बिहार विधान परिषद चुनाव में बिखरा विपक्षी मोर्चा, कांग्रेस ने उतारे 5 प्रत्याशी बिहार विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक कोटे की सीटों पर राजद से तनातनी के बाद कांग्रेस ने 5 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, जिससे चार सीटों पर सीधा टकराव तय हो गया है। बिहार विधान परिषद के आगामी चुनावों को लेकर विपक्षी महागठबंधन में दरार खुल गई है। राष्ट्रीय जनता दल द्वारा बिना सहमति के उम्मीदवारों की घोषणा किए जाने के बाद अब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने भी राज्य में अपने 5 प्रत्याशियों के नामों पर मुहर लगा दी है। कांग्रेस नेतृत्व के इस कदम से दोनों दलों के बीच चुनावी तालमेल टूट गया है और कम से कम चार सीटों पर महागठबंधन के प्रमुख सहयोगी आमने-सामने मैदान में उतर गए हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे ने दी 5 नामों को मंजूरी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 के तहत स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक चुनाव के लिए अधिकृत सूची जारी की। पार्टी ने दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. मदन मोहन झा को अपना उम्मीदवार बनाया है। इसके साथ ही कोसी स्नातक सीट से मनोज कुमार जायसवाल के नाम को हरी झंडी दी गई है। पटना और दरभंगा की अन्य सीटों पर उम्मीदवार पार्टी की ओर से घोषित सूची में दरभंगा स्नातक क्षेत्र से रजनीकांत पाठक को चुनावी मैदान में उतारा गया है। वहीं पटना शिक्षक क्षेत्र से डॉ. संजय यादव और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. असदुल्लाह खान को कांग्रेस का आधिकारिक प्रत्याशी घोषित किया गया है। सीटों पर सहयोगी दलों में सीधी भिड़ंत राजद की तरफ से पहले ही बिना किसी साझा बातचीत के अपने उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद कांग्रेस ने यह स्वतंत्र सूची जारी की है। इस फैसले के चलते दोनों दल कई सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मुकाबले में उतर गए हैं, जिसे राजनीतिक हलकों में दोस्ताना संघर्ष के तौर पर भी देखा जा रहा है। विपक्षी खेमे में उभरी यह दरार चुनावी समीकरणों को पूरी तरह से बदल रही है। इसका आप पर असर बिहार विधान परिषद चुनाव में विपक्षी दलों के अलग-अलग उतरने से स्नातक और शिक्षक मतदाताओं के चुनावी विकल्प बदल गए हैं। • भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच राज्यों में आपसी खींचतान का असर साझा रणनीति पर पड़ सकता है। क्षेत्रीय चुनावों में सीट बंटवारे पर असहमति से राष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त मोर्चे की बातचीत पर दबाव बढ़ता है। • बिहार में: राज्य में पंजीकृत स्नातक और शिक्षक मतदाता अब गठबंधन के साझा प्रत्याशी के बजाय कांग्रेस और राजद दोनों के प्रत्याशियों को अलग-अलग मतपत्र पर पाएंगे। इससे शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में विपक्षी वोटों का विभाजन होने की संभावना बढ़ गई है। • मतदाताओं के लिए: शिक्षक और स्नातक क्षेत्रों के मतदाताओं को अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते समय अब दोनों पार्टियों के अलग-अलग घोषणापत्रों और उम्मीदवारों की प्राथमिकताओं को देखना होगा। चुनावी मुकाबला बहुकोणीय होने से मतदान के समीकरणों में बदलाव तय है। • उम्मीदवारों के लिए: मैदान में उतरे सभी प्रत्याशियों को अब केवल विपक्षी प्रतिद्वंद्वियों ही नहीं, बल्कि अपने सहयोगी दलों के उम्मीदवारों से भी सीधा मुकाबला लड़ना होगा। इससे प्रचार अभियान की लागत, रणनीति और जमीनी समीकरणों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। ऐसा क्यों हुआ विपक्षी गठबंधन में यह टकराव आपसी संवाद के अभाव और सीटों पर एकतरफा दावों की वजह से शुरू हुआ। दोनों दलों द्वारा अपनी-अपनी दावेदारी छोड़ने से इनकार करने के कारण सुलह का रास्ता बंद हो गया। • सीटों पर एकतरफा घोषणा: राजद द्वारा बिना कांग्रेस नेतृत्व से चर्चा किए उम्मीदवारों के नाम तय करने से गठबंधन का औपचारिक तालमेल टूट गया। इस फैसले ने कांग्रेस को अपनी अलग सूची जारी करने के लिए प्रेरित किया। • स्थानीय प्रभाव का दावा: शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में दोनों दल अपने पारंपरिक जनाधार और मजबूत उम्मीदवारों को मैदान में उतारना चाहते थे। सीटों के बंटवारे पर आम सहमति न बन पाना मतभेद का मुख्य कारण बना। • पूर्व में हुए टकराव: बिहार के स्थानीय निकाय और द्विवार्षिक चुनावों में दोनों दल पहले भी स्वतंत्र रूप से आमने-सामने आते रहे हैं। इस तरह के दोस्ताना मुकाबलों से सहयोगी दलों के बीच रणनीतिक खींचतान बार-बार उभरती है। सवाल-जवाब 1. कांग्रेस ने बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए कितने उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं? कांग्रेस पार्टी ने स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए कुल 5 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। 2. दरभंगा शिक्षक सीट से कांग्रेस का उम्मीदवार कौन है? दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. मदन मोहन झा को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया है। 3. कोसी स्नातक सीट से किसे चुनावी मैदान में उतारा गया है? कोसी स्नातक सीट से मनोज कुमार जायसवाल को कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रत्याशी बनाया गया है। 4. पटना के दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से कांग्रेस के कौन से उम्मीदवार मैदान में हैं? पटना शिक्षक सीट से डॉ. संजय यादव और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. असदुल्लाह खान को प्रत्याशी बनाया गया है। https://trendkia.com/bihar/bihar-vidhana-parishada-chunava-men-bikhara-vipakshi-morcha-congress-ne-utare-5-pratyashi-41587 TrendKia — Har trend, sabse pehle.