चित्रकूट में मूसलाधार बारिश से उफान पर मंदाकिनी नदी, रामघाट की सीढ़ियां जलमग्न और दुकानों में घुसा पानी चित्रकूट जनपद में लगातार जारी भारी बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जिससे रामघाट की सीढ़ियां डूब गई हैं और प्रशासन ने एहतियातन श्रद्धालुओं के जाने पर रोक लगा दी है। चित्रकूट जनपद में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से प्रसिद्ध मंदाकिनी नदी का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ गया है। नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से धर्मनगरी चित्रकूट स्थित प्रसिद्ध रामघाट की सभी सीढ़ियां पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। इतना ही नहीं, बाढ़ का पानी अब घाट किनारे स्थित दुकानों के अंदर तक प्रवेश करने लगा है, जिससे स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों के बीच हड़कंप मच गया है। सीढ़ियां जलमग्न और सामान सुरक्षित स्थानों पर भेजने की होड़ मिली जानकारी के मुताबिक, बीती रात से ही मंदाकिनी नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखी जा रही है। लगातार बारिश के कारण कुछ ही घंटों के भीतर रामघाट की सभी सीढ़ियां पानी में डूब गईं और अब नदी की तेज धार घाट किनारे बनी दुकानों की ओर रुख कर चुकी है। खतरे की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए दुकानदारों ने बिना कोई समय गंवाए अपनी दुकानों से कीमती सामान और व्यावसायिक वस्तुओं को हटाकर ऊंचे तथा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। प्रशासन की सतर्कता और रामघाट के रास्तों पर बैरिकेडिंग मंदाकिनी नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से रामघाट के किनारे रहने वाले निवासियों और वहां दुकानें चलाने वाले व्यापारियों से अपील की जा रही है कि वे तुरंत अपना सामान समेटकर सुरक्षित स्थलों पर चले जाएं। सुरक्षा के मद्देनजर आम लोगों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को नदी और घाट के आसपास जाने से स्पष्ट रूप से रोक दिया गया है। रामघाट की ओर जाने वाली सभी मुख्य सड़कों और रास्तों पर मजबूत बैरिकेडिंग कर दी गई है। एसडीआरएफ की तैनाती और श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक आपदा की किसी भी स्थिति से निपटने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए रामघाट क्षेत्र में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की एक विशेष टीम को तैनात कर दिया गया है। इसके साथ ही पुलिस और नागरिक प्रशासन की संयुक्त टीमें मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं तथा लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से सावधानी बरतने की हिदायत दे रही हैं। बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए रामघाट पर श्रद्धालुओं के आने और दर्शन-पूजा करने पर फिलहाल पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। पुराने नुकसान का डर और व्यापारियों की चिंता क्षेत्र में लगातार बारिश जारी रहने के कारण मंदाकिनी नदी के जलस्तर में और अधिक इजाफा होने की प्रबल आशंका जताई जा रही है। इससे घाट किनारे रहने वाले स्थानीय लोगों और दुकानदारों की चिंताएं बेहद बढ़ गई हैं। दरअसल, पिछले वर्ष भी मंदाकिनी नदी ने अचानक उग्र रूप धारण कर लिया था और रातों-रात जलस्तर बढ़ने से रामघाट क्षेत्र में भीषण तबाही हुई थी। उस समय दुकानदारों को अपनी दुकानों से सामान निकालने तक का अवसर नहीं मिल सका था, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। उसी पुरानी घटना से सबक लेते हुए इस बार लोग पहले ही अपने जरूरी सामान को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करने में जुटे हैं ताकि नुकसान को कम से कम किया जा सके। प्रशासनिक टीमों की निगरानी और लोगों से सतर्क रहने की अपील वर्तमान में प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें पूरी मुस्तैदी से तटवर्ती क्षेत्रों और रामघाट पर स्थिति का निरीक्षण कर रही हैं। प्रशासन ने पुनः सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे उफान मारती मंदाकिनी नदी और रामघाट के करीब बिल्कुल न जाएं। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच अब हर किसी की निगाहें मंदाकिनी नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर पर टिकी हुई हैं, जबकि सुरक्षा बल किसी भी आपात परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। इसका आप पर असर भारत में: मानसून के मौसम में नदियों और तीर्थ स्थलों के पास जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा चेतावनियों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। चित्रकूट में: मंदाकिनी नदी के उफान को देखते हुए रामघाट में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद कर दिया गया है तथा दुकानदारों को अपना सामान तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का निर्देश दिया गया है। सवाल-जवाब 1. चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर क्यों अचानक बढ़ गया है? चित्रकूट क्षेत्र में रात भर लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी के जलस्तर में अचानक बहुत तेजी से बढ़ोतरी हुई है। 2. रामघाट पर सुरक्षा के लिए प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं? प्रशासन ने रामघाट जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग लगा दी है, श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी है और एसडीआरएफ की टीम को तैनात किया है। 3. रामघाट के दुकानदारों को क्या निर्देश दिए गए हैं? प्रशासन ने घाट किनारे स्थित दुकानदारों से तुरंत अपनी दुकानों का सामान हटाकर किसी ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर ले जाने की अपील की है। 4. क्या पिछले वर्ष भी मंदाकिनी नदी में इस तरह की बाढ़ आई थी? हां, पिछले साल भी मंदाकिनी नदी का जलस्तर रातों-रात बढ़ गया था, जिससे रामघाट क्षेत्र में दुकानों और व्यापारिक सामानों को भारी नुकसान पहुंचा था। https://trendkia.com/bihar/chitrakoot-men-musaladhara-barisha-se-uphana-para-mandakini-nadi-ramghat-ki-sirhiyan-jalamagna-aura-dukanon-men-ghusa-pani-17606 TrendKia — Har trend, sabse pehle.