पूर्वी चंपारण में बड़ा हादसा, तालाब में स्नान करते समय चार नाबालिग बहनें और सहेलियां डूबीं बिहार के पूर्वी चंपारण में पहाड़पुर थाना क्षेत्र के बनकट गांव में तालाब में नहाते समय चार नाबालिग लड़कियों की डूबने से मौत हो गई। प्रशासन ने पोस्टमार्टम कराने के बाद आपदा प्रबंधन नियमों के तहत मुआवजे की घोषणा की है। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में शुक्रवार की सुबह एक बेहद हृदयविदारक घटना घटी, जहां एक ग्रामीण तालाब में स्नान करने उतरीं चार नाबालिग बच्चियों की गहरे पानी में चले जाने से जान चली गई। पहाड़पुर थाना क्षेत्र की इनरवाभर पंचायत के तहत आने वाले बनकट गांव में सुबह के वक्त हुए इस भीषण हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। सुबह के समय तालाब में नहाने गई थीं पांच लड़कियां यह दुखद वाकया शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे पेश आया। गांव के नजदीक स्थित एक तालाब में कुल पांच लड़कियां एक साथ नहाने के इरादे से पहुंची थीं। इनमें से चार लड़कियां कपड़े उतारकर और नहाने के लिए सीधे पानी में उतर गईं, जबकि उनकी एक साथी तालाब के किनारे पर ही खड़ी रह गई थी। पानी में उतरी चारों लड़कियां धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए अनजाने में अत्यधिक गहरे हिस्से की तरफ चली गईं और एक के बाद एक डूबने लगीं। किनारे खड़ी साथी ने शोर मचाकर ग्रामीणों को दी खबर पानी में चारों बच्चियों को डूबता देखकर किनारे खड़ी पांचवीं लड़की घबराकर उल्टे पांव गांव की तरफ दौड़ी। उसने वहां मौजूद स्थानीय ग्रामीणों को मामले की तत्काल सूचना दी। पहाड़पुर सर्कल ऑफिसर रामसूरत पासवान के मुताबिक, किनारे मौजूद लड़की ने तुरंत गांव वालों को सतर्क किया, जिसके बाद ग्रामीण दौड़कर तालाब पहुंचे और साथ ही स्थानीय पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित किया गया। सूचना पाते ही पुलिस बल और अंचल अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू करवाया। मृतक बच्चियों की हुई पहचान इस हादसे में जान गंवाने वाली चारों बच्चियां आपस में बहनें और गांव की सहेलियां थीं और सभी बांकट गांव की निवासी थीं। मृतकों की शिनाख्त 13 वर्षीय सोनावती कुमारी और उनकी सगी बहन 10 वर्षीय फूलवती कुमारी के रूप में की गई है। इसके अलावा उनके साथ नहाने गई 10 वर्षीय सोनाली कुमारी और 12 वर्षीय प्रतिभा कुमारी की भी डूबने से मौत हो गई। चारों बच्चियों की एक साथ असमय मौत से पूरे बांकट गांव में कोहराम मच गया है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेजा गया पहाड़पुर के एसएचओ देवेंद्र कुमार के अनुसार, तालाब से चारों बच्चियों के शव पानी से बाहर निकाल लिए गए। आवश्यक कानूनी कागजी कार्रवाई और पंचनामा तैयार करने के उपरांत चारों शवों को पोस्टमार्टम परीक्षण के लिए मोतिहारी के सदर अस्पताल भेज दिया गया। अंचल अधिकारी रामसेवक पासवान ने भी स्पष्ट किया कि प्रशासन की तरफ से मामले को लेकर नियमानुसार आवश्यक विधिक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासनिक जांच और आपदा प्रबंधन से मुआवजे की प्रक्रिया पूर्वी चंपारण के जिला मजिस्ट्रेट सौरभ सुमन ने घटना पर प्रशासनिक रुख साफ करते हुए कहा कि मामले की पूरी जांच कराई जा रही है। जब जांच के जरिए आधिकारिक रूप से इस बात की पुष्टि हो जाएगी कि मौतें पानी में डूबने की वजह से हुई हैं, तो आपदा प्रबंधन विभाग के तय प्रावधानों के आधार पर पीड़ित परिजनों को उचित सरकारी मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। फिलहाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन घटना से जुड़े सभी पहलुओं की छानबीन में जुटा हुआ है। इसका आप पर असर इस दुखद हादसे से ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्रोतों के पास बच्चों की सुरक्षा और प्रशासनिक सहायता को लेकर कई अहम पहलू सामने आते हैं। • भारत में: ग्रामीण इलाकों में असुरक्षित तालाबों और पोखरों के पास बच्चों की आवाजाही को लेकर अभिभावकों को अत्यधिक सतर्कता बरतनी होगी। किसी भी जल निकाय के पास बच्चों को अकेले जाने से रोकना ऐसे घातक हादसों से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है। • पूर्वी चंपारण और बिहार में: जिला प्रशासन द्वारा आधिकारिक पुष्टि के बाद आपदा प्रबंधन विभाग के जरिए पीड़ित परिवारों को वित्तीय अनुग्रह राशि दी जाएगी। स्थानीय बांकट और इनरवाभर पंचायत के ग्रामीण जलस्रोतों के पास सुरक्षा घेरा बनाने और चेतावनी संकेतकों की मांग कर सकते हैं। • कानूनी और चिकित्सीय प्रक्रिया: चारों शवों का पोस्टमार्टम मोतिहारी सदर अस्पताल में पूरा किया जा रहा है ताकि मौत की वास्तविक वजह की कानूनी रिपोर्ट तैयार हो सके। इसी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आपदा राहत मुआवजे की सरकारी फाइल आगे बढ़ाई जाएगी। • समुदाय और परिवार: एक ही गांव की चार बच्चियों की असमय मृत्यु से पूरे क्षेत्र में गहरा भावनात्मक सदमा है। स्थानीय प्रशासन और सामाजिक कार्यकर्ता शोकग्रस्त परिवारों को तात्कालिक सहायता प्रदान करने में जुटे हैं। ऐसा क्यों हुआ यह हादसा ग्रामीण तालाब के अचानक गहरे हिस्से में बच्चियों के चले जाने और पानी में संतुलन खो देने के कारण हुआ। • अचानक गहरे पानी में जाना: सर्कल ऑफिसर के अनुसार नहाने उतरीं चारों बच्चियां अनजाने में तालाब के गहरे हिस्से में चली गईं, जहां पैर न टिकने के कारण वे संभल नहीं सकीं। संभवतः एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में चारों बच्चियां दलदल या गहरे पानी में डूबती चली गईं। • निगरानी का अभाव: सुबह करीब 9:30 बजे तालाब पर केवल पांच नाबालिग लड़कियां ही मौजूद थीं और मौके पर कोई वयस्क तैराक या ग्रामीण उपस्थित नहीं था। जब तक किनारे खड़ी साथी ने गांव पहुंचकर लोगों को बुलाया, तब तक बच्चियां डूब चुकी थीं। • जांच की स्थिति: पहाड़पुर पुलिस और अंचल प्रशासन मामले के सभी पहलुओं की आधिकारिक पड़ताल कर रहा है। जिला मजिस्ट्रेट के अनुसार औपचारिक पुष्टि होने के बाद ही डूबने की घटना की अंतिम प्रशासनिक रिपोर्ट बनेगी। सवाल-जवाब 1. पूर्वी चंपारण में यह दुखद हादसा किस जगह हुआ? यह हादसा पूर्वी चंपारण जिले के पहाड़पुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में इनरवाभर पंचायत के बांकट गांव स्थित एक तालाब में हुआ। 2. घटना के समय तालाब पर कितनी लड़कियां मौजूद थीं? तालाब पर कुल पांच लड़कियां गई थीं, जिनमें से चार नहाने पानी में उतरी थीं और एक लड़की किनारे पर खड़ी थी। 3. डूबने से जान गंवाने वाली बच्चियों की पहचान क्या है? मृतकों में 13 वर्षीय सोनावती कुमारी, उनकी 10 वर्षीय बहन फूलवती कुमारी, 10 वर्षीय सोनाली कुमारी और 12 वर्षीय प्रतिभा कुमारी शामिल हैं। 4. हादसा किस समय हुआ था? यह दुर्घटना शुक्रवार की सुबह लगभग 9:30 बजे हुई थी। 5. मृतक बच्चियों के शवों को कहां भेजा गया है? सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी के सदर अस्पताल भेजा गया है। 6. प्रशासन ने पीड़ित परिवारों के मुआवजे को लेकर क्या कहा है? जिला मजिस्ट्रेट सौरभ सुमन ने बताया कि जांच में डूबने से मौत की आधिकारिक पुष्टि होने पर आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा उचित मुआवजा दिया जाएगा। https://trendkia.com/bihar/east-champaran-men-bara-hadasa-talaba-men-snana-karate-samaya-chara-nabaliga-bahanen-aura-saheliyan-dubin-41921 TrendKia — Har trend, sabse pehle.