# मोतिहारी में शिक्षक शमशाद आलम मर्डर केस: मुखिया का ड्राइवर गिरफ्तार, अब तक चार पकड़े गए

> मोतिहारी के बंजरिया में शिक्षक शमशाद आलम की बर्बर हत्या के मामले में पुलिस ने मुखिया के ड्राइवर जुबैर आलम को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे इस प्रकरण में पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या चार हो गई है।

**Type:** article · **Category:** बिहार · **Published:** 2026-11-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bihar/motihari-men-shikshaka-shamshad-alam-mardara-kesa-mukhiya-ka-draivara-giraphtara-aba-taka-chara-pakare-gae-55495 · **Language:** Hindi
**Tags:** शमशाद आलम हत्याकांड, मोतिहारी पुलिस, बंजरिया थाना, बिहार अपराध, जुबैर आलम गिरफ्तारी, सदर अस्पताल प्रदर्शन, तेजस्वी यादव

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले अंतर्गत मोतिहारी के बंजरिया थाना क्षेत्र में शिक्षक शमशाद आलम की नृशंस हत्या की जांच कर रही पुलिस टीम के हाथ एक अहम सफलता लगी है। सिसवा पूर्वी पंचायत के मुखिया की गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर जुबैर आलम को पुलिस ने अप्राथमिकी अभियुक्त के तौर पर अपनी हिरासत में ले लिया है। जांचकर्ताओं के अनुसार शिक्षक को रास्ते में बंधक बनाकर पंचायत भवन के अंदर पीटने, जान लेने और उसके बाद शव को गाड़ी से ले जाकर ठिकाने लगाने के घटनाक्रम में इस ड्राइवर की भूमिका बेहद संदिग्ध पाई गई थी। इस ताजा गिरफ्तारी के साथ ही बहुचर्चित शिक्षक हत्याकांड में सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपियों की कुल संख्या अब चार हो गई है।

## ड्यूटी खत्म कर लौटते वक्त बनाया गया था बंधक
यह खौफनाक वारदात बीते 17 सितंबर को उस वक्त घटी जब शिक्षक शमशाद आलम बंजरिया प्रखंड स्थित एक सरकारी स्कूल में परीक्षा नियंत्रण का दायित्व पूरा करने के बाद अपने घर की ओर लौट रहे थे। पुरानी रंजिश के चलते घात लगाए बैठे हमलावरों ने सिसवा पूर्वी पंचायत के नजदीक उन्हें अचानक चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद हमलावर जबरन उन्हें घसीटते हुए पास के पंचायत भवन के भीतर ले गए और दरवाजा भीतर से बंद कर दिया।

मामले में दर्ज शिकायतों और आरोपों के अनुसार, राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित मुखिया तान्या प्रवीण की मौजूदगी में कई लोगों ने लाठी और डंडों से शिक्षक पर टूट पड़ते हुए क्रूरता की सारी सीमाएं लांघ दीं। बर्बर हमले में शमशाद आलम के हाथ और पैर तोड़ दिए गए और उन्हें बेहद गंभीर हालत में पहुंचा दिया गया था।

## पिता का आरोप: चीखें सुनते रहे, किसी ने नहीं खोला दरवाजा
मृतक शिक्षक के पिता मोहम्मद रफीक आलम ने उस भयावह दिन का जो विवरण दिया है, उसने पूरी घटना और स्थानीय स्तर पर हुई लापरवाही को उजागर कर दिया है। पिता के अनुसार, ग्रामीणों से सूचना मिलते ही वे घबराए हुए पंचायत भवन पहुंचे थे। उस समय पंचायत भवन का मुख्य दरवाजा भीतर से बंद था और अंदर से उनके बेटे शमशाद की दर्दनाक चीखें और मदद की गुहार सुनाई दे रही थीं।

लाचार पिता ने लगातार दरवाजा पीटा और आसपास मौजूद लोगों से बेटे की जान बचाने के लिए आगे आने की गुहार लगाई, लेकिन डर या मिलीभगत के कारण कोई भी मदद के लिए सामने नहीं आया। कुछ ही देर बाद पंचायत भवन का दरवाजा खुला और वहां से एक थार गाड़ी बेहद तेज रफ्तार में बाहर निकल गई। पिता जब अंदर भागे तो शमशाद वहां मौजूद नहीं थे, हमलावर उन्हें गाड़ी में डालकर ले जा चुके थे।

## पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल और धमकी का आरोप
बेटे को न पाकर मोहम्मद रफीक तुरंत बंजरिया थाने पहुंचे और पुलिस कर्मियों के सामने रोते हुए बेटे की जिंदगी बचाने की गुहार लगाई। पिता का गंभीर आरोप है कि सूचना मिलने पर पुलिस पंचायत भवन तक तो पहुंची, लेकिन महज औपचारिकता निभाकर बैरंग लौट आई। इसके साथ ही पीड़ित परिजनों को धमकाते हुए यहां तक कह दिया गया कि मामला पूरी तरह झूठा है और यदि ज्यादा शोर मचाया तो उल्टा परिजनों को ही जेल भेज दिया जाएगा।

इस दर्दनाक घटनाक्रम के करीब तीन घंटे बीत जाने के बाद बंजरिया पुलिस ने परिजनों को फोन पर जानकारी दी कि शमशाद आलम मोतिहारी के सदर अस्पताल में हैं। जब परिजन बदहवास हालत में सदर अस्पताल पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। अस्पताल परिसर में न तो कोई पुलिसकर्मी तैनात था और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था थी, बल्कि शिक्षक शमशाद आलम का निष्प्राण शरीर लावारिस हालत में पड़ा हुआ था।

## सड़क पर प्रदर्शन और तेजस्वी यादव का आश्वासन
शिक्षक की इस बर्बर हत्या की खबर फैलते ही समूचे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने मृतक शमशाद के शव को मोतिहारी शहर के सदर अस्पताल के पास मुख्य मार्ग पर रखकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क जाम और हंगामे की वजह से घंटों यातायात ठप रहा और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।

मामले के राजनीतिक तूल पकड़ने पर राष्ट्रीय जनता दल का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचा। शिष्टमंडल के सदस्यों ने परिजनों की बातचीत व्हाट्सएप वीडियो कॉल के माध्यम से बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से कराई। तेजस्वी यादव ने शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी और भरोसा दिलाया कि इस जघन्य हत्याकांड के सभी दोषियों को सजा दिलाने और परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए हर संभव कानूनी व सार्वजनिक लड़ाई लड़ी जाएगी।

## जेल दौरे पर सवाल और विधानसभा अध्यक्ष को लिखित शिकायत
इस हत्याकांड में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब मृतक शिक्षक के पिता मोहम्मद रफीक आलम ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष को एक औपचारिक लिखित आवेदन सौंपा। इस पत्र में बिहार विधानसभा की 'गैर सरकारी विधेयक एवं संकल्प समिति' के सभापति द्वारा मोतिहारी केंद्रीय कारागार के किए गए भ्रमण पर बेहद गंभीर प्रश्न खड़े किए गए हैं।

पिता ने सीधे तौर पर यह आरोप लगाया है कि समिति के सभापति ने जेल परिसर के भीतर जाकर हत्याकांड के बंद अभियुक्तों से मुलाकात की और उन्हें अनुचित संरक्षण व सहायता पहुंचाई है। पीड़ित पिता ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई है, ताकि जेल के भीतर से रची जा रही साजिशों और राजनीतिक पहुंच का सच सामने आ सके।

## चार आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
बंजरिया थाना पुलिस ने शिक्षक शमशाद आलम हत्याकांड के सिलसिले में कुल नौ नामजद अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस की कार्रवाई में अब तक नामजद नौ आरोपियों में से दो को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त गहन छानबीन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो अप्राथमिकी अभियुक्तों को भी दबोचा गया है, जिनमें मुखिया का वाहन चालक जुबैर आलम शामिल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बाकी फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही अन्य अभियुक्तों को भी कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।

## इसका आप पर असर
यह घटना सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और स्थानीय ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

- **भारत में:** चुनावी अथवा परीक्षा ड्यूटी जैसे सरकारी कार्यों में लगे शिक्षकों और कर्मचारियों की ऑन-ड्यूटी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर देशव्यापी दिशा-निर्देशों की आवश्यकता रेखांकित होती है। ऐसे संवेदनशील मामलों में पारदर्शी कानूनी प्रक्रियाओं की निगरानी से प्रशासनिक जवाबदेही तय करने का दबाव बनता है।
- **मोतिहारी में:** पूर्वी चंपारण और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तैनात शिक्षकों व स्थानीय निवासियों के बीच व्यक्तिगत रंजिशों के चलते उपजे भय के माहौल पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ही भरोसा लौट सकता है। पीड़ित परिवार और स्थानीय नागरिकों के लिए निष्पक्ष जांच से यह सुनिश्चित होगा कि सत्ता या रसूख के दम पर जांच प्रभावित न हो सके।
- **न्याय प्रक्रिया पर प्रभाव:** नामजद और अप्राथमिकी अभियुक्तों की धरपकड़ से मामले की चार्जशीट मजबूत होगी और अदालत में समय पर सुनवाई का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे पीड़ित परिवार को कानूनी लड़ाई में मजबूती मिलेगी और गवाहों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
- **सार्वजनिक व्यवस्था:** सदर अस्पताल के बाहर हुए चक्काजाम जैसे जनाक्रोश से आम यात्रियों और मरीजों को हुई असुविधा के बाद प्रशासन को कानून-व्यवस्था चुस्त रखनी होगी। इससे भविष्य में ऐसी अप्रिय घटनाओं के बाद त्वरित संवाद कायम करने की व्यवस्था बनेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
शिक्षक शमशाद आलम की हत्या पूर्व की रंजिश और पंचायत स्तर पर वर्चस्व के विवाद के परिणामस्वरूप हुई, जिसे योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया।

- **सीधा कारण:** परीक्षा नियंत्रण ड्यूटी से लौटते समय पुरानी व्यक्तिगत दुश्मनी के चलते हमलावरों ने शिक्षक को जबरन घेरकर पंचायत भवन में बंधक बनाया और बर्बर पिटाई की।
- **ड्राइवर की संलिप्तता:** मुखिया की गाड़ी के चालक जुबैर आलम की संदिग्ध भूमिका सामने आई, जिसने हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए वाहन का इस्तेमाल करने में सहयोग किया।
- **प्रशासनिक शिथिलता का आरोप:** पिता द्वारा तत्काल थाने पहुंचकर गुहार लगाने के बावजूद मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा त्वरित प्रभावी कदम न उठाने और परिजनों को धमकाने से स्थिति बदतर हुई।
- **आगे की दिशा:** मामले में कुल नौ नामजद आरोपियों में से सात अभी फरार हैं, जिनकी धरपकड़ के लिए पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. शिक्षक शमशाद आलम की हत्या कब और कहां हुई थी?
यह वारदात 17 सितंबर को बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले के बंजरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत सिसवा पूर्वी पंचायत में हुई थी।

### 2. पुलिस ने हाल ही में किसे गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने सिसवा पूर्वी पंचायत की मुखिया के वाहन चालक जुबैर आलम को अप्राथमिकी अभियुक्त के रूप में गिरफ्तार किया है।

### 3. इस हत्याकांड में अब तक कुल कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
मामले में दर्ज नौ नामजद आरोपियों में से दो और दो अप्राथमिकी अभियुक्तों समेत अब तक कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

### 4. मृतक के पिता ने विधानसभा अध्यक्ष को क्या शिकायत दी है?
पिता ने विधानसभा की गैर सरकारी विधेयक एवं संकल्प समिति के सभापति पर मोतिहारी जेल में बंद आरोपियों से मिलकर उनकी मदद करने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।

### 5. घटना के दिन शिक्षक शमशाद आलम कहां से लौट रहे थे?
वे बंजरिया प्रखंड स्थित एक सरकारी स्कूल में परीक्षा नियंत्रण ड्यूटी पूरी करके अपने घर वापस लौट रहे थे।

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