# हाजीपुर में मादक पदार्थों की बड़ी खेप पकड़ी गई, दंपती समेत तीन गिरफ्तार

> वैशाली के बिदुपुर में संयुक्त छापेमारी के दौरान 119.29 ग्राम नशीला पदार्थ और 12.33 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद कर एक दंपती समेत तीन तस्करों को दबोचा गया।

**Type:** article · **Category:** बिहार · **Published:** 2026-11-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bihar/hajipur-men-madaka-padarthon-ki-bari-khepa-pakari-gai-dnpati-sameta-tina-giraphtara-55396 · **Language:** Hindi
**Tags:** हाजीपुर, वैशाली पुलिस, मादक पदार्थ जब्ती, बिदुपुर, बिहार अपराध

वैशाली जिले के हाजीपुर इलाके में प्रतिबंधित मादक पदार्थों के अवैध नेटवर्क पर सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस ने कड़ा प्रहार किया है। बिदुपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत माइल गांव के बगुलिया गाछी में एक सुनियोजित छापेमारी अभियान चलाया गया। इस संयुक्त कार्रवाई में मद्य निषेध विभाग, राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो पटना और वैशाली पुलिस की टीमों ने हिस्सा लिया। मौके से नशीले पदार्थों के गैरकानूनी धंधे में संलिप्त तीन व्यक्तियों को हिरासत में लेकर तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा कसा गया है। पकड़े गए आरोपियों में पति और पत्नी भी शामिल हैं, जो इस अवैध धंधे का संचालन कर रहे थे।

## छापेमारी में पकड़े गए आरोपियों का विवरण
सुरक्षा बलों द्वारा पकड़े गए तीनों आरोपियों की शिनाख्त नीरज कुमार, पवन ठाकुर और भानु कुमारी के रूप में की गई है। ये सभी आरोपी वैशाली जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र स्थित माइल गांव के रहने वाले हैं। पकड़े गए लोगों में नीरज कुमार और भानु कुमारी आपस में पति-पत्नी हैं। दोनों मिलकर गांव के इलाके से नशे की इस अवैध खरीद-बिक्री की व्यवस्था चला रहे थे और इसमें पवन ठाकुर भी उनका साथ दे रहा था। इस गिरोह के पकड़े जाने से ग्रामीण इलाके में चल रहे गुप्त धंधे का पर्दाफाश हुआ है।

## नशीले पदार्थ और 12 लाख से अधिक नकदी की बरामदगी
छापेमारी दल ने तलाशी के दौरान कुल 119.29 ग्राम मादक पदार्थ जब्त किया। नशीले पदार्थों की यह खेप डिब्बों में व्यवस्थित ढंग से छिपाकर रखी गई थी। इसमें एक छोटे डिब्बे के भीतर रखे तीन पैकेट तथा एक बड़े डिब्बे में रखे छह पैकेट शामिल पाए गए। इसके अतिरिक्त, ठिकाने से 12 लाख 33 हजार 160 रुपये की भारी नकदी भी बरामद की गई है। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं, क्योंकि यह जब्ती स्पष्ट करती है कि यह रैकेट बड़े पैमाने पर नकद लेन-देन कर रहा था।

## सप्लाई चेन और वित्तीय कड़ियों की पड़ताल
पुलिस और जांच एजेंसियों ने जब्त नकदी तथा मादक पदार्थों को अपने कब्जे में लेकर विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारी अब इस पहलू की गहराई से जांच कर रहे हैं कि 119.29 ग्राम नशीला पदार्थ किस स्रोत से मंगवाया जा रहा था और इसकी स्थानीय स्तर पर आपूर्ति किन-किन लोगों को की जानी थी। इसके साथ ही बरामद 12 लाख 33 हजार 160 रुपये के स्रोत की वित्तीय जांच भी की जा रही है। बिदुपुर की इस कार्रवाई को नशा तस्करों के खिलाफ अहम कामयाबी माना जा रहा है, और गिरोह के अन्य संभावित संपर्कों की तलाश में पूछताछ जारी है।

## इसका आप पर असर
इस कार्रवाई से ग्रामीण इलाकों में मादक पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़ी आपराधिक गतिविधियों पर सीधा असर पड़ेगा।

- **वैशाली और आसपास के क्षेत्रों में:** ग्रामीण मोहल्लों में अवैध नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला टूटेगी। इससे युवाओं को नशे के चंगुल में धकेलने वाले स्थानीय नेटवर्क की निगरानी और सख्त होगी।
- **स्थानीय नागरिकों के लिए:** मोहल्लों में संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों और अजनबियों की आवाजाही पर पुलिस की गश्त बढ़ेगी। नागरिक अपने क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय थाने को दे सकते हैं।
- **अपराध नियंत्रण के स्तर पर:** 12 लाख से अधिक की नकदी जब्ती के बाद स्थानीय हवाला और नकदी लेन-देन के स्रोतों पर जांच का दायरा बढ़ेगा। इससे अन्य छोटे तस्करों पर भी प्रशासनिक दबाव बनेगा।
- **कानूनी कार्रवाई के संदर्भ में:** पकड़े गए आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट के कड़े प्रावधानों के तहत मामला चलेगा। स्थानीय स्तर पर अवैध कारोबारियों के लिए यह कार्रवाई एक कड़ा संदेश साबित होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह कार्रवाई गुप्त सूचना और अंतर-एजेंसी समन्वय के आधार पर अवैध नशीले पदार्थों के प्रसार को रोकने के लिए की गई।

- **संयुक्त सूचना का मिलना:** मद्य निषेध विभाग और राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो पटना को बिदुपुर के माइल गांव में नशीले पदार्थों के भंडारण और सौदों की सटीक जानकारी मिली थी। इन जानकारियों को वैशाली पुलिस के साथ साझा कर छापेमारी की योजना बनाई गई।
- **गुप्त ठिकाने का इस्तेमाल:** तस्करों ने निगरानी से बचने के लिए माइल गांव के बगुलिया गाछी जैसे ग्रामीण इलाके को अपने संचालन का केंद्र बनाया था। गांव के भीतर से अवैध नेटवर्क चलाने के कारण जांच एजेंसियों को संयुक्त बल तैनात करना पड़ा।
- **नकदी और माल का संचय:** धंधे में भारी मात्रा में नकद राशि 12 लाख 33 हजार 160 रुपये और 119.29 ग्राम मादक पदार्थ जमा हो चुका था। इस पैमाने पर जमाखोरी ने छापेमारी दल को तुरंत मौके पर दबिश देने का आधार दिया।
- **सप्लाई चेन की पड़ताल:** प्राथमिक जांच के अनुसार यह गिरोह किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा था, जिसकी आपूर्ति कड़ियों की पहचान के लिए जांच जारी है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह छापेमारी किस स्थान पर की गई?
यह छापेमारी बिहार के वैशाली जिले में बिदुपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत माइल गांव स्थित बगुलिया गाछी में की गई।

### 2. कार्रवाई में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल थीं?
इस संयुक्त कार्रवाई में मद्य निषेध विभाग, राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो पटना और वैशाली पुलिस की टीम शामिल थी।

### 3. छापेमारी में किन लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने नीरज कुमार, उनकी पत्नी भानु कुमारी और पवन ठाकुर को गिरफ्तार किया है, जो माइल गांव के निवासी हैं।

### 4. मौके से कितनी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हुआ?
मौके से कुल 119.29 ग्राम मादक पदार्थ बरामद हुआ, जो छोटे और बड़े डिब्बों में कुल नौ पैकेटों में रखा गया था।

### 5. छापेमारी में कितनी नकदी जब्त की गई है?
अभियान के दौरान जांच एजेंसियों ने 12 लाख 33 हजार 160 रुपये की नकद राशि जब्त की है।

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