फेसबुक पर 8 लाख रुपये के लालच में फंसा बिहार का युवक, ऑनलाइन ठगों ने हड़पे 27 हजार मुजफ्फरपुर के सहबाजपुर निवासी युवक को फेसबुक पर महिला को गर्भवती करने के एवज में 8 लाख रुपये देने का झांसा देकर साइबर ठगों ने 27 हजार रुपये की ठगी की। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में ऑनलाइन जालसाजी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां आसान तरीके से बड़ी रकम कमाने के फेर में एक युवक ठगी का शिकार हो गया। सहबाजपुर इलाके के रहने वाले संजीव सहनी को एक महिला को गर्भवती करने के एवज में 8 लाख रुपये देने का प्रलोभन दिया गया था। इस फर्जी ऑफर के जाल में उलझाकर शातिर अपराधियों ने विभिन्न प्रक्रियाओं के नाम पर पीड़ित से 27,000 रुपये ऐंठ लिए। ठगी का अहसास होने के बाद पीड़ित ने स्थानीय अहियापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। फेसबुक पोस्ट से शुरू हुआ ठगी का जाल पीड़ित संजीव सहनी के अनुसार, कुछ दिन पहले वे अपने मोबाइल पर फेसबुक की फीड देख रहे थे। उसी दौरान उनकी नजर एक विज्ञापन जैसी पोस्ट पर पड़ी। इस पोस्ट में दावा किया गया था कि महिला को गर्भवती करने के काम के बदले 8 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा। पोस्ट में संपर्क के लिए एक मोबाइल नंबर भी दिया गया था। आकर्षक ऑफर देखकर जब संजीव ने दिए गए नंबर पर कॉल किया, तो दूसरी तरफ से बात कर रहे व्यक्ति ने खुद को एक एजेंसी या कंपनी का अधिकृत प्रतिनिधि बताया। उस व्यक्ति ने पीड़ित को पूरी तरह से झांसे में ले लिया और विश्वास दिलाया कि कार्य संपन्न होते ही 8 लाख रुपये की पूरी राशि उनके खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर तीन बार वसूले रुपये जालसाजों ने पीड़ित को अपनी बातों में फंसाकर कागजी कार्रवाई का नाटक शुरू किया। उन्होंने लीगल कॉन्ट्रैक्ट तैयार करने, अनिवार्य रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर अलग-अलग मौकों पर ऑनलाइन पैसे जमा कराने को कहा। संजीव सहनी ठगों के झांसे में आ गए और उन्होंने तीन अलग-अलग किश्तों में कुल 27,000 रुपये अपराधियों के बताए खातों में भेज दिए। पैसे लेने के बावजूद जब ठगों ने कोई आधिकारिक कॉन्ट्रैक्ट या दस्तावेज नहीं भेजा, तो संजीव को संदेह हुआ। जब उन्होंने विरोध जताया और अपने पैसे की स्थिति पूछी, तो आरोपियों ने उल्टा उन पर गलत आरोप लगाते हुए और अधिक रुपयों की मांग शुरू कर दी। इसके बाद पीड़ित ने दोबारा उस नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन जालसाजों ने उनका फोन उठाना पूरी तरह बंद कर दिया। तब जाकर संजीव को समझ आया कि वे साइबर ठगी के बड़े जाल में फंस चुके हैं। जांच में जुटी साइबर सेल और पुलिस की चेतावनी धोखाधड़ी की बात साफ होने के बाद पीड़ित ने अहियापुर थाना पुलिस को पूरे मामले की लिखित जानकारी दी और कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है और मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है। मुजफ्फरपुर पुलिस की विशेष साइबर सेल टीम उन मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की तकनीकी जांच कर रही है, जिनका इस्तेमाल ठगी में किया गया था। घटना के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने वाले रातों-रात अमीर बनने, आसान कमाई, बिना मेहनत की नौकरी या अनुचित प्रलोभन देने वाले विज्ञापनों से दूर रहें। किसी भी अज्ञात व्यक्ति या संस्था को किसी भी नाम पर ऑनलाइन धनराशि भेजने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच अवश्य करें। इसका आप पर असर भारत में: सोशल मीडिया पर आसानी से पैसा कमाने, रजिस्ट्रेशन फीस या वर्क-फ्रॉम-होम के नाम पर होने वाले विज्ञापनों के प्रति सतर्क रहें और किसी भी अनजान खाते में पैसे ट्रांसफर न करें। बिहार (मुजफ्फरपुर) में: यदि आपके साथ कोई साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत निकटतम पुलिस स्टेशन या मुजफ्फरपुर साइबर सेल को सूचित करें ताकि खाते और नंबर तुरंत ब्लॉक किए जा सकें। सवाल-जवाब 1. मुजफ्फरपुर में युवक के साथ कितने रुपये की ठगी हुई? पीड़ित संजीव सहनी से रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर तीन किश्तों में कुल 27,000 रुपये की ठगी की गई। 2. ठगों ने युवक को कितने रुपये देने का लालच दिया था? साइबर ठगों ने महिला को गर्भवती करने के बदले युवक को 8 लाख रुपये देने का झांसा दिया था। 3. यह ठगी की घटना किस थाना क्षेत्र में हुई? यह मामला बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सहबाजपुर गांव का है। 4. ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर पुलिस ने क्या सलाह दी है? पुलिस ने सोशल मीडिया पर आसान कमाई के विज्ञापनों से सावधान रहने और किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे न भेजने की सलाह दी है। https://trendkia.com/bihar/facebook-para-8-lakha-rupaye-ke-lalacha-men-phnsa-bihar-ka-yuvaka-nalaina-thagon-ne-harape-27-hajara-11709 TrendKia — Har trend, sabse pehle.