और पटना में मां सीता महिला विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी मिली है। 3. मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना में पशुपालकों को क्या वित्तीय लाभ मिलेगा? इस योजना के तहत पशुपालकों को बैंक ऋण पर 100 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी मिलेगी, जिससे उन्हें केवल मूलधन चुकाना होगा। 4. वारिसलीगंज चीनी मिल के लिए कितनी जमीन और कितने निवेश का अनुमान है? इस चीनी मिल के लिए 99.39 एकड़ जमीन हस्तांतरित की गई है और इसमें 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावना है। 5. पुलिस आधुनिकीकरण के तहत कितने ड्रोन खरीदे जाएंगे? आपदा प्रबंधन और निगरानी कार्यों के लिए 24.50 करोड़ रुपये की लागत से 50 आधुनिक ड्रोन खरीदे जाएंगे। 6. स्वास्थ्य क्षेत्र में कौन सा डिजिटल एप्लिकेशन लागू किया जा रहा है? राज्य के 12 चिकित्सा संस्थानों में सी-डैक द्वारा विकसित 'ई-सुश्रुत एनएक्स' एप्लिकेशन लागू किया जाएगा। https://trendkia.com/bihar/bihar-men-uchcha-shiksha-chini-udyoga-aura-kanuna-vyavastha-ko-gati-mntriparishad-ne-24-bare-prastavon-para-lagai-muhara-37573 TrendKia — Har trend, sabse pehle.