मुजफ्फरपुर में शराब तस्कर को छुड़ाने के लिए भीड़ ने उत्पाद विभाग की टीम को घेरा, गाड़ी में की तोड़फोड़ की कोशिश बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र में शराब की अवैध बिक्री की जांच करने पहुंची उत्पाद विभाग की टीम को भीड़ ने घेर लिया और हिरासत में लिए गए आरोपी पंकज ठाकुर को जबरन छुड़ा लिया। पुलिस ने पांच नामजद और कई अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून को अमल में लाने निकली उत्पाद विभाग की एक टीम मुजफ्फरपुर जिले में स्थानीय धंधेबाजों के उग्र विरोध का शिकार हो गई। छापेमारी के दौरान हिरासत में लिए गए आरोपी को भीड़ ने जबरन छुड़ा लिया और मौके से फरार हो गई। पूरा घटनाक्रम सकरा थाना क्षेत्र के रूपनपट्टी चौक पर हुआ, जहां टीम के पहुंचते ही माहौल बिगड़ गया। कैसे शुरू हुई छापेमारी उत्पाद विभाग के एएसआई उपेंद्र मंडल के नेतृत्व में चल रही इस टीम को पुख्ता सूचना मिली थी कि सकरा इलाके में बड़े स्तर पर शराब बेची जा रही है और कुछ लोग तो घर-घर तक इसकी डिलीवरी भी कर रहे हैं। सूचना की तस्दीक करने के बाद टीम मौके के लिए रवाना हुई और चिकनौटा चेक पोस्ट के पास दबिश देकर संदिग्धों को पकड़ने की तैयारी में जुट गई। पंकज ठाकुर की गिरफ्तारी और बाजार का कनेक्शन कार्रवाई के दौरान टीम के हत्थे विशनपुर बघनगरी के रहने वाले पंकज कुमार ठाकुर चढ़े, जिन पर बाइक के जरिए शराब की सप्लाई करने का आरोप है। उन्हें पकड़ते ही आसपास हलचल तेज हो गई। बताया जाता है कि जिस बाजार में यह पूरी कार्रवाई चल रही थी, वह रूपनपट्टी निवासी अरविंद मिश्रा से जुड़ा हुआ है। अरविंद मिश्रा इन दिनों दरभंगा जिले में पुलिस की आपातकालीन सेवा डायल 112 की गाड़ी में चालक के तौर पर तैनात हैं। प्रवर्तन एजेंसियों के सामने सुरक्षा की चुनौती यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि शराबबंदी वाले इलाकों में छापेमारी करने गई टीमों की सुरक्षा किस हद तक पुख्ता है। घटना के वक्त उत्पाद विभाग की टीम के पास सीमित संख्या में कर्मी मौजूद थे, जबकि भीड़ अचानक और बड़ी संख्या में जमा हो गई, जिससे कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के लिए हालात संभालना मुश्किल हो गया। भीड़ ने घेरा, गाड़ी में तोड़फोड़ की कोशिश आरोप है कि अरविंद मिश्रा खुद मौके पर मौजूद थे और उन्हीं के उकसावे पर देखते ही देखते आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। कुछ ही मिनटों में हालात तनावपूर्ण हो गए। जुटी भीड़ ने उत्पाद विभाग की टीम को चारों तरफ से घेर लिया, धक्का-मुक्की शुरू कर दी और सरकारी वाहन को क्षतिग्रस्त करने की कोशिश की। इसी अफरातफरी का फायदा उठाकर कुछ उपद्रवी वाहन तक पहुंचे और हिरासत में बैठाए गए पंकज ठाकुर को खींचकर बाहर निकाल लिया, फिर उसे साथ लेकर मौके से फरार हो गए। टीम के सदस्यों ने किसी तरह खुद को संभाला और तुरंत सकरा थाने को पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही थाने से पुलिस बल मौके के लिए रवाना हुआ, लेकिन तब तक हमलावर और छुड़ाया गया आरोपी दोनों वहां से निकल चुके थे। इसके बाद पुलिस ने पंकज ठाकुर समेत अन्य संदिग्धों के ठिकानों पर भी दबिश दी, मगर घर बंद मिले और कोई बरामदगी नहीं हो सकी। राहत की बात यह रही कि हमले का सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लग गया है, जिसकी मदद से अब हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। डीएसपी बोले, पांच नामजद पर मामला दर्ज डीएसपी (पूर्वी-2) मनोज कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि टीम चिकनौटा चेक पोस्ट के आसपास शराब बिक्री की सूचना पर पहुंची थी। उन्होंने कहा, "पंकज ठाकुर को रोकने पर भीड़ जुट गई और धक्का-मुक्की कर आरोपी को छुड़ा लिया गया।" उनके अनुसार एएसआई उपेंद्र मंडल के आवेदन पर सकरा थाने में पांच नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है। घटना के बाद पुलिस पंकज ठाकुर सहित अन्य आरोपियों के घर तक पहुंची, लेकिन सभी फरार मिले। डीएसपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की शिनाख्त कर आगे कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इसका आप पर असर यह घटना बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून को जमीन पर लागू करने में आ रही मुश्किलों को फिर उजागर करती है। • भारत में: जिन राज्यों में शराबबंदी जैसे सख्त कानून लागू हैं, वहां छापेमारी करने वाली टीमों की सुरक्षा एक बड़ा सवाल बनकर सामने आती है। ऐसी घटनाएं दिखाती हैं कि जमीनी स्तर पर कानून लागू कराना सिर्फ नीति बनाने से नहीं, बल्कि पर्याप्त सुरक्षा बल और स्थानीय सहयोग से ही संभव है। • मुजफ्फरपुर, बिहार में: सकरा थाना क्षेत्र और आसपास रहने वाले लोगों को अब पुलिस की सख्ती का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि मामले में पांच नामजद और कई अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। स्थानीय अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोगों पर आने वाले दिनों में और छापेमारी हो सकती है। • प्रशासन के लिए: डायल 112 सेवा से जुड़े एक कर्मचारी का नाम मामले में आने से विभागीय जांच शुरू हो सकती है, जिससे संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है। • सबूतों के आधार पर: पुलिस के पास घटना का सीसीटीवी फुटेज मौजूद है, जिसके आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, इसलिए इलाके के लोगों से पूछताछ बढ़ सकती है। सवाल-जवाब 1. यह घटना कहां हुई? यह घटना बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र के रूपनपट्टी चौक पर हुई। 2. उत्पाद विभाग की टीम वहां क्यों पहुंची थी? टीम को सूचना मिली थी कि इलाके में बड़े पैमाने पर शराब बेची और घर-घर पहुंचाई जा रही है, इसी सूचना पर छापेमारी की गई। 3. किसे हिरासत में लिया गया था? विशनपुर बघनगरी निवासी पंकज कुमार ठाकुर को हिरासत में लिया गया था, जिन पर बाइक से शराब सप्लाई करने का आरोप है। 4. भीड़ ने क्या किया? भीड़ ने उत्पाद विभाग की टीम को घेरकर धक्का-मुक्की की, सरकारी वाहन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की और हिरासत में लिए गए पंकज ठाकुर को छुड़ा लिया। 5. हमले में उकसाने का आरोप किस पर है? आरोप है कि रूपनपट्टी निवासी अरविंद मिश्रा ने मौके पर मौजूद रहकर भीड़ को भड़काया, जो फिलहाल दरभंगा में पुलिस की डायल 112 सेवा में चालक हैं। 6. पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है? एएसआई उपेंद्र मंडल के आवेदन पर सकरा थाने में पांच नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 7. क्या आरोपियों के घरों से कुछ बरामद हुआ? नहीं, पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की लेकिन सभी फरार मिले और कोई बरामदगी नहीं हुई। 8. क्या घटना का कोई सबूत मौजूद है? हां, घटना का सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लगा है, जिसके आधार पर आगे की जांच की जा रही है। https://trendkia.com/bihar/muzaffarpur-men-sharaba-taskara-ko-chhurane-ke-lie-bhira-ne-utpada-vibhaga-ki-tima-ko-ghera-gari-men-ki-toraphora-ki-koshisha-28078 TrendKia — Har trend, sabse pehle.