# कालिकट यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव नतीजों के बाद अस्पताल में खूनी टकराव, एसएफआई कार्यकर्ताओं पर इमरजेंसी में हमला

> कालिकट यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव जीतने के बाद एसएफआई और एमएसएफ कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प हो गई, जिसके बाद अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में घुसकर घायल छात्रों पर हमला किया गया.

**Type:** article · **Category:** बिहार · **Published:** 2026-10-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bihar/calicut-university-chhatrasngha-chunava-natijon-ke-bada-aspatala-men-khuni-takarava-sfi-karyakartaon-para-imarajensi-men-hamala-53489 · **Language:** Hindi
**Tags:** कालिकट यूनिवर्सिटी, एसएफआई, एमएसएफ, छात्रसंघ चुनाव, केरल हिंसा, अस्पताल हमला

केरल स्थित कालिकट यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद परिसर की राजनीति बेहद उग्र और हिंसक रूप में तब्दील हो गई. छात्रसंघ चुनाव में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने जीत हासिल की, लेकिन इस जीत के तुरंत बाद दोनों प्रमुख छात्र संगठनों के बीच गंभीर तनाव पैदा हो गया. विवाद केवल शैक्षणिक परिसर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अस्पताल के भीतर तक पहुंच गया. आरोप है कि मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन (एमएसएफ) के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में जबरन घुसकर वहां पहले से इलाज करवा रहे एसएफआई कार्यकर्ताओं पर लोहे की रॉड, लाठी-डंडों और अग्निशामक यंत्र से जानलेवा हमला कर दिया. इस हिंसक वारदात में कई छात्र गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं.

## मतगणना के समय शुरू हुआ दोनों पक्षों में विवाद
इस पूरे खूनी संघर्ष की शुरुआत कालिकट यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव की मतगणना के दौरान हुई थी. वोटों की गिनती शुरू होते ही दोनों छात्र गुटों के बीच पहले तीखी बहसबाजी हुई. देखते ही देखते यह मौखिक विवाद हाथापाई और हिंसक झड़प में बदल गया. दोनों पक्षों के अज्ञात कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर हमला बोल दिया. कुछ देर बाद जब चुनाव परिणाम सामने आए, तो उसमें एसएफआई ने आधिकारिक जीत दर्ज की. इस परिणाम के बाद दोनों संगठनों के बीच तनाव कम होने के बजाय और ज्यादा भड़क गया. परिसर में हुई इस शुरुआती मारपीट के बाद घायल छात्रों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया था.

## अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रॉड और डंडों से हमला
परिसर की झड़प के बाद घायल एसएफआई कार्यकर्ता जब अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती होकर इलाज करा रहे थे, तभी वहां विरोधी गुट के हमलावर आ धमके. आरोप के मुताबिक एमएसएफ कार्यकर्ता सीधे इमरजेंसी वार्ड में घुस गए और उन्होंने भर्ती छात्रों पर रॉड तथा डंडों से ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए. इतना ही नहीं, हमलावरों ने वार्ड में रखे अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंगुइशर) को भी हथियार की तरह इस्तेमाल करते हुए छात्रों पर प्रहार किया. इस हमले में कई एसएफआई कार्यकर्ताओं के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं. एसएफआई के राज्य अध्यक्ष शिवप्रसाद के अनुसार, संगठन के एक कार्यकर्ता की नाक की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है, जिसके इलाज के लिए उसे सर्जरी करानी पड़ेगी, जबकि एक अन्य कार्यकर्ता पर सीधे अग्निशामक यंत्र से हमला किया गया.

## डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने सुरक्षा पर जताई चिंता
अस्पताल जैसे संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर हुए इस हमले से ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों में भारी भय का माहौल है. घटना के बाद सामने आए वीडियो में डॉक्टरों और कर्मचारियों ने अपनी व्यथा व्यक्त की है. मेडिकल स्टाफ ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों पर अचानक इस तरह हमला होते देखकर वे पूरी तरह स्तब्ध रह गए. हालात इतने अनियंत्रित और हिंसक थे कि अस्पताल के कर्मचारियों के लिए हमलावरों को रोकना बिल्कुल नामुमकिन हो गया था. इस खौफनाक वारदात ने चिकित्सा संस्थानों में मरीजों और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

## छात्र संगठनों की पृष्ठभूमि और सख्त कार्रवाई की मांग
इस टकराव में शामिल दोनों संगठनों की मजबूत राजनीतिक पृष्ठभूमि है. एमएसएफ यानी मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की छात्र शाखा है, जबकि एसएफआई वामपंथी विचारधारा से जुड़ा छात्र संगठन है. एसएफआई नेतृत्व ने अस्पताल में घुसकर किए गए इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और पुलिस प्रशासन से सभी दोषियों को तुरंत चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. चुनावी मतभेदों के चलते अस्पताल परिसर के भीतर मरीजों पर हुए इस हमले के बाद पुलिस जांच पर सबकी निगाहें टिकी हैं.

## इसका आप पर असर
शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक अस्पतालों में राजनीतिक हिंसा आम नागरिकों और मरीजों की सीधी सुरक्षा पर गंभीर असर डालती है.

- **भारत में:** कॉलेज परिसरों से लेकर अस्पतालों तक हिंसक झड़पें सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर करती हैं. आम नागरिकों और छात्रों के लिए ऐसी घटनाएं शिक्षण परिसरों में भय का माहौल तैयार करती हैं.
- **केरल में:** कालिकट यूनिवर्सिटी और आसपास के क्षेत्रों में छात्र राजनीति के हिंसक होने से स्थानीय कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है. अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में हुए इस उपद्रव के चलते वहां आने वाले मरीजों और मेडिकल स्टाफ को असुरक्षा का सामना करना पड़ा है.
- **छात्रों और अभिभावकों के लिए:** विश्वविद्यालय परिसरों में चुनावी हिंसा से शैक्षणिक गतिविधियां बाधित होने की आशंका पैदा होती है. ऐसे संवेदनशील माहौल में छात्रों को राजनीतिक टकराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने की जरूरत होती है.
- **मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए:** आपातकालीन वार्ड में हमला होने से गंभीर मरीजों के तत्काल इलाज में बाधा पहुंचती है. मेडिकल स्टाफ के लिए असुरक्षित माहौल में काम करना मुश्किल हो जाता है, जिससे सुरक्षा बढ़ाने की मांग जोर पकड़ती है.

## ऐसा क्यों हुआ
यह हिंसक घटना कालिकट यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव की मतगणना के दौरान पैदा हुए मतभेदों और राजनीतिक रंजिश का सीधा परिणाम थी.

- **मतगणना के दौरान विवाद:** छात्रसंघ चुनाव की मतगणना शुरू होते ही एसएफआई और एमएसएफ कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई, जिसने तेजी से हिंसक रूप ले लिया.
- **चुनावी हार-जीत का तनाव:** एसएफआई द्वारा चुनाव में जीत दर्ज किए जाने के बाद दोनों गुटों के बीच राजनीतिक तनाव और ज्यादा बढ़ गया.
- **प्रतिशोध की कार्रवाई:** परिसर में हुई मारपीट के बाद घायल छात्रों को अस्पताल ले जाया गया, जहां विरोधी कार्यकर्ताओं ने प्रतिशोध में इमरजेंसी वार्ड के भीतर घुसकर हमला किया.
- **अस्पतालों में सुरक्षा की कमी:** इमरजेंसी वार्ड में सुरक्षा घेरा मजबूत न होने के कारण हमलावर आसानी से लाठी, रॉड और अग्निशामक यंत्र लेकर मरीजों तक पहुंच गए.

## सवाल-जवाब

### 1. कालिकट यूनिवर्सिटी में विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ?
कालिकट यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव की मतगणना के दौरान एसएफआई और एमएसएफ कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी हुई, जो हिंसक मारपीट में बदल गई.

### 2. छात्रसंघ चुनाव में किस संगठन ने जीत हासिल की?
कालिकट यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने जीत दर्ज की.

### 3. अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में क्या हुआ?
आरोप है कि एमएसएफ कार्यकर्ताओं ने अस्पताल की इमरजेंसी में घुसकर वहां भर्ती घायल एसएफआई कार्यकर्ताओं पर रॉड, डंडों और अग्निशामक यंत्र से हमला किया.

### 4. हमले में घायल छात्रों की हालत कैसी है?
एसएफआई के राज्य अध्यक्ष के अनुसार, कई छात्र घायल हैं और एक कार्यकर्ता की नाक में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है जिसकी सर्जरी करानी पड़ेगी.

### 5. अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों की क्या प्रतिक्रिया थी?
डॉक्टरों और मेडिकल कर्मचारियों ने बताया कि इमरजेंसी में मरीजों पर हमला देखकर वे हैरान रह गए और उनके लिए हमले को रोकना मुश्किल हो गया था.

### 6. एमएसएफ और एसएफआई किन राजनीतिक दलों के छात्र संगठन हैं?
एमएसएफ इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) का छात्र संगठन है, जबकि एसएफआई वामपंथी विचारधारा से जुड़ा छात्र संगठन है.

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