# कैमूर के मोहनिया चेकपोस्ट पर वर्दी में वसूली करते चार जवान रंगे हाथ धरे गए, 83,300 कैश और मोबाइल जब्त

> बिहार के कैमूर जिले में मोहनिया समेकित जांच चौकी पर वाहन चालकों से पैसे वसूलते तीन सैप जवान और एक होमगार्ड जवान गिरफ्तार किए गए, आरोपियों के पास से 83,300 रुपये नगद और चार मोबाइल फोन बरामद हुए।

**Type:** article · **Category:** बिहार · **Published:** 2026-07-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bihar/kaimura-ke-mohania-chekaposta-para-vardi-men-vasuli-karate-chara-javana-rnge-hatha-dhare-gae-83-300-kaisha-aura-mobaila-jabta-9575 · **Language:** Hindi
**Tags:** मोहनिया वसूली, कैमूर पुलिस, सैप जवान गिरफ्तार, होमगार्ड जवान, बिहार अवैध वसूली, जांच चौकी छापेमारी

बिहार के कैमूर जिले में मोहनिया समेकित जांच चौकी एक बार फिर वर्दी में हो रही अवैध कमाई की वजह से सुर्खियों में है। पुलिस ने संयुक्त छापेमारी करके वाहन चालकों से पैसे ऐंठते चार जवानों को रंगे हाथों दबोच लिया। इनमें तीन जवान विशेष सशस्त्र पुलिस यानी सैप के हैं, जबकि एक होमगार्ड का जवान है। मौके से मिली भारी नकदी और मोबाइल फोन इस पूरे खेल की पोल खोलते हैं।

## 83,300 रुपये नगद और चार मोबाइल फोन बरामद
कैमूर के एसपी शिखर चौधरी के निर्देश पर यातायात डीएसपी और मोहनिया थाने की टीम ने मिलकर बीती रात मोहनिया की समेकित जांच चौकी पर दबिश दी। टीम ने देखा कि चौकी पर तैनात जवान गुजरते वाहनों को रोककर उनसे पैसे ले रहे थे। मौके पर ही चारों को पकड़ लिया गया और तलाशी में इनके पास से 83,300 रुपये नगद और चार मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस इस पूरे मामले की बारीकी से जांच में जुट गई है।

## कौन हैं गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में से तीन सैप जवान गंगासागर सिंह, बच्चू प्रसाद और मनीराम शर्मा हैं। चौथा आरोपी सुनील कुमार गुप्ता है, जो होमगार्ड का जवान बताया गया है। चारों को उसी वक्त हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए ले जाया गया।

## एक महीने में दूसरी बड़ी कार्रवाई, अब तक 15 गिरफ्तार
यह कोई पहला मामला नहीं है। इसी जांच चौकी पर एक महीने के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले भी यहां छापेमारी हुई थी, जिसमें चार सैप जवानों और पांच निजी सहायकों समेत कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। दोनों कार्रवाइयों को जोड़ दें तो एक महीने के भीतर इस चौकी से अब तक कुल 15 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इतनी बार एक ही जगह से वसूली पकड़े जाने से साफ है कि यह कोई इक्का दुक्का घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से चला आ रहा खेल था।

## चौबीसों घंटे तैनाती, फिर भी अफसरों को भनक तक नहीं
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस जांच चौकी पर 24 घंटे तीनों शिफ्टों में अधिकारियों की ड्यूटी लगी होती है, इसके बावजूद जांच प्रभारी यानी एडीटीओ आलोक कुमार को इस अवैध वसूली की भनक तक नहीं लगी। विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद चौकी पर वसूली का यह सिलसिला लगातार चलता रहा। बार बार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने निगरानी तंत्र और पूरे प्रशासनिक ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

## डीएसपी बोले, मामले में पूछताछ जारी
मोहनिया के डीएसपी गोपाल कृष्ण ने मीडिया को बताया कि जांच चौकी मोहनिया से 83,300 रुपये के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें तीन सैप जवान और एक होमगार्ड जवान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल मामले में पूछताछ की जा रही है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** यह घटना दिखाती है कि हाईवे और जांच चौकियों पर वर्दीधारियों द्वारा अवैध वसूली अब भी कई जगह जारी है, जिससे आम वाहन चालकों को यात्रा के दौरान परेशान होना पड़ता है।
- **कैमूर में:** मोहनिया चौकी से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए यह राहत की बात है कि प्रशासन ने कार्रवाई की है, हालांकि एक महीने में 15 गिरफ्तारियां बताती हैं कि इस रूट पर सतर्कता अभी भी जरूरी है।

## सवाल-जवाब

### 1. मोहनिया में किन जवानों को गिरफ्तार किया गया?
तीन सैप जवान गंगासागर सिंह, बच्चू प्रसाद और मनीराम शर्मा तथा होमगार्ड जवान सुनील कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया गया।

### 2. आरोपियों के पास से क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपियों के पास से 83,300 रुपये नगद और चार मोबाइल फोन बरामद किए।

### 3. यह छापेमारी किसके निर्देश पर हुई?
कैमूर एसपी शिखर चौधरी के निर्देश पर यातायात डीएसपी और मोहनिया थाने की संयुक्त टीम ने यह छापेमारी की।

### 4. क्या मोहनिया चौकी पर पहले भी ऐसी कार्रवाई हुई थी?
हां, एक महीने के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है, पहले चार सैप जवानों और पांच निजी सहायकों समेत नौ लोग गिरफ्तार हुए थे।

### 5. अब तक कुल कितने लोग गिरफ्तार हो चुके हैं?
दोनों कार्रवाइयों को मिलाकर एक महीने में इस चौकी से कुल 15 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

### 6. क्या अधिकारियों को इस वसूली की जानकारी थी?
चौबीसों घंटे तीनों शिफ्टों में अधिकारियों की तैनाती के बावजूद जांच प्रभारी एडीटीओ आलोक कुमार को इसकी भनक नहीं लगी।

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