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  "title": "बिहार वेटरनरी कॉलेज में तैयार होगा देश का सबसे बड़ा पशु ब्लड बैंक, कुत्ते-बिल्ली से लेकर गाय तक को मिलेगा फायदा",
  "summary": "पटना के बिहार वेटरनरी कॉलेज स्थित क्लीनिकल कॉम्प्लेक्स में पशुओं के लिए हाईटेक ब्लड बैंक बनाने की तैयारी चल रही है, जहां हर पशु को उसके ब्लड ग्रुप के अनुसार समय पर खून मिल सकेगा।",
  "content": "इंसानों की तरह जानवरों को भी बीमारी, चोट या ऑपरेशन के दौरान कई बार खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है, और वक्त पर खून न मिले तो उनकी जान पर बन आती है। बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय अब इस जरूरत को पूरा करने के लिए बिहार वेटरनरी कॉलेज के क्लीनिकल कॉम्प्लेक्स में पशुओं के लिए एक हाईटेक ब्लड बैंक तैयार करने जा रहा है, जहां पशुओं को उनके ब्लड ग्रुप के हिसाब से समय पर खून मिल सकेगा।\n\nगिनी-चुनी यूनिवर्सिटी में है यह सुविधा\nबिहार वेटरनरी कॉलेज के डीन डॉ. पल्लव शेखर ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि देश में अभी बहुत कम विश्वविद्यालयों के पास पशुओं के लिए ब्लड बैंक की सुविधा है। बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय जल्द ही इस छोटी सी सूची में शामिल होने वाला है, और इस दिशा में काम तेजी से चल रहा है।\n\nकब पड़ती है पशुओं को खून चढ़ाने की जरूरत\nडॉ. शेखर के मुताबिक पशुओं में खून चढ़ाने की नौबत तब आती है जब ब्लड टेस्ट में हीमोग्लोबिन का स्तर 5 या उससे नीचे आ जाए, या फिर पीसीवी यानी पैक्ड सेल वॉल्यूम 12 से कम हो जाए। ऐसा होने की कई वजहें हो सकती हैं। कुछ बीमारियां शरीर में रेड ब्लड सेल को तोड़ने लगती हैं, जिससे धीरे-धीरे खून की कमी होती जाती है और पशु एनीमिया की चपेट में आ जाता है। इसके अलावा भोजन में आयरन और कॉपर जैसे जरूरी खनिज तत्वों की कमी भी खून घटने की बड़ी वजह बनती है। पशुओं के पेट में मौजूद कई तरह के अंदरूनी परजीवी यानी कीड़े भी खून चूसते हैं और आंतों से खून रिसने का कारण बनते हैं, वहीं कुछ बाहरी परजीवी भी पशुओं का खून चूसकर उन्हें कमजोर करते हैं।\n\nदेश का सबसे बड़ा पशु क्लीनिकल कॉम्प्लेक्स बनेगा पटना में\nडॉ. पल्लव शेखर ने बताया कि बिहार वेटरनरी कॉलेज में सिर्फ बिहार का ही नहीं, बल्कि पूरे देश का सबसे बड़ा पशु क्लीनिकल कॉम्प्लेक्स तैयार हो रहा है। आने वाले कुछ महीनों में बिहार सरकार इस क्लीनिकल कॉम्प्लेक्स को संस्थान के हवाले कर देगी, और इसी परिसर में पशुओं के लिए ब्लड बैंक बनाने की तैयारी है। उन्होंने यह भी बताया कि देश में जिन गिनी-चुनी जगहों पर पशुओं के लिए ब्लड बैंक मौजूद हैं, वहां भी सीमित प्रजातियों के पशुओं के लिए ही खून उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन बिहार वेटरनरी कॉलेज में बनने वाला यह ब्लड बैंक लगभग हर तरह के पशु के लिए काम करेगा। इसे एक साथ नहीं, बल्कि चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। पहले चरण में पालतू पशुओं जैसे कुत्ते और बिल्लियों के लिए खून की सुविधा दी जाएगी, इसके बाद धीरे-धीरे इसका दायरा बाकी पशुओं तक बढ़ाया जाएगा।\n\nइंसानों की तरह पशुओं में भी होते हैं अलग-अलग ब्लड ग्रुप\nजिस तरह इंसानों के अलग-अलग ब्लड ग्रुप होते हैं, ठीक उसी तरह हर पशु प्रजाति का अपना अलग ब्लड ग्रुप सिस्टम होता है। कुत्तों में डीईए ब्लड टाइप पाया जाता है, जबकि बिल्लियों में मुख्य रूप से ए, बी और एबी ब्लड टाइप होते हैं। गायों में तो पूरे 11 ब्लड ग्रुप सिस्टम पाए जाते हैं, जिनमें A, B, C, F, J, L, M, R, S, T और Z शामिल हैं। घोड़ों में 8 ब्लड ग्रुप सिस्टम होते हैं, जिनमें A, C, D, K, P, Q, U और T आते हैं। भेड़ और बकरियों में भी अपने अलग ब्लड ग्रुप सिस्टम पाए जाते हैं, और बाकी पशुओं में भी इसी तरह की विविधता देखने को मिलती है। यही वजह है कि पशुओं को खून चढ़ाने से पहले उनके ब्लड ग्रुप का मिलान करना उतना ही जरूरी होता है, जितना इंसानों में किया जाता है।\n\nक्यों अहम है यह पहल\nयह ब्लड बैंक शुरू होने के बाद बिहार में पशु चिकित्सा से जुड़ी सुविधाओं में बड़ा इजाफा होगा। अभी तक गंभीर बीमारी, दुर्घटना या ऑपरेशन के दौरान सही समय पर खून न मिलने से पशुओं की जान चली जाती थी, लेकिन इस सुविधा के शुरू होने के बाद पशु पालकों और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। पशु चिकित्सकों के लिए भी इलाज के दौरान जरूरी खून समय पर मुहैया कराना आसान हो जाएगा।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: अगर यह मॉडल कामयाब रहता है तो देश के दूसरे राज्यों में भी पशुओं के लिए ऐसी ब्लड बैंक सुविधाएं शुरू होने की राह खुल सकती है, जिससे पालतू पशुओं और पशुपालन से जुड़े लोगों को फायदा होगा।\n• बिहार-पटना में: पटना में यह हाईटेक ब्लड बैंक शुरू होने के बाद यहां के पशु पालकों, किसानों और पशु चिकित्सकों को इमरजेंसी में समय पर खून मिलने की सुविधा मिलेगी, जिससे गंभीर बीमारी या दुर्घटना में पशुओं की जान बचाने में मदद मिलेगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. पटना में पशुओं के लिए ब्लड बैंक कहां बनेगा?\nयह ब्लड बैंक बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के बिहार वेटरनरी कॉलेज स्थित क्लीनिकल कॉम्प्लेक्स में बनाया जाएगा।\n\n2. पशुओं को खून चढ़ाने की जरूरत कब पड़ती है?\nजब ब्लड टेस्ट में हीमोग्लोबिन का स्तर 5 या उससे नीचे आ जाए, या पीसीवी 12 से कम हो जाए, तब पशुओं को खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है।\n\n3. पशुओं में खून की कमी की वजह क्या होती है?\nरेड ब्लड सेल तोड़ने वाली बीमारियां, आयरन-कॉपर जैसे खनिज तत्वों की कमी, और अंदरूनी-बाहरी परजीवी खून चूसकर पशुओं को एनीमिया का शिकार बना देते हैं।\n\n4. क्या पशुओं के भी इंसानों की तरह अलग ब्लड ग्रुप होते हैं?\nहां, कुत्तों में डीईए, बिल्लियों में ए-बी-एबी, गायों में 11 और घोड़ों में 8 ब्लड ग्रुप सिस्टम पाए जाते हैं।\n\n5. यह ब्लड बैंक किन पशुओं के लिए शुरू किया जाएगा?\nपहले चरण में पालतू पशुओं जैसे कुत्ते-बिल्लियों के लिए यह सुविधा शुरू होगी, बाद में धीरे-धीरे अन्य पशुओं तक इसका विस्तार किया जाएगा।\n\n6. यह जानकारी किसने दी है?\nबिहार वेटरनरी कॉलेज के डीन डॉ. पल्लव शेखर ने यह जानकारी दी है।",
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  "category": "बिहार",
  "publishedAt": "2026-07-16",
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