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  "title": "मुंगेर में गेंदा फूल की खेती पर 40 हजार रुपये तक अनुदान, क्लस्टर बनाकर फ्लावर विलेज विकसित करने की तैयारी",
  "summary": "बिहार के मुंगेर जिले में उद्यान विभाग रबी गेंदा क्षेत्र विस्तार योजना के तहत 25 हेक्टेयर में फूल की खेती कराएगा। इसमें किसानों को लागत का 50 फीसदी अनुदान और पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।",
  "content": "बिहार के मुंगेर जिले में कृषि विविधीकरण और किसानों की कमाई में इजाफा करने के उद्देश्य से उद्यान विभाग ने एक नई कार्ययोजना तैयार की है। इस विशेष पहल के तहत जिले को फूलों की खेती के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की तैयारी चल रही है। रबी गेंदा क्षेत्र विस्तार योजना के अंतर्गत मुंगेर में कुल 25 हेक्टेयर भूमि पर गेंदा फूल की खेती कराने का लक्ष्य तय किया गया है। विभाग की मंशा है कि बड़े पैमाने पर फूल उत्पादन कर क्षेत्र को एक अलग पहचान दी जाए, जिससे आने वाले दिनों में यह इलाका फ्लावर विलेज के नाम से जाना जा सके।\n\nक्लस्टर मॉडल के जरिए संगठित खेती की रूपरेखा\nगेंदा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग पंचायत स्तर पर क्लस्टर निर्माण की रणनीति पर काम कर रहा है। इसके तहत या तो दो पास-पास स्थित पंचायतों को आपस में जोड़ा जाएगा या फिर किसी एक बड़ी पंचायत का चयन कर किसानों का समूह बनाया जाएगा। जब एक ही इलाके में कई किसान मिलकर गेंदा उगाएंगे, तो इससे उत्पादन को संगठित और व्यवस्थित रूप दिया जा सकेगा। विभाग का मुख्य ध्येय केवल रकबा बढ़ाना नहीं है, बल्कि फूल उत्पादन को एक मजबूत और टिकाऊ कृषि व्यवसाय के रूप में विकसित करना है ताकि काश्तकारों को पारंपरिक फसलों से हटकर एक लाभकारी विकल्प मिल सके।\n\nलागत पर 50 प्रतिशत तक सरकारी सहायता\nगेंदा की खेती में आने वाले खर्च को कम करने के लिए सरकार की ओर से आकर्षक वित्तीय मदद दी जा रही है। प्रभारी जिला उद्यान पदाधिकारी राजीव रंजन के अनुसार, एक हेक्टेयर में गेंदा फूल की खेती करने पर सामान्य तौर पर लगभग ₹80 हजार की लागत बैठती है। इस योजना के प्रावधानों के तहत किसानों को कुल लागत का 50 प्रतिशत, यानी अधिकतम ₹40 हजार प्रति हेक्टेयर तक का अनुदान मुहैया कराया जाएगा। आर्थिक सहायता के साथ-साथ उद्यान विभाग किसानों को गुणवत्तापूर्ण गेंदा के पौधे भी सीधे उपलब्ध कराएगा।\n\nरैयत और गैर-रैयत दोनों किसानों को मिलेगा मौका\nइस योजना का दायरा काफी समावेशी रखा गया है ताकि हर वर्ग का काश्तकार इससे जुड़ सके। योजना का लाभ अपनी निजी जमीन रखने वाले रैयत किसानों के साथ-साथ बटाई या लीज पर खेती करने वाले गैर-रैयत किसानों को भी समान रूप से दिया जाएगा। आवेदन के लिए रकबे की सीमा भी निर्धारित की गई है। किसान न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर से लेकर अधिकतम 2 हेक्टेयर तक के क्षेत्र में गेंदा फूल की खेती करने के लिए अपना आवेदन दर्ज करा सकते हैं।\n\nइसका आप पर असर\nमुंगेर जिले के किसानों के लिए फूलों की व्यावसायिक खेती अपनाकर अपनी आय बढ़ाने और लागत का आधा हिस्सा सरकारी अनुदान के रूप में पाने का सीधा अवसर है।\n\n• मुंगेर में: जिले के किसान न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर से 2 हेक्टेयर तक गेंदा की खेती के लिए 50 फीसदी अनुदान पर आवेदन कर सकते हैं। इसके तहत प्रति हेक्टेयर ₹40 हजार तक की वित्तीय मदद और सीधे पौधे उद्यान विभाग से प्राप्त होंगे।\n• बिहार में: राज्य में पारंपरिक अनाजों के अलावा नकदी फसलों और फ्लोरीकल्चर क्लस्टर को अपनाने का दायरा बढ़ रहा है। इससे छोटे और बटाईदार किसानों को भी संगठित खेती के जरिए नए बाजार विकल्प मिलेंगे।\n• रैयत और गैर-रैयत लाभ: अपनी जमीन न होने पर भी बटाई पर खेती करने वाले किसान इस योजना का फायदा उठा सकेंगे। इसके लिए उन्हें तय मानक के अनुसार उद्यान विभाग में अपना पंजीकरण कराना होगा।\n• लागत में कमी: प्रति हेक्टेयर अनुमानित ₹80 हजार की लागत में से आधा भार विभाग वहन करेगा। इससे किसानों की व्यक्तिगत जेब से लगने वाली पूंजी का जोखिम काफी कम हो जाएगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nपारंपरिक खेती पर निर्भरता कम करने और किसानों को उच्च मूल्य वाली नकदी फसलों की ओर मोड़ने के लिए यह योजना शुरू की गई है।\n\n• आय वृद्धि का लक्ष्य: पारंपरिक फसलों की तुलना में फूलों की बाजार मांग और मुनाफा अधिक होता है। इसलिए उद्यान विभाग किसानों की आय में तेज बढ़ोतरी के लिए गेंदा उत्पादन को बढ़ावा दे रहा है।\n• क्लस्टर आधारित विकास: बिखरी हुई खेती के मुकाबले क्लस्टर मॉडल से उत्पादन और बिक्री आसान होती है। इसी वजह से दो या अधिक पंचायतों को जोड़कर संगठित फ्लावर विलेज बनाने का फैसला लिया गया।\n• लागत बाधा को दूर करना: नए किसान पूंजी की कमी के कारण फूलों की खेती से झिझकते हैं। सरकार 50 फीसदी अनुदान और पौधे देकर इस शुरुआती लागत की अड़चन को समाप्त कर रही है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मुंगेर में गेंदा फूल की खेती के लिए कितना लक्ष्य रखा गया है?\nरबी गेंदा क्षेत्र विस्तार योजना के तहत मुंगेर जिले में 25 हेक्टेयर क्षेत्र में गेंदा की खेती कराने का लक्ष्य तय किया गया है।\n\n2. योजना के तहत किसानों को कितना अनुदान मिलेगा?\nगेंदा की खेती पर आने वाली लगभग ₹80 हजार प्रति हेक्टेयर लागत का 50 प्रतिशत, यानी अधिकतम ₹40 हजार प्रति हेक्टेयर अनुदान मिलेगा।\n\n3. क्या बिना जमीन वाले बटाईदार किसान भी आवेदन कर सकते हैं?\nहाँ, इस योजना का लाभ रैयत और गैर-रैयत दोनों तरह के किसान ले सकते हैं।\n\n4. एक किसान कितनी जमीन के लिए आवेदन कर सकता है?\nकिसान न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर और अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र में गेंदा की खेती के लिए आवेदन कर सकते हैं।\n\n5. फ्लावर विलेज क्लस्टर का निर्माण कैसे किया जाएगा?\nजिला उद्यान विभाग दो नजदीकी पंचायतों या एक बड़ी पंचायत को मिलाकर किसानों का क्लस्टर तैयार करेगा।",
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  "category": "बिहार",
  "publishedAt": "2026-10-10",
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