# मधेपुरा में राजद विधायक के रिश्तेदार को गोलियों से भूना, बाइक सवार बदमाशों ने वारदात को दिया अंजाम

> बिहार के मधेपुरा जिले में बीएन मंडल विश्वविद्यालय जा रहे एक युवक की बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक प्रिंस रंजन राजद विधायक चंद्रशेखर के ममेरे भाई बताए जा रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** बिहार · **Published:** 2026-10-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bihar/madhepura-men-rjd-vidhayaka-ke-rishtedara-ko-goliyon-se-bhuna-baika-savara-badamashon-ne-varadata-ko-diya-anjama-48242 · **Language:** Hindi
**Tags:** मधेपुरा मर्डर, बिहार अपराध, राजद विधायक चंद्रशेखर, घैलाढ़ थाना, बीएन मंडल विश्वविद्यालय

बिहार के मधेपुरा जिले में अपराधियों ने एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम देते हुए शुक्रवार को एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। मृत युवक की पहचान घैलाढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इनरवा गांव के वार्ड 7 निवासी सुनील यादव के पुत्र प्रिंस रंजन के रूप में हुई है। यह पूरी घटना शुक्रवार के दिन उस समय सामने आई जब वे अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर बीएन मंडल विश्वविद्यालय की तरफ जा रहे थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की दोपहर लगभग 12 बजे वे अपने घर से पल्सर बाइक पर सवार होकर निकले थे। जब वे गोढ़ियारी चिमनी के पास नहर के पश्चिमी हिस्से में पहुंचे, तभी पहले से घात लगाए बाइक सवार बदमाशों ने उन पर हमला बोल दिया और उनकी पीठ में गोली दाग दी।

## मोबाइल लूटने का विरोध करने पर ली गई जान

इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। राजद विधायक चंद्रशेखर ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताते हुए जिले की कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विधायक चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि प्रिंस रंजन उनके बेहद करीबी रिश्तेदार थे। उनके अनुसार, हमलावरों ने दो युवकों से उनकी मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन छीनने का प्रयास किया था। जब प्रिंस रंजन ने अपना मोबाइल फोन सौंपने से इंकार किया और इसका कड़ा विरोध जताया, तब बदमाशों ने उन पर गोली चला दी।

विधायक ने इस बात पर भी चिंता जताई कि इस तरह के अपराधों का शिकार कोई भी आम नागरिक बन सकता है। इसलिए सरकार और प्रशासन को आम जनता के जानमाल की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि इलाके में कोई भी सूनी सड़क अब सुरक्षित नहीं बची है। जिस मार्ग पर इस वारदात को अंजाम दिया गया है, उसी सड़क पर पिछले छह महीनों के दौरान मोबाइल और मोटरसाइकिल लूटपाट की करीब 12 से 14 घटनाएं घटित हो चुकी हैं। उनके मुताबिक, उस इलाके में ऐसी घटनाएं लगभग रोजाना का नियम बन चुकी हैं।

## दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और स्पीडी ट्रायल की मांग

घटना के सामने आने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और परिजनों में भारी आक्रोश है। राजद विधायक चंद्रशेखर ने सरकार के सुशासन के दावों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि केवल कागजी दावे करने भर से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती। पुलिस और प्रशासन को कागजी कार्रवाई से बाहर निकलकर अपराध पर नकेल कसने के लिए धरातल पर कड़े कदम उठाने होंगे। उन्होंने प्रशासन के सामने यह मांग रखी है कि इस नृशंस हत्या में शामिल सभी अपराधियों की तुरंत शिनाख्त की जाए और उन्हें बिना किसी देरी के गिरफ्तार किया जाए।

विधायक ने यह भी मांग की कि इस पूरे मामले में स्पीडी ट्रायल चलाया जाना चाहिए ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द और सख्त से सख्त सजा मिल सके। उनका मानना है कि अपराधियों के खिलाफ ऐसी मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई होनी चाहिए जिससे भविष्य में इस तरह के दुस्साहस दोबारा न हो सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि सरकार वाकई आम आदमी की सुरक्षा को लेकर गंभीर है, तो ऐसे अपराध-संवेदनशील और सुनसान इलाकों में पुलिस कर्मियों की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जानी चाहिए।

## पुलिस प्रशासन की जांच और कार्रवाई जारी

दूसरी तरफ, इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महकमा भी हरकत में आ गया है। सदर एसडीपीओ अजय कुमार ने मीडिया को जानकारी दी कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गया और मामले की तहकीकात शुरू कर दी गई। पुलिस ने औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाया और उसके बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे की असली वजह अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन शुरुआती सुरागों के आधार पर अपराधियों की पहचान करने का प्रयास तेजी से चल रहा है। आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस की विभिन्न टीमें लगातार छापेमारी अभियानों को अंजाम दे रही हैं।

## इसका आप पर असर
यह घटना बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

- **बिहार में:** सुनसान सड़कों और ग्रामीण इलाकों में यात्रा करने वाले आम नागरिकों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस प्रशासन पर लूटपाट और छिनैती की घटनाओं पर लगाम कसने का भारी दबाव बन गया है।

- **मधेपुरा में:** स्थानीय निवासियों और विशेषकर छात्रों के मन में दहशत का माहौल है जो रोजाना बीएन मंडल विश्वविद्यालय मार्ग से गुजरते हैं। पुलिस गश्त बढ़ने और संवेदनशील मार्गों पर सख्त निगरानी लागू होने की उम्मीद की जा रही है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह वारदात लूटपाट के दौरान उपजे विवाद का नतीजा बताई जा रही है, जहां बदमाशों ने विरोध करने पर युवक पर गोली चला दी।

- **आपराधिक पृष्ठभूमि:** स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार जिस मार्ग पर यह घटना हुई, वहां पिछले छह महीनों में लूटपाट और छिनैती की एक दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं।

- **पुलिस कार्रवाई:** घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और सदर एसडीपीओ मौके पर पहुंचे और आरोपियों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी।

## सवाल-जवाब

### 1. प्रिंस रंजन की हत्या कहां हुई?
प्रिंस रंजन की हत्या मधेपुरा जिले के घैलाढ़ थाना क्षेत्र के गोढ़ियारी चिमनी के पास नहर के पश्चिमी हिस्से में हुई।

### 2. मृतक प्रिंस रंजन कौन थे?
प्रिंस रंजन इनरवा गांव के वार्ड 7 निवासी सुनील यादव के पुत्र थे और राजद विधायक चंद्रशेखर के ममेरे भाई थे।

### 3. घटना के समय वे कहां जा रहे थे?
प्रिंस रंजन अपनी पल्सर बाइक से बीएन मंडल विश्वविद्यालय जा रहे थे।

### 4. यह घटना क्यों घटी?
बदमाशों द्वारा मोबाइल और मोटरसाइकिल छीनने के प्रयास का विरोध करने पर प्रिंस रंजन को गोली मार दी गई।

### 5. पुलिस इस मामले में क्या कर रही है?
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

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