छपरा में खड़ा हुआ उत्तर बिहार का सबसे बड़ा सोलर पावर प्लांट, अब खेती से लेकर उद्योग तक सबको मिलेगी पर्याप्त बिजली बिहार के छपरा जिले में लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से 2.9 मेगावाट का ग्रिड-कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट चालू हो गया है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत स्थापित यह प्लांट उत्तर बिहार का अब तक का सबसे बड़ा सोलर प्लांट है। छपरा में बिजली की नई उम्मीद बिहार के छपरा जिले के मांझी नगर पंचायत उत्तर टोला में उत्तर बिहार का सबसे बड़ा सोलर पावर प्लांट शुरू हो गया है। लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस प्लांट के आने से इलाके में बिजली की पुरानी किल्लत से राहत मिलने की उम्मीद बंधी है। घरेलू जरूरतों के अलावा उद्योग-धंधों और खेती-बाड़ी के लिए भी बिजली उपलब्ध कराने का रास्ता अब खुल गया है। 2.9 मेगावाट का ग्रिड-कनेक्टेड सोलर प्लांट यह सोलर पावर प्लांट 2.9 मेगावाट की क्षमता का ग्रिड-कनेक्टेड प्लांट है। शुरुआती जानकारी के अनुसार यह 8 एकड़ जमीन पर स्थापित है। इंजीनियर Nagmani Kumar ने TrendKia को बताया कि यह प्लांट 16 एकड़ में फैला हुआ है और पावर ग्रिड को बिजली की सप्लाई शुरू हो चुकी है। उन्होंने बताया कि प्लांट का शुभारंभ भी हो गया है और बिजली सप्लाई जारी है। Havells के सहयोग से PKVN Solar Private Limited कर रहा है संचालन इस सोलर प्लांट का संचालन PKVN Solar Private Limited द्वारा Havells के सहयोग से किया जा रहा है। यहां उत्पन्न होने वाली बिजली को सीधे राज्य के विद्युत ग्रिड में भेजा जाएगा। इसके बाद बिजली विभाग जरूरत के अनुसार इसे अलग-अलग क्षेत्रों में वितरित करेगा। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत हुई स्थापना यह प्लांट केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत लगाया गया है। इस योजना का मकसद ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में सौर ऊर्जा के जरिए बिजली उत्पादन को बढ़ावा देना है। उद्योग, कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं को राहत फिलहाल पूरे क्षेत्र में बिजली की खपत उत्पादन के मुकाबले काफी ज्यादा है, जिसकी वजह से लोगों को कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। इस सोलर प्लांट के चालू होने के बाद घरेलू कनेक्शन की आपूर्ति बेहतर होगी और बची हुई बिजली उद्योग, फैक्ट्रियों और कृषि कार्यों के लिए दी जाएगी। Nagmani Kumar ने बताया कि स्थानीय बिजली पावर प्लांट में अब बिजली की कमी नहीं होगी, जिससे लोग छोटे-छोटे उद्योग और खेती से जुड़े काम करके अपनी आजीविका बेहतर बना सकेंगे। कुटीर उद्योगों को भी इस प्लांट से खासा फायदा मिलने की उम्मीद है। दर्जनों स्थानीय लोगों को मिला रोजगार इस प्रोजेक्ट ने सिर्फ बिजली ही नहीं बल्कि रोजगार का भी इंतजाम किया है। प्लांट के लगने से जमीन मालिकों सहित दर्जनों स्थानीय लोगों को काम मिला है, जिससे क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। तीन और सोलर प्लांट लगाने की योजना Nagmani Kumar ने TrendKia को यह भी बताया कि इस तरह के तीन और सोलर पावर प्लांट लगाए जाने की योजना है। परसा और रसूलपुर पकवान इनार के पास दो और ऐसे प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इनके चालू होने के बाद बिहार के और भी इलाकों में भरपूर बिजली पहुंचाई जा सकेगी। इसका आप पर असर • बिहार में: राज्य के छोटे उद्यमियों, किसानों और कारोबारियों को ज्यादा स्थिर बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है, जिससे उद्योग और कृषि कार्यों में होने वाली रुकावटें कम होंगी। • छपरा में: स्थानीय लोगों को घरेलू और औद्योगिक दोनों जरूरतों के लिए बेहतर बिजली मिलेगी और प्लांट से दर्जनों लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिले हैं। सवाल-जवाब 1. यह सोलर प्लांट कहां लगाया गया है? यह प्लांट छपरा जिले के मांझी नगर पंचायत उत्तर टोला में स्थापित किया गया है। 2. इस सोलर प्लांट की लागत कितनी है? यह सोलर पावर प्लांट लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। 3. इस प्लांट की बिजली उत्पादन क्षमता क्या है? यह 2.9 मेगावाट की क्षमता का ग्रिड-कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट है। 4. यह प्लांट कितनी जमीन पर फैला है? इसे 8 एकड़ जमीन पर बताया गया है, हालांकि इंजीनियर Nagmani Kumar के अनुसार यह 16 एकड़ में फैला हुआ है। 5. इस प्लांट का संचालन कौन करेगा? इसका संचालन PKVN Solar Private Limited द्वारा Havells के सहयोग से किया जा रहा है। 6. यह प्लांट किस सरकारी योजना के तहत बना है? यह प्लांट प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत स्थापित किया गया है। 7. क्या इस प्रोजेक्ट से स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है? हां, इस प्लांट के लगने से जमीन मालिकों सहित दर्जनों स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है। 8. क्या आगे और सोलर प्लांट लगाने की योजना है? हां, तीन और सोलर पावर प्लांट लगाने की योजना है, जिनमें से दो परसा और रसूलपुर पकवान इनार के पास स्थापित किए जाएंगे। https://trendkia.com/bihar/chhapara-men-khara-hua-uttara-bihar-ka-sabase-bara-solara-pavara-planta-aba-khet-1834 TrendKia — Har trend, sabse pehle.