मुजफ्फरपुर में घर से चल रहा था नशे का धंधा, 2.435 किलो स्मैक के साथ भाई-बहन धरे गए मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट में पुलिस ने एक घर पर छापा मारकर 2,015 पुड़िया स्मैक और 2.10 लाख रुपये नकद बरामद किए। मौके से भाई-बहन को गिरफ्तार किया गया, जबकि परिवार की मां और पत्नी पहले ही तस्करी मामले में जेल जा चुकी हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण कामयाबी मिली है। गायघाट थाना क्षेत्र के एक आवासीय मकान पर की गई लक्षित छापेमारी में पुलिस ने भारी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त किया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान एक ही परिवार के भाई और बहन को मौके से गिरफ्तार किया गया, जो अपने ही घर से इस अवैध नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। पुलिस ने इनके ठिकाने से कुल 2,015 पुड़ियों में पैक 2.435 किलोग्राम स्मैक, 2.10 लाख रुपये की नकदी और चार मोबाइल फोन अपने कब्जे में लिए हैं। हनुमान नगर गांव में स्थित ठिकाने पर छापा गायघाट थाना पुलिस को एक पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की खुदरा और थोक आपूर्ति की जा रही है। एसपी ग्रामीण राजेश सिंह प्रभाकर के अनुसार, सूचना स्पष्ट थी कि हनुमान नगर गांव में स्थित शिव शंकर कुमार और उसकी बहन अंशु कुमारी के रिहायशी मकान से स्मैक की खरीद-बिक्री की गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इस इनपुट की पुष्टि होते ही पुलिस बल की एक विशेष टीम गठित की गई और बताए गए पते पर अचानक दबिश दी गई। घर के भीतर ली गई सघन तलाशी के दौरान कमरों से पुड़ियों में तैयार किया गया स्मैक का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। घर को ही बना रखा था गोदाम और बिक्री केंद्र छापेमारी दल ने मौके से शिव शंकर कुमार और उसकी बहन अंशु कुमारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों भाई-बहन घर को ही नशीले पदार्थों के भंडारण और वितरण केंद्र के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे। स्मैक को छोटी-छोटी 2,015 पुड़ियों में बांटकर रखा गया था ताकि ग्राहकों को आसानी से बेचा जा सके। मौके से जब्त 2 लाख 10 हजार रुपये की नकदी इसी अवैध कारोबार से जुटाए जाने का संदेह है। पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों के पास से मिले चार मोबाइल फोनों को भी जब्त कर लिया है, जिनकी कॉल डिटेल और डिजिटल चैट के जरिए सप्लायरों के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। परिवार का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड, मां और पत्नी भी काट चुकी हैं जेल पुलिस पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि इस परिवार में नशे के कारोबार का इतिहास काफी पुराना है। गिरफ्तार मुख्य आरोपी शिव शंकर कुमार की मां और पत्नी भी पूर्व में एनडीपीएस अधिनियम के तहत जेल की सलाखों के पीछे जा चुकी हैं। उन दोनों के खिलाफ बेनीवाल थाने में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत कांड संख्या 25/24 दर्ज किया गया था, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। परिवार के कई सदस्यों की इस धंधे में संलिप्तता यह दर्शाती है कि यह सिंडिकेट संगठित तरीके से काम कर रहा था। केस दर्ज कर नेटवर्क के मुख्य सप्लायर की तलाश तेज इस ताजा बरामदगी और गिरफ्तारी के संदर्भ में पुलिस ने गायघाट थाना कांड संख्या 300/26 दर्ज कर अग्रिम कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। दोनों पकड़े गए आरोपियों, शिव शंकर कुमार और अंशु कुमारी, को आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के उपरांत न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। पुलिस अधिकारी अब इस बात की कड़ियां जोड़ रहे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में स्मैक की खेप मुजफ्फरपुर तक कहां से पहुंचाई जा रही थी और इस नेटवर्क का मुख्य सरगना कौन है। इसका आप पर असर मुजफ्फरपुर में घर से चल रहे नशीले पदार्थों के इस सिंडिकेट के भंडाफोड़ से स्थानीय स्तर पर अवैध नशे की आपूर्ति पर सीधा असर पड़ा है। • बिहार में: राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे अभियानों में यह कार्रवाई अन्य तस्करों पर कानूनी दबाव बढ़ाएगी। सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों में घर से संचालित होने वाले ऐसे अवैध ठिकानों पर पुलिस की निगरानी और छापेमारी तेज होगी। • मुजफ्फरपुर में: गायघाट और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं तक पहुंचने वाली स्मैक की 2,000 से अधिक पुड़ियों की खेप बाजार में जाने से रुक गई है। स्थानीय निवासियों के लिए अपने मोहल्ले में संदिग्ध गतिविधियों और अजनबियों की आवाजाही की सूचना पुलिस को देना और अधिक आवश्यक हो गया है। • सुरक्षा और सतर्कता: रिहायशी कॉलोनियों में अवैध गतिविधियों की पहचान करने में स्थानीय समुदाय की गुप्त सूचनाएं सबसे कारगर साबित हो रही हैं। नागरिक किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी सीधे स्थानीय थाने या पुलिस हेल्पलाइन को देकर अपने क्षेत्र को सुरक्षित बना सकते हैं। • कानूनी परिणाम: एनडीपीएस एक्ट के तहत मादक पदार्थों के साथ पकड़े जाने पर गैर-जमानती धाराओं में त्वरित गिरफ्तारी और लंबी न्यायिक हिरासत तय है। अवैध धंधे में शामिल पूरे परिवार और उनके सहयोगियों की वित्तीय संपत्तियों की भी जांच की जा सकती है। ऐसा क्यों हुआ यह घटना ग्रामीण इलाकों में रिहायशी घरों को तस्करी का केंद्र बनाकर चल रहे संगठित नशीले पदार्थों के कारोबार और उस पर पुलिस की सटीक खुफिया कार्रवाई के कारण सामने आई। • गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई: गायघाट थाना पुलिस को हनुमान नगर गांव में एक घर से स्मैक की खरीद-बिक्री किए जाने का पुख्ता इनपुट प्राप्त हुआ था। स्थानीय पुलिस ने बिना देरी किए विशेष टीम बनाई और चिन्हित मकान पर दबिश देकर इस अवैध कारोबार को रंगे हाथों पकड़ा। • घर को ही गोदाम बनाने का तरीका: आरोपियों ने पुलिस की सामान्य गश्त और संदेह से बचने के लिए अपने ही रिहायशी मकान को भंडारण और वितरण केंद्र बना रखा था। छोटी-छोटी पुड़ियों में पैकेजिंग होने के कारण ग्राहकों को सीधे घर से आपूर्ति की जा रही थी। • परिवार का संगठित आपराधिक इतिहास: इस परिवार में मादक पदार्थों की तस्करी पहले से चली आ रही थी, जहां मुख्य आरोपी की मां और पत्नी बेनीवाल थाने के एनडीपीएस केस में पहले ही जेल जा चुकी थीं। उसी पुराने संपर्क और आपूर्ति तंत्र का सहारा लेकर भाई और बहन इस धंधे को आगे बढ़ा रहे थे। • जांच का अगला चरण: पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि 2.435 किलोग्राम स्मैक की यह खेप किस थोक तस्कर से खरीदी गई थी। जब्त चार मोबाइल फोनों के डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर सिंडिकेट के मुख्य सप्लायरों की गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है। सवाल-जवाब 1. मुजफ्फरपुर के गायघाट में पुलिस ने क्या बरामद किया? पुलिस ने हनुमान नगर स्थित एक घर से 2,015 पुड़ियों में रखी 2.435 किलोग्राम स्मैक, 2.10 लाख रुपये नकद और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। 2. इस मामले में किन लोगों को गिरफ्तार किया गया है? पुलिस ने मौके से भाई शिव शंकर कुमार और उसकी बहन अंशु कुमारी को गिरफ्तार किया है, जो घर से ही यह धंधा चला रहे थे। 3. क्या आरोपियों का पहले से कोई आपराधिक इतिहास रहा है? हां, गिरफ्तार आरोपी शिव शंकर कुमार की मां और पत्नी भी पूर्व में बेनीवाल थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज केस संख्या 25/24 में जेल जा चुकी हैं। 4. पुलिस ने इस मामले में कौन सा केस दर्ज किया है? गायघाट थाने में कांड संख्या 300/26 दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है और मुख्य सप्लायर की तलाश की जा रही है। https://trendkia.com/bihar/muzaffarpur-men-ghara-se-chala-raha-tha-nashe-ka-dhndha-2-435-kilo-smaika-ke-satha-bhai-bahana-dhare-gae-41903 TrendKia — Har trend, sabse pehle.