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  "type": "article",
  "title": "देशभर में मानसून का कहर: किश्तवाड़ में हाइड्रो प्रोजेक्ट स्थल पर मलबा गिरा, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे तालाब बना, कई शहरों में स्कूल बंद",
  "summary": "जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने से क्वार हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की साइट पर कई गाड़ियां मलबे में दब गईं, वहीं महाराष्ट्र, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और मध्य प्रदेश में भारी बारिश के चलते रेड-ऑरेंज अलर्ट, स्कूल बंदी, उड़ानों में देरी और ट्रेनों के रद्द होने की नौबत आ गई है।",
  "content": "देशभर में मानसून की बारिश ने भारी उथल-पुथल मचा दी है। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने से एक निर्माणाधीन हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की साइट पर कई गाड़ियां मलबे में दब गईं, तो दूसरी तरफ मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर पानी भर जाने से पूरा हाईवे तालाब जैसा नजर आने लगा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसके बाद स्कूल-कॉलेज बंद करने से लेकर उड़ानें रद्द करने और ट्रेनों का रूट बदलने तक के फैसले लिए जा रहे हैं।\n\nकिश्तवाड़ में बादल फटने से हाइड्रो प्रोजेक्ट साइट पर तबाही\nजम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में निर्माणाधीन क्वार हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की साइट पर रविवार देर रात बादल फटा, जिसके बाद हुई भारी बारिश ने बड़ा हादसा कर दिया। अचानक आए मलबे के तेज बहाव ने पूरी परियोजना स्थल को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कई वाहन कीचड़, चट्टानों और मलबे के नीचे दब गए। पहाड़ी इलाकों में बादल फटने पर कुछ ही मिनटों में भारी मात्रा में पानी और मलबा नीचे की ओर बहने लगता है, यही वजह है कि प्रोजेक्ट साइट पर खड़े वाहनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। फिलहाल प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।\n\nकेंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह बोले, जान-माल का कोई नुकसान नहीं\nकेंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने किश्तवाड़ में बादल फटने की खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘अभी-अभी किश्तवाड़ से खबर मिली कि अचानक आई बाढ़ का पानी 540 MW के निर्माणाधीन क्वार हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के परिसर में घुस गया है। मैंने इस बारे में डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार से बात की। अच्छी बात यह है कि जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। प्रोजेक्ट से जुड़ी कुछ मशीनरी को भी बिना किसी नुकसान के हटा लिया गया है। कुल मिलाकर, निर्माणाधीन प्रोजेक्ट का हर हिस्सा सुरक्षित है और उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। चिंता की कोई बात नहीं है।’ उनके इस बयान से साफ है कि हादसे के बावजूद बड़ी दुर्घटना टल गई और प्रोजेक्ट से जुड़ी अहम मशीनरी को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया।\n\nडोडा में भूस्खलन, जम्मू-किश्तवाड़ हाईवे पूरी तरह बंद\nलगातार हो रही बारिश के चलते डोडा जिले के प्रेम नगर इलाके में भी भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा जम्मू-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गिरा, जिससे सड़क पूरी तरह बंद हो गई और किश्तवाड़ की ओर जाने वाला यातायात पूरी तरह ठप हो गया। यह हाईवे किश्तवाड़ जिले को जम्मू संभाग के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला अहम मार्ग है, इसलिए इसके बंद होने से इलाके में सामान और लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है।\n\nराहत-बचाव कार्य युद्धस्तर पर, लोगों से अपील\nप्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव दलों को तैनात कर दिया है। सड़क से मलबा हटाने और जम्मू-किश्तवाड़ मार्ग पर यातायात जल्द से जल्द बहाल करने का काम युद्धस्तर पर जारी है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए अधिकारी लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है, ताकि भूस्खलन या अचानक आने वाली बाढ़ की स्थिति में किसी की जान को खतरा न हो।\n\nकहां रेड अलर्ट, कहां ऑरेंज अलर्ट\nमौसम विभाग ने अगले दो से तीन घंटों के लिए देश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। महाराष्ट्र के मुंबई शहर, मुंबई उपनगर, पालघर, रायगढ़ और ठाणे में रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जहां 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और बिजली गिरने की बहुत अधिक संभावना जताई गई है। छत्तीसगढ़ के बालोद, बेमेतरा, धमतरी, दुर्ग, गरियाबंद और रायपुर में भी इसी तरह की गंभीर मौसम स्थिति को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा ओडिशा, छत्तीसगढ़ के अन्य हिस्सों, गुजरात, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने बताया है कि इन इलाकों में मौसम अचानक बिगड़ सकता है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। रेड अलर्ट का मतलब है कि प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी होगी, जबकि ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि लोगों को सतर्क रहने और तैयार रहने की जरूरत है।\n\nलोगों को सलाह दी गई है कि वे खुले स्थानों में या पेड़ों के नीचे शरण न लें, कमजोर ढांचों से दूर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। साथ ही प्रशासन और यातायात से जुड़े अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखने की अपील की गई है, क्योंकि तेज हवाओं और बिजली गिरने के दौरान पेड़ों या कमजोर इमारतों के नीचे खड़े रहना जानलेवा साबित हो सकता है।\n\nमुंबई में बारिश ने रोकी रफ्तार, स्कूल-कॉलेज बंद\nमुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। एहतियात के तौर पर बीएमसी ने सोमवार को मुंबई के सभी सरकारी और निजी स्कूलों तथा कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया है। छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है। मुंबई के अलावा ठाणे, नवी मुंबई और पालघर में भी स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, सरकारी और निजी कार्यालय सामान्य रूप से खुले रहेंगे और तय समय के अनुसार कामकाज जारी रहेगा, यानी बारिश का असर सिर्फ स्कूली बच्चों की सुरक्षा तक सीमित रखा गया है, दफ्तर जाने वालों के रोजमर्रा के कामकाज पर सीधा असर नहीं डाला गया।\n\nबारिश का असर मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भी साफ नजर आ रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से पूरा एक्सप्रेसवे तालाब जैसा दिखने लगा है, जिस वजह से इस पर चल रही कई गाड़ियां खराब हो गई हैं। यह एक्सप्रेसवे मुंबई और पुणे के बीच रोजाना हजारों वाहनों की आवाजाही वाला सबसे व्यस्त मार्ग है, इसलिए इस पर पानी भरने से यात्रियों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है।\n\nहवाई अड्डे पर एक घंटे थमा रनवे, लोकल ट्रेनें भी प्रभावित\nबारिश का असर परिवहन व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तेज बारिश, 42 नॉट्स तक की रफ्तार से चली हवाओं और कम दृश्यता के कारण रनवे संचालन लगभग एक घंटे तक रोकना पड़ा। इसके चलते चार उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि 13 विमानों को निकटवर्ती हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट किया गया। वहीं, कुर्ला स्थित लोकमान्य तिलक टर्मिनस यानी एलटीटी सहित 10 से अधिक प्रमुख स्थानों पर जलभराव होने से मुंबई लोकल ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित रहीं और कई ट्रेनें देरी से चलीं। मुंबई में लाखों लोग रोजाना लोकल ट्रेन से सफर करते हैं, इसलिए ट्रेनों में देरी का सीधा असर दफ्तर और स्कूल जाने वालों की दिनचर्या पर पड़ा है।\n\nसंबलपुर में भी 6 जुलाई को सभी शिक्षण संस्थान बंद\nओडिशा के संबलपुर में भारी बारिश और लगातार खराब मौसम के कारण जिले के सभी स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और अन्य शिक्षण संस्थान 6 जुलाई को बंद रहेंगे। छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबलपुर के कलेक्टर और डीएम ने एसएमसी क्षेत्र, धनकौडा ब्लॉक और पूरे जिले में एहतियात के तौर पर इन्हें बंद रखने का आदेश दिया है। इससे साफ है कि सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि पूर्वी भारत के हिस्सों में भी बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन एहतियाती कदम उठा रहा है।\n\nमुंबई-पुणे रेल मार्ग पर भूस्खलन, कई ट्रेनें रद्द\nमहाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब रेल सेवाओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। सोमवार तड़के मुंबई-पुणे के बीच सबसे व्यस्त रेल मार्ग पर कई जगह भूस्खलन होने से ट्रेनों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हो गया। कर्जत के पास ठाकुरवाड़ी रेलवे स्टेशन और खंडाला-मंकी हिल सेक्शन में हुए भूस्खलन के कारण इस घाट सेक्शन की तीनों रेलवे लाइनें मलबे से पट गईं, जिसके बाद कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि कई अन्य ट्रेनों का रूट बदल दिया गया।\n\nसेंट्रल रेलवे के मुताबिक पहला भूस्खलन कर्जत के नजदीक ठाकुरवाड़ी रेलवे स्टेशन के पास हुआ। इसके कुछ देर बाद सुबह करीब 3:05 बजे खंडाला और मंकी हिल के बीच मिडिल लाइन पर भी पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर रेलवे ट्रैक पर आ गिरे। दोनों घटनाओं के चलते मुंबई-पुणे घाट सेक्शन की सभी तीन रेलवे लाइनें प्रभावित हो गईं। यह घाट सेक्शन पहाड़ी और घुमावदार होने की वजह से पहले भी बारिश के मौसम में भूस्खलन के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। रेलवे अधिकारियों ने तत्काल सुरक्षा कारणों से इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी और मलबा हटाने का अभियान शुरू किया। इंजीनियरिंग और ट्रैक मेंटेनेंस की टीमें मौके पर पहुंचकर ट्रैक को जल्द से जल्द बहाल करने में जुटी हैं।\n\nइसरो की सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा बादलों का घना घेरा\nइसरो की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बादलों का बड़ा घेरा बना हुआ है, जिनसे गुजरात-महाराष्ट्र के साथ पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा और बिहार-झारखंड में जोरदार बारिश हो रही है। इन तस्वीरों में दोनों सिस्टम में बादलों के ऊपरी हिस्से बहुत ठंडे और चमकदार सफेद दिखाई दे रहे हैं, जो जोरदार तूफानी गतिविधि का संकेत हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बादलों की इस तरह की बनावट का मतलब है कि आने वाले समय में इन इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, इसलिए प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने की जरूरत है।\n\nइसका आप पर असर\nइस मानसूनी तबाही का असर सिर्फ एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं है, कई राज्यों में रोजमर्रा की जिंदगी सीधे प्रभावित हुई है।\n\n• भारत में: महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और मध्य प्रदेश में रेड-ऑरेंज अलर्ट के चलते यात्रा, उड़ान और ट्रेन शेड्यूल पर असर पड़ सकता है, इसलिए यात्रा से पहले अपडेट जरूर चेक करें।\n• मुंबई में: सोमवार को सभी सरकारी-निजी स्कूल-कॉलेज बंद हैं, एक्सप्रेसवे और लोकल ट्रेनें प्रभावित हैं और हवाई अड्डे पर उड़ानें रद्द व डायवर्ट हुई हैं, इसलिए निकलने से पहले अतिरिक्त समय रखें।\n• किश्तवाड़ (जम्मू-कश्मीर) में: जम्मू-किश्तवाड़ हाईवे बंद होने से इस रास्ते पर आवाजाही करने वालों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी और अनावश्यक यात्रा से बचना होगा।\n• संबलपुर (ओडिशा) में: 6 जुलाई को सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे, इसलिए अभिभावक और छात्र इस सूचना को ध्यान में रखें।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. किश्तवाड़ में क्या हुआ है?\nरविवार देर रात बादल फटने से क्वार हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन साइट पर मलबे का तेज बहाव आया, जिससे कई गाड़ियां मलबे में दब गईं।\n\n2. क्या हाइड्रो प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचा है?\nकेंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह के मुताबिक जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है और प्रोजेक्ट का हर हिस्सा सुरक्षित है, कुछ मशीनरी को भी बिना नुकसान के हटा लिया गया है।\n\n3. जम्मू-किश्तवाड़ हाईवे क्यों बंद हुआ?\nडोडा जिले के प्रेम नगर इलाके में भूस्खलन होने से भारी मलबा हाईवे पर आ गिरा, जिससे सड़क पूरी तरह बंद कर दी गई।\n\n4. मुंबई में स्कूल-कॉलेज कब तक बंद रहेंगे?\nबीएमसी ने भारी बारिश के चलते सोमवार को मुंबई के सभी सरकारी और निजी स्कूलों-कॉलेजों में छुट्टी घोषित की है, ठाणे, नवी मुंबई और पालघर में भी स्कूल बंद हैं।\n\n5. मुंबई हवाई अड्डे पर बारिश का क्या असर पड़ा?\nछत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर करीब एक घंटे तक रनवे संचालन रोकना पड़ा, जिससे चार उड़ानें रद्द हुईं और 13 विमान डायवर्ट किए गए।\n\n6. मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर क्या हुआ?\nकर्जत के पास ठाकुरवाड़ी स्टेशन और खंडाला-मंकी हिल सेक्शन में भूस्खलन से घाट सेक्शन की तीनों रेलवे लाइनें मलबे से पट गईं, जिससे कई ट्रेनें रद्द और कई का रूट बदल दिया गया।\n\n7. किन राज्यों में रेड अलर्ट जारी है?\nमहाराष्ट्र के मुंबई शहर, मुंबई उपनगर, पालघर, रायगढ़ और ठाणे तथा छत्तीसगढ़ के बालोद, बेमेतरा, धमतरी, दुर्ग, गरियाबंद और रायपुर में रेड अलर्ट जारी है।\n\n8. संबलपुर में शिक्षण संस्थान क्यों बंद हैं?\nभारी बारिश और खराब मौसम के चलते संबलपुर के कलेक्टर और डीएम ने छात्रों-स्टाफ की सुरक्षा के लिए 6 जुलाई को जिले के सभी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी बंद रखने का आदेश दिया है।",
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  "publishedAt": "2026-07-06",
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