# जमुई में चलती ई-रिक्शा की बैटरी फटने से लगी भीषण आग, दो छात्राएं झुलसीं

> बिहार के जमुई में शुक्रवार सुबह एक ई-रिक्शा की बैटरी में जोरदार धमाका होने से आग लग गई, जिसमें दो छात्राएं गंभीर रूप से झुलस गईं।

**Type:** article · **Category:** बिहार · **Published:** 2026-10-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bihar/jamui-men-chalati-i-riksha-ki-baitari-phatane-se-lagi-bhishana-aga-do-chhatraen-jhulasin-45316 · **Language:** Hindi
**Tags:** जमुई समाचार, ई-रिक्शा हादसा, बैटरी ब्लास्ट, बिहार क्राइम और हादसे, सदर अस्पताल जमुई, सड़क सुरक्षा

बिहार के जमुई जिले में जमुई-सिकंदरा मुख्य मार्ग पर शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया। डॉ. नीरज साह के क्लिनिक के समीप सुबह करीब 9:30 बजे यात्रियों से भरी एक चलती ई-रिक्शा की बैटरी अचानक जोरदार धमाके के साथ फट गई। बैटरी फटने के कुछ ही सेकंडों में पूरे वाहन में भीषण आग फैल गई, जिसकी चपेट में आकर इंटरमीडिएट की दो छात्राएं बुरी तरह झुलस गईं। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान ई-रिक्शा चालक यात्रियों की सुरक्षा की परवाह किए बिना घटनास्थल से फरार हो गया।

## कोचिंग से लौट रही थीं छात्राएं, चेतावनी के बाद भी नहीं रुका चालक
हादसे के शिकार हुए लोग जमुई में अपनी कोचिंग क्लास समाप्त कर घर वापस लौट रहे थे। इस ई-रिक्शा में तीन छात्राओं सहित आधा दर्जन से ज्यादा यात्री सवार थे, जो भगवाना गांव की तरफ जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और सवारियों के अनुसार, वाहन जैसे ही महिसौड़ी चौक से आगे निकला, उसके निचले हिस्से से हल्का धुआं निकलना शुरू हो गया था। ई-रिक्शा में बैठी छात्राओं ने तुरंत धुआं देखकर चालक को सचेत किया और गाड़ी रोकने को कहा।

यात्रियों द्वारा बार-बार चेताए जाने के बावजूद चालक ने कोई ध्यान नहीं दिया। चालक ने अपने कानों में ईयरफोन लगा रखे थे और वह बेपरवाह होकर गाड़ी चलाता रहा। सवारियों के लगातार चिल्लाने और रुकने के आग्रह को अनसुना करते हुए वह वाहन को आगे बढ़ाता रहा। जैसे ही ई-रिक्शा डॉ. नीरज साह के क्लिनिक के नजदीक पहुंचा, अत्यधिक गर्म हो चुकी बैटरी अचानक तेज धमाके के साथ फट गई और आग की तेज लपटों ने पूरे वाहन को घेर लिया।

## घटनास्थल पर मची भगदड़ और बचाव कार्य
चलते वाहन में अचानक आग का गोला बनते ही मुख्य मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों के बीच कुछ देर के लिए भगदड़ की स्थिति बन गई। इसके तुरंत बाद आसपास के लोग बिना अपनी जान की परवाह किए मदद के लिए दौड़े और वाहन में फंसी छात्राओं को बाहर निकालने तथा आग पर काबू पाने की कोशिश में जुट गए। हालांकि, आग की लपटें इतनी भयानक थीं कि स्थानीय स्तर पर उसे पूरी तरह बुझाना संभव नहीं हो सका। बाद में मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने आग को पूरी तरह शांत किया। इस बीच चालक भीड़ और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला, जिसकी पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

## झुलसीं छात्राओं की स्थिति और अस्पताल में इलाज
आग में झुलसी दोनों छात्राओं की पहचान सदर प्रखंड क्षेत्र के भगवाना गांव के निवासियों के रूप में हुई है। इनमें से एक छात्रा 20 वर्षीय नेहा कुमारी हैं, जो मनोहर महतो की पुत्री हैं। दूसरी छात्रा अंजनी कुमारी हैं, जिनके पिता का नाम मनोहर यादव है।

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय नागरिकों ने अंजनी कुमारी को पास स्थित डॉ. नीरज साह के क्लिनिक में भर्ती कराया, जहां उनका प्राथमिक उपचार चल रहा है और उनकी स्थिति सामान्य बनी हुई है। वहीं नेहा कुमारी की हालत अत्यंत नाजुक होने के कारण उन्हें तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया गया। सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति और गहरे जख्मों को देखते हुए प्राथमिक चिकित्सा देने के बाद बेहतर इलाज हेतु पटना रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और चश्मदीदों व पीड़ितों से जानकारी जुटाई जा रही है।

## ई-रिक्शा बैटरियों में पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले
ई-रिक्शा बैटरियों में सुरक्षा खामियों और विस्फोट की घटनाएं पहले भी दर्ज की जा चुकी हैं। कुछ महीने पहले राजधानी दिल्ली के रघुबीर नगर इलाके में भी एक गोदाम के भीतर ई-रिक्शा की बैटरी फटने की भयावह घटना घटी थी, जहां आग लगने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। जमुई की इस ताजा घटना ने एक बार फिर व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल हो रहे इलेक्ट्रिक वाहनों की तकनीकी जांच, बैटरी की गुणवत्ता और चालकों की गैरजिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

## इसका आप पर असर
सार्वजनिक परिवहन के रूप में ई-रिक्शा का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों और दैनिक यात्रियों के लिए यह घटना सुरक्षा से जुड़े गंभीर पहलू उजागर करती है।

- **बिहार में:** जमुई और आसपास के क्षेत्रों में कोचिंग जाने वाले छात्र-छात्राओं और दैनिक यात्रियों को सार्वजनिक ई-रिक्शा में बैठते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। यदि किसी इलेक्ट्रिक वाहन से धुआं या असामान्य गंध आती दिखे तो तुरंत यात्रा रोककर नीचे उतरना ही सुरक्षित विकल्प है।
- **भारत में:** देशभर में इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहनों में अनधिकृत असेंबलिंग और घटिया बैटरी पैक के उपयोग को लेकर सख्त तकनीकी नियमों की मांग उठ रही है। यात्रियों को ईयरफोन लगाकर लापरवाही से गाड़ी चलाने वाले चालकों के खिलाफ स्थानीय प्रशासन से शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
- **यात्रियों के लिए आपातकालीन कदम:** इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की स्थिति में पानी के बजाय तुरंत दूरी बनाना और खिड़कियों या खुले किनारों से फौरन बाहर कूदना जीवन बचा सकता है। किसी भी तरह की चिंगारी दिखने पर चालक के रुकने का इंतजार किए बिना वाहन रुकवाने का कड़ा दबाव बनाएं।
- **सुरक्षा जांच और नियम:** स्थानीय परिवहन अधिकारियों द्वारा वाणिज्यिक ई-रिक्शा की फिटनेस जांच और बैटरी प्रमाणन की जांच तेज होने की संभावना है। बिना मानक उपकरण वाले वाहनों पर कानूनी कार्रवाई और जब्ती की प्रक्रिया बढ़ सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह हादसा ई-रिक्शा की अत्यधिक गर्म हो चुकी बैटरी में हुए अचानक थर्मल रनअवे या तकनीकी खराबी और चालक की घोर लापरवाही का सीधा परिणाम था।

- **चालक की लापरवाही:** वाहन से धुआं निकलने के बावजूद चालक कानों में ईयरफोन लगाए हुए था और यात्रियों की बार-बार दी गई चेतावनी को लगातार अनसुना करता रहा। समय रहते वाहन को रोककर खाली न कराए जाने के कारण यात्रियों को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला।
- **बैटरी में अत्यधिक हीटिंग या शॉर्ट सर्किट:** महिसौड़ी चौक पार करते ही बैटरी पैक से धुआं उठना शुरू हो गया था, जो आंतरिक सेल विफलता या गंभीर शॉर्ट सर्किट का संकेत था। अत्यधिक गर्मी बढ़ने के कारण बैटरी सेल अचानक फट गए और आग भड़क उठी।
- **पहले की घटनाएं:** निम्न-गुणवत्ता वाले बैटरी पैक और अत्यधिक चार्जिंग के कारण पहले भी दिल्ली के रघुबीर नगर जैसे इलाकों में ई-रिक्शा गोदामों में घातक आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
- **प्रशासनिक जांच:** स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर चश्मदीदों के बयान दर्ज किए हैं और तकनीकी कारणों तथा फरार चालक की धरपकड़ के लिए आधिकारिक जांच शुरू कर दी है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह हादसा कब और कहां हुआ?
यह हादसा बिहार के जमुई जिले में जमुई-सिकंदरा मुख्य मार्ग पर डॉ. नीरज साह के क्लिनिक के पास शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे हुआ।

### 2. ई-रिक्शा में आग कैसे लगी?
चलती ई-रिक्शा से पहले धुआं निकला और फिर डॉ. नीरज साह के क्लिनिक के पास उसकी बैटरी में अचानक जोरदार धमाका होने से आग लग गई।

### 3. हादसे में कौन-कौन घायल हुआ?
कोचिंग से लौट रहीं दो छात्राएं झुलस गईं, जिनकी पहचान भगवाना गांव की 20 वर्षीय नेहा कुमारी और अंजनी कुमारी के रूप में हुई है।

### 4. गंभीर रूप से झुलसी छात्रा को कहां रेफर किया गया है?
गंभीर रूप से झुलसी नेहा कुमारी को प्राथमिक उपचार के बाद जमुई सदर अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है।

### 5. चालक ने धुआं देखने के बाद गाड़ी क्यों नहीं रोकी?
चालक कानों में ईयरफोन लगाए हुए था और छात्राओं द्वारा बार-बार चेताए जाने के बावजूद उसने गाड़ी नहीं रोकी।

### 6. क्या ई-रिक्शा चालक पकड़ा गया?
नहीं, धमाका होते ही चालक मौके पर मची भगदड़ का फायदा उठाकर फरार हो गया और पुलिस उसकी पहचान में जुटी है।

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