गोपालगंज में गैस सिलेंडर काटकर बनाया तहखाना, जांच में निकली 127 बोतल शराब उत्तर प्रदेश से बाइक पर चादर से ढके गैस सिलेंडर में छिपाकर लाई जा रही 127 बोतल अवैध शराब को उत्पाद पुलिस ने गोपालगंज में पकड़ा। बिहार में मद्यनिषेध कानून लागू होने के बावजूद अवैध शराब की तस्करी करने वाले गिरोह लगातार नए हथकंडे अपना रहे हैं। गोपालगंज जिले में उत्पाद पुलिस ने चेकिंग के दौरान तस्करी की ऐसी अनोखी चाल पकड़ी है, जिसने अधिकारियों को भी चौंका दिया। उत्तर प्रदेश की सीमा की तरफ से आ रहे एक बाइक सवार ने रसोई गैस सिलेंडर के भीतर खास गुप्त तहखाना बना रखा था, जिसमें गैस की जगह शराब की बोतलें भरकर ले जाई जा रही थीं। उत्पाद विभाग की टीम ने घेराबंदी कर इस साजिश का पर्दाफाश किया और वाहन समेत पूरी खेप जब्त कर ली। जांच चौकी पर चादर से ढके सिलेंडर ने बढ़ाया संदेह यह पूरी कार्रवाई कुचायकोट थाना क्षेत्र के अंतर्गत कर्म टोला फुलवरिया के समीप की गई। इलाके में उत्पाद पुलिस की एक विशेष टीम अवैध शराब की रोकथाम के लिए नियमित जांच अभियान चला रही थी। उसी समय उत्तर प्रदेश की दिशा से एक संदिग्ध मोटरसाइकिल आती दिखाई दी। चालक ने बाइक की पिछली सीट पर एक गैस सिलेंडर लाद रखा था, जिसे उसने चादर से पूरी तरह लपेटकर छिपाया हुआ था। सामान्य से अलग दिखने वाली इस ढुलाई को देखकर पुलिस कर्मियों को संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने बाइक को तुरंत रुकवा लिया। सिलेंडर खोला तो अंदर भरा मिला गुप्त स्टॉक मौके पर जब सिलेंडर के ऊपर से चादर हटाई गई और उसकी बारीकी से पड़ताल शुरू हुई, तो पूरा माजरा सामने आ गया। सिलेंडर में गैस का कोई दबाव नहीं था, बल्कि उसे काटकर भीतर एक खाली गुप्त कंपार्टमेंट तैयार किया गया था। इस गुप्त तहखाने के अंदर 200 एमएल क्षमता वाली कुल 127 पीस बंटी-बबली ब्रांड की शराब की बोतलें ठूंस-ठूंस कर रखी गई थीं। उत्पाद पुलिस ने फौरन 127 बोतलों की इस खेप को अपने कब्जे में लिया, तस्करी में प्रयुक्त बाइक जब्त की और आरोपी व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में तस्करों के पूरे नेटवर्क की तलाश उत्पाद अधीक्षक अमृतेश कुमार ने जानकारी दी है कि गिरफ्तार किए गए तस्कर से पुलिस विस्तार से पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी मुख्य रूप से यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह शराब उत्तर प्रदेश में किस स्रोत से खरीदी गई थी और गोपालगंज या बिहार के किस इलाके में इसकी डिलीवरी की जानी थी। गिरोह के पूरे बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं, जिससे इस धंधे में शामिल सप्लायर और खरीदार दोनों तक कानून के हाथ पहुंच सकें। जिले में तेज हुआ सघन जांच अभियान उत्पाद विभाग के अनुसार, राज्य में पूर्ण शराबबंदी को प्रभावी ढंग से लागू कराने के लिए सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में लगातार सघन तलाशी अभियान जारी है। सड़कों पर वाहनों की आकस्मिक जांच की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। इसी सतर्कता के चलते गोपालगंज में ही एक अन्य कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक बोलेरो गाड़ी से 216 लीटर विदेशी शराब बरामद की, जिसमें पांच महिलाओं सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। सिलेंडर में गुप्त तहखाना बनाकर तस्करी करने के इस ताजा मामले ने सुरक्षा बलों को सीमा पर और अधिक सतर्क कर दिया है। इसका आप पर असर इस कार्रवाई से सीमावर्ती इलाकों में दैनिक आवाजाही और मद्यनिषेध नियमों की निगरानी पर सीधा असर पड़ेगा। • बिहार में: राज्य भर में अंतरराज्यीय सीमाओं पर चेकिंग अभियान और अधिक कड़ा कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश और झारखंड की ओर से आने वाले संदिग्ध निजी व व्यावसायिक वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है। • गोपालगंज में: कुचायकोट और आसपास के सीमावर्ती मार्गों पर आम घरेलू सामान या सिलेंडर ले जाने वाले दोपहिया वाहनों की भी बारीकी से जांच हो रही है। स्थानीय मुसाफिरों को चौकियों पर दस्तावेज दिखाने और नियमित तलाशी में अतिरिक्त समय लग सकता है। • कानूनी कार्रवाई: शराबबंदी कानून के तहत पकड़े जाने पर वाहन जब्ती के साथ गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाता है। तस्करों के नेटवर्क से जुड़े खरीदारों और विक्रेताओं दोनों पर कठोर कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है। • सार्वजनिक सतर्कता: प्रशासन ने आम नागरिकों से अवैध शराब भंडारण या असामान्य आवाजाही की गुप्त सूचना देने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस या मद्यनिषेध कंट्रोल रूम को दी जा सकती है। ऐसा क्यों हुआ बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के कारण सीमावर्ती राज्यों से शराब लाकर भारी मुनाफे में बेचने के इरादे से तस्कर नए-नए गुप्त तरीके अपना रहे हैं। • कड़ा प्रतिबंध और मुनाफे का लालच: राज्य में शराब की बिक्री पर रोक होने से पड़ोसी राज्यों से सस्ती शराब लाकर महंगे दामों पर बेचने का संगठित अवैध धंधा पनपा है। मुनाफा कमाने के लिए तस्कर आम घरेलू वस्तुओं को छिपाने का जरिया बना रहे हैं। • उत्तर प्रदेश सीमा की निकटता: गोपालगंज जिला सीधे उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा हुआ है, जिससे तस्करों के लिए सीमा पार से माल लाना भौगोलिक रूप से आसान रहता है। मुख्य मार्गों पर पुलिस की सख्ती के कारण बाइक और गुप्त तहखानों का सहारा लिया जा रहा था। • गुप्त तहखानों की रणनीति: सामान्य जांच से बचने के लिए तस्करों ने गैस सिलेंडर को खाली कर उसके अंदर शराब भरने का तरीका निकाला ताकि दूर से देखने पर वह घरेलू सिलेंडर लगे। चादर से ढके होने के कारण गश्ती दल को संदेह हुआ और यह साजिश पकड़ी गई। • नेटवर्क की जांच जारी: उत्पाद विभाग अब इस बात की तफ्तीश कर रहा है कि उत्तर प्रदेश में यह खेप किसने उपलब्ध कराई थी और इसे गोपालगंज में किस सप्लायर को सौंपा जाना था। गिरोह के बैकवर्ड और फॉरवर्ड संपर्कों का पता लगाया जा रहा है। सवाल-जवाब 1. गोपालगंज में शराब तस्करी का कौन सा अनोखा मामला सामने आया है? गोपालगंज में उत्पाद पुलिस ने एक बाइक सवार को पकड़ा, जिसने गैस सिलेंडर के अंदर गुप्त तहखाना बनाकर उसमें शराब छिपा रखी थी। 2. सिलेंडर के अंदर से कितनी शराब बरामद की गई? सिलेंडर के गुप्त कंपार्टमेंट से 200 एमएल वाली बंटी-बबली ब्रांड की कुल 127 बोतलें बरामद हुईं। 3. यह कार्रवाई किस इलाके में की गई? यह जब्ती कुचायकोट थाना क्षेत्र के कर्म टोला फुलवरिया के समीप चलाए गए जांच अभियान के दौरान की गई। 4. शराब कहां से लाई जा रही थी? बाइक सवार यह खेप उत्तर प्रदेश की सीमा की तरफ से लेकर आ रहा था। 5. पुलिस अब मामले में क्या कदम उठा रही है? उत्पाद अधीक्षक अमृतेश कुमार के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर पूरे बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज का पता लगाया जा रहा है। 6. गोपालगंज में हाल ही में दूसरी कौन सी बड़ी जब्ती हुई थी? पुलिस ने एक बोलेरो गाड़ी से 216 लीटर विदेशी शराब जब्त कर पांच महिलाओं समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया था। https://trendkia.com/bihar/gopalganj-men-gaisa-silendara-katakara-banaya-tahakhana-jancha-men-nikali-127-botala-sharaba-42829 TrendKia — Har trend, sabse pehle.