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  "type": "article",
  "title": "कैमूर में फर्जी अफसर बनकर लूटा ₹2.92 करोड़ का सोना, बरेली से तीन आरोपी दबोचे गए",
  "summary": "बिहार के भभुआ रोड स्टेशन पर कारोबारी के कर्मचारी को डरा-धमकाकर 2.06 किलो सोना ऐंठने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने बरेली से गिरफ्तार कर 612.74 ग्राम सोना बरामद किया है।",
  "content": "बिहार के कैमूर जिले में चलती ट्रेन और रेलवे स्टेशन परिसर के भीतर फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर आभूषण कारोबारी के कर्मचारी से करोड़ों रुपये का सोना ठगने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जालसाजों ने खुद को सरकारी महकमे का आला अफसर बताकर कानूनी कार्रवाई, जेल भेजने और कारोबारी के ठिकाने पर रेड डलवाने की धमकी दी। इस खौफ में आकर कर्मचारी ने अपने पास मौजूद 2.06 किलो सोना जालसाजों को सौंप दिया। मामले की जांच में जुटी रेल पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस के तालमेल से बरेली में दबिश देकर तीन आरोपियों को दबोच लिया, जिनके कब्जे से 612.74 ग्राम सोना और चार मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।\n\nभभुआ रोड स्टेशन पर बुना गया खौफ का जाल\nयह वारदात भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पर उस वक्त हुई जब आभूषण कारोबारी संजय कुमार खंडेलवाल का कर्मचारी करीब 2 किलो सोना लेकर सफर कर रहा था। रास्ते में कुछ अज्ञात लोगों ने उसे रोक लिया और खुद को जांच एजेंसी का सरकारी अधिकारी बताया। आरोपियों ने कर्मचारी पर सोने के कागजात को लेकर दबाव बनाया और कहा कि उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उसे जेल भेज दिया जाएगा। इतना ही नहीं, गिरोह के सदस्यों ने कारोबारी संजय कुमार खंडेलवाल के घर पर भारी पुलिस बल के साथ छापेमारी कराने का खौफ दिखाया। इस मानसिक दबाव और डर के चलते कर्मचारी ने करीब 2.06 किलो सोने की पूरी खेप आरोपियों के हवाले कर दी, जिसके बाद आरोपी मौका पाकर तुरंत गायब हो गए।\n\n₹2.92 करोड़ के सोने की ठगी और एसआईटी का गठन\nवारदात की जानकारी मिलने के बाद आभूषण कारोबारी संजय कुमार खंडेलवाल ने 24 अक्टूबर को रेल थाना भभुआ में लिखित तहरीर देकर औपचारिक प्राथमिकी दर्ज कराई। छीने गए सोने का कुल मूल्य बाजार भाव के हिसाब से लगभग 2 करोड़ 92 लाख 87 हजार 600 रुपये (2,92,87,600) आंका गया। मामले की भारी रकम और संगीन प्रकृति को देखते हुए रेल पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए और विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी ने स्टेशन और आसपास के तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस फुटेज और कॉल रिकॉर्ड्स की गहन पड़ताल शुरू की।\n\n15 हजार रुपये पाने वाले मुलाजिम की निकली गद्दारी\nतकनीकी छानबीन और पूछताछ के दौरान इस पूरी साजिश का चौंकाने वाला सच उजागर हुआ। कारोबारी के यहां महज 15 हजार रुपये महीने के वेतन पर काम करने वाला कर्मचारी सचिन गंगवार ही इस पूरे षड्यंत्र का मुख्य सूत्रधार निकला। सचिन ने कम वेतन के लालच में बाहर के जालसाजों के साथ सांठगांठ की और सोने की खेप ले जाने की सटीक जानकारी, रूट और समय पहले ही साझा कर दिया था। उसी की मुखबिरी के आधार पर फर्जी अफसरों का नाटक रचकर यह पूरी वारदात अंजाम दी गई।\n\nबरेली में छापेमारी और 612.74 ग्राम सोना बरामद\nरेल पुलिस की विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से बरेली में कई ठिकानों पर दबिश दी। इस संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने सचिन गंगवार, रोहित कुमार और वरुण कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में वरुण कुमार पेशे से मकान निर्माण का ठेकेदार है। पुलिस ने वरुण के घर की तलाशी लेकर 612.74 ग्राम सोना और वारदात में इस्तेमाल किए गए चार मोबाइल फोन जब्त कर लिए।\n\nबाकी सोने और सहयोगियों की तलाश तेज\nरविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेल डीएसपी गुलशन कुमार ने इस पूरे अंतरराज्यीय गिरोह के खुलासे का ब्योरा साझा किया। रेल डीएसपी गुलशन कुमार ने बताया कि मामले में शेष सोने की बरामदगी के लिए टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इसके साथ ही इस ठगी नेटवर्क में शामिल अन्य फरार साथियों और मददगारों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाने की कार्रवाई जारी है।\n\nइसका आप पर असर\nइस घटना से ट्रेनों और सार्वजनिक परिवहन के जरिए कीमती सामान या नकदी लेकर चलने वाले व्यापारियों और आम यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी मिलती है।\n\n• भारत में: रेलवे या सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी वर्दीधारी या सादे कपड़ों वाले व्यक्ति द्वारा चेकिंग किए जाने पर आम नागरिक उसकी आधिकारिक पहचान पत्र मांगने का अधिकार रखते हैं। यदि कोई कानूनी प्रक्रिया का भय दिखाकर सामान जब्त करने की कोशिश करे, तो बिना नजदीकी पुलिस स्टेशन या रेलवे हेल्पलाइन (139) की मौजूदगी के कोई भी वस्तु अज्ञात व्यक्तियों को न सौंपें।\n• बिहार में: कैमूर और आसपास के सीमावर्ती रेलवे स्टेशनों पर व्यापारिक पार्सल ले जाने वाले स्थानीय व्यापारियों को अब आंतरिक कर्मचारियों की कड़ी पुलिस वेरिफिकेशन करानी होगी। 15 हजार रुपये के कर्मचारी द्वारा ढाई करोड़ से अधिक की जानकारी लीक करने से साफ है कि संवेदनशील डिलीवरी के लिए निजी सुरक्षा और कड़े प्रोटोकॉल जरूरी हैं।\n• आभूषण व्यापारियों के लिए: बड़े मूल्य के सोने या कीमती पत्थरों के परिवहन के दौरान कर्मचारियों को अकेले भेजने के बजाय जीपीएस ट्रैकिंग और सुरक्षा दल का उपयोग करना चाहिए। पार्सल के साथ जीएसटी बिल, ई-वे बिल और वैध दस्तावेज साथ रखना अनिवार्य है ताकि फर्जी अधिकारी डरा न सकें।\n• कानूनी सहायता: ऐसी स्थिति में संदिग्ध व्यक्ति को तुरंत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) या जीआरपी चौकी पर चलने के लिए कहना चाहिए। इससे फर्जी अधिकारियों की पोल तुरंत खुल जाती है और माल की जब्ती का फर्जी नाटक विफल हो जाता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह वारदात एक सुनियोजित अंदरूनी साजिश और नकली सरकारी प्राधिकार का डर दिखाकर की गई सुनियोजित ठगी का परिणाम थी।\n\n• सीधा कारण: व्यापारी के विश्वासपात्र कर्मचारी सचिन गंगवार ने चंद पैसों के लालच में सोने की सटीक डिलीवरी योजना, ट्रेन का समय और रूट बरेली के जालसाजों को लीक कर दिया था। इसी अंदरूनी मुखबिरी के आधार पर जालसाजों ने भभुआ रोड स्टेशन पर घात लगाकर कर्मचारी को घेर लिया।\n• परिस्थितिजन्य कारक: सोने की अवैध आवाजाही और टैक्स चोरी की लगातार होने वाली वास्तविक कार्रवाइयों के डर का आरोपियों ने फायदा उठाया। बिना पहचान पत्र देखे गिरफ्तारी और मालिक के घर छापेमारी की धमकी देकर उन्होंने कर्मचारी की घबराहट का मनोवैज्ञानिक लाभ उठाया।\n• आगे की कार्रवाई: रेल पुलिस ने सचिन समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 612.74 ग्राम सोना बरामद किया है। शेष सोने की बरामदगी और इस साजिश में शामिल अन्य बिचौलियों की गिरफ्तारी के लिए अंतरराज्यीय पुलिस दल लगातार छापेमारी कर रहे हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यह घटना किस रेलवे स्टेशन पर हुई?\nयह ठगी बिहार के कैमूर जिले में स्थित भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पर हुई।\n\n2. ठगों ने कर्मचारी से कितना सोना और किस कीमत का माल उड़ाया था?\nठगों ने कर्मचारी से 2.06 किलो सोना ठगा, जिसकी कुल कीमत 2 करोड़ 92 लाख 87 हजार 600 रुपये आंकी गई है।\n\n3. इस मामले में प्राथमिकी कब और कहां दर्ज कराई गई?\nकारोबारी संजय कुमार खंडेलवाल की शिकायत पर 24 अक्टूबर को रेल थाना भभुआ में प्राथमिकी दर्ज की गई।\n\n4. पुलिस ने किन आरोपियों को गिरफ्तार किया है?\nपुलिस ने बरेली से कारोबारी के कर्मचारी सचिन गंगवार, रोहित कुमार और मकान निर्माण ठेकेदार वरुण कुमार को गिरफ्तार किया है।\n\n5. गिरफ्तार आरोपियों के पास से क्या-क्या बरामद हुआ है?\nपुलिस ने आरोपियों के पास से 612.74 ग्राम सोना और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं।\n\n6. कारोबारी के कर्मचारी सचिन गंगवार की इस साजिश में क्या भूमिका थी?\n15 हजार रुपये महीने पर काम करने वाले सचिन गंगवार ने ही ठगों के साथ मिलकर सोने की आवाजाही की जानकारी लीक की और वारदात की साजिश रची।",
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  "publishedAt": "2026-11-01",
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    "रेल पुलिस",
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  "whyItHappened": "यह वारदात एक सुनियोजित अंदरूनी साजिश और नकली सरकारी प्राधिकार का डर दिखाकर की गई सुनियोजित ठगी का परिणाम थी।\n\n• सीधा कारण: व्यापारी के विश्वासपात्र कर्मचारी सचिन गंगवार ने चंद पैसों के लालच में सोने की सटीक डिलीवरी योजना, ट्रेन का समय और रूट बरेली के जालसाजों को लीक कर दिया था। इसी अंदरूनी मुखबिरी के आधार पर जालसाजों ने भभुआ रोड स्टेशन पर घात लगाकर कर्मचारी को घेर लिया।\n• परिस्थितिजन्य कारक: सोने की अवैध आवाजाही और टैक्स चोरी की लगातार होने वाली वास्तविक कार्रवाइयों के डर का आरोपियों ने फायदा उठाया। बिना पहचान पत्र देखे गिरफ्तारी और मालिक के घर छापेमारी की धमकी देकर उन्होंने कर्मचारी की घबराहट का मनोवैज्ञानिक लाभ उठाया।\n• आगे की कार्रवाई: रेल पुलिस ने सचिन समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 612.74 ग्राम सोना बरामद किया है। शेष सोने की बरामदगी और इस साजिश में शामिल अन्य बिचौलियों की गिरफ्तारी के लिए अंतरराज्यीय पुलिस दल लगातार छापेमारी कर रहे हैं।",
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