गंगा की तेज धारा में बहे तीन सहपाठी, दोस्त को बचाने के प्रयास में जगमाल बीघा के छात्र लापता पटना के खुसरूपुर स्थित आदिलपुर घाट पर रविवार सुबह गंगा में नहाने गए तीन 15 वर्षीय छात्र डूब गए। एसडीआरएफ की टीम मोटरबोट से तलाश कर रही है। बिहार की राजधानी पटना के निकट खुसरूपुर थाना क्षेत्र में रविवार की सुबह एक दुखद हादसा सामने आया। आदिलपुर घाट पर गंगा नदी में स्नान करने पहुंचे छह किशोरों के समूह में से तीन छात्र नदी की तेज धारा और अत्यधिक गहराई की चपेट में आकर लापता हो गए। नहाने के दौरान एक दोस्त को डूबता देख उसे बचाने के प्रयास में दो अन्य साथी भी गहरे पानी में उतर गए, जिसके बाद तीनों का कोई सुराग नहीं मिल सका। घटना की सूचना मिलते ही तट पर चीख-पुकार मच गई और पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। दोस्त को बचाने के प्रयास में बढ़ा हादसा घटना रविवार सुबह लगभग 9:30 बजे की है। खुसरूपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जगमाल बीघा गांव से छह दोस्तों का एक समूह गंगा नदी में नहाने के लिए आदिलपुर घाट गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्नान करने के दौरान 15 वर्षीय अंकुश अचानक संतुलन खो बैठा और नदी के गहरे हिस्से में चला गया। उसे पानी में संघर्ष करता और डूबता देख उसके दो करीबी दोस्त, रौनक और सुंदरम, तुरंत उसे बचाने के लिए आगे बढ़े। दुर्भाग्यवश, नदी के तेज बहाव और अत्यधिक गहराई के कारण दोनों भी खुद को संभाल नहीं सके और तीनों किशोर देखते ही देखते पानी में अदृश्य हो गए। तट पर मौजूद अन्य साथियों ने तुरंत ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। 11वीं कक्षा के छात्र थे तीनों, दो परिवार के इकलौते चिराग गंगा की धारा में लापता हुए तीनों किशोरों की उम्र 15 वर्ष थी और वे सभी इसी वर्ष 11वीं कक्षा में पहुंचे थे। इनकी पहचान जगमाल बीघा निवासी अंकुश (पिता जितेंद्र सिंह), रौनक (पिता राजीव सिंह) और सुंदरम (पिता रत्नेश सिंह) के रूप में हुई है। पारिवारिक पृष्ठभूमि के अनुसार, अंकुश अपने माता-पिता का बड़ा पुत्र था और उसका एक छोटा भाई है। वहीं रौनक और सुंदरम दोनों ही अपने-अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। तीनों किशोरों के इस प्रकार अचानक गायब होने से उनके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। एसडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन और ग्रामीणों का आक्रोश घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने अपने स्तर पर नदी में उतरकर तीनों छात्रों की खोजबीन शुरू की। सूचना मिलने के बाद पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा, हालांकि परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन पर सूचना देने के बाद भी देरी से पहुंचने का आरोप लगाया। इसके पश्चात राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम को घटनास्थल पर तैनात किया गया। एसडीआरएफ के गोताखोर मोटरबोट और आधुनिक संसाधनों के साथ गंगा नदी में गहन खोज अभियान चला रहे हैं। हालांकि नदी में जल का तेज प्रवाह और गहराई रेस्क्यू टीम के कार्य में बड़ी बाधा बन रही है। फिलहाल तीनों में से किसी भी छात्र का सुराग नहीं मिल पाया है और तलाश लगातार जारी है। इसका आप पर असर इस हादसे के बाद प्रशासन और आम नागरिकों के लिए निम्नलिखित सुरक्षा बिंदु महत्वपूर्ण हैं: • भारत में: मानसून और नदियों के बढ़े जलस्तर के दौरान गहरे पानी में उतरने से बचने और संवेदनशील घाटों पर प्रशासनिक निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है। • पटना में: खुसरूपुर स्थित आदिलपुर घाट जैसे अनियंत्रित गंगा तटों पर गोताखोरों की तैनाती और चेतावनी बोर्ड लगाने की स्थानीय मांग जोर पकड़ रही है। सवाल-जवाब 1. यह हादसा पटना के किस स्थान पर हुआ? यह घटना बिहार की राजधानी पटना के खुसरूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आदिलपुर घाट पर गंगा नदी में हुई। 2. गंगा नदी में डूबने वाले तीन किशोरों की पहचान क्या है? डूबने वाले तीनों किशोर 15 वर्षीय अंकुश (पिता जितेंद्र सिंह), रौनक (पिता राजीव सिंह) और सुंदरम (पिता रत्नेश सिंह) हैं, जो जगमाल बीघा गांव के रहने वाले थे। 3. हादसा किस समय और कैसे घटित हुआ? हादसा रविवार सुबह करीब 9:30 बजे हुआ जब अंकुश गहरे पानी में डूबने लगा और उसे बचाने के प्रयास में रौनक और सुंदरम भी तेज धारा में बह गए। 4. लापता किशोर किस कक्षा में पढ़ाई करते थे? तीनों किशोर आपस में दोस्त थे और इसी वर्ष 11वीं कक्षा में पहुंचे थे। 5. राहत और बचाव कार्य के लिए कौन सी टीम तैनात की गई है? घटना के बाद एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को मोटरबोट और जरूरी संसाधनों के साथ नदी में सर्च ऑपरेशन के लिए उतारा गया है। 6. रेस्क्यू ऑपरेशन में क्या चुनौतियां आ रही हैं? गंगा नदी में जल का तेज बहाव और अत्यधिक गहराई होने के कारण एसडीआरएफ टीम को बचाव कार्य चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। https://trendkia.com/bihar/ganga-ki-teja-dhara-men-bahe-tina-sahapathi-dosta-ko-bachane-ke-prayasa-men-jagmal-bigha-ke-chhatra-lapata-17307 TrendKia — Har trend, sabse pehle.