# मुजफ्फरपुर: पारंपरिक ब्रह्मपूजा में मौत बनकर गिरी पीपल की भारी डाल, दो बच्चों ने तोड़ा दम, 8 घायल

> मुजफ्फरपुर के कांटी प्रखंड में ब्रह्मपूजा के दौरान एक पुराने पीपल के पेड़ की डाल गिरने से 14 वर्षीय सोनू और 8 वर्षीय अनन्या की दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे में आठ अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका एसकेएमसीएच में इलाज चल रहा है।

**Type:** article · **Category:** बिहार · **Published:** 2026-07-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bihar/muzaffarpur-parnparika-brahma-puja-men-mauta-banakara-giri-peepal-ki-bhari-dala-do-bachchon-ne-tora-dama-8-ghayala-9196 · **Language:** Hindi
**Tags:** मुजफ्फरपुर न्यूज़, पेड़ गिरने से हादसा, बिहार समाचार, अहियापुर पुलिस, एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर

मुजफ्फरपुर जिले में एक धार्मिक आयोजन के दौरान अचानक मातम छा गया। कांटी प्रखंड के एक गांव में चल रही वार्षिक ब्रह्मपूजा के बीच एक पुराना पीपल का पेड़ ढह गया, जिसकी एक भारी डाल श्रद्धालुओं के ऊपर आ गिरी। इस भीषण हादसे में दो मासूम बच्चों की जान चली गई, जबकि आठ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पूजा के उल्लास भरे माहौल में चीख-पुकार मच गई और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

 

## मिठानसराय माधोपुर गांव में कैसे हुआ हादसा

यह दर्दनाक घटना अहियापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली लसगरीपुर पंचायत के मिठानसराय माधोपुर गांव में घटी। गांव में स्थित ब्रह्मस्थान पर हर साल की तरह इस बार भी ग्रामीण ब्रह्मपूजा के लिए एकत्र हुए थे। इस पारंपरिक आयोजन में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां पहुंचे थे। आस्था और उल्लास के इस माहौल में किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि वहां मौजूद पुराना पीपल का पेड़ काल बन जाएगा। पूजा की रस्में चल ही रही थीं कि अचानक ब्रह्मस्थान के पास खड़े इस विशाल पीपल के पेड़ की एक भारी भरकम डाल तेज आवाज के साथ टूट गई और सीधे नीचे खड़े लोगों की भीड़ पर गिर पड़ी। घटनास्थल पर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

 

## दो मासूमों की गई जान, आठ लोग गंभीर रूप से घायल

इस हादसे ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए। पेड़ की डाल के नीचे दबने से 14 वर्षीय किशोर सोनू कुमार (पिता किशोर साह) और आठ वर्षीय बच्ची अनन्या कुमारी (पिता दिलीप साह) की मौके पर ही हालत बेहद गंभीर हो गई थी। स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में दोनों बच्चों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके अलावा, हादसे की चपेट में आकर आठ अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में राजा प्रताप सिंह (52 वर्ष), हेमंत झा (50 वर्ष), जंग बहादुर सिंह (70 वर्ष), संस्कार कुमार (7 वर्ष), अभिषेक कुमार (7 वर्ष), काजल कुमारी (9 वर्ष), ज्योति कुमारी (10 वर्ष) और अंशु कुमारी (7 वर्ष) शामिल हैं। ग्रामीणों की तत्परता से सभी घायलों को इलाज के लिए तुरंत मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच (SKMCH) में ले जाकर भर्ती कराया गया है, जहां उनका सघन चिकित्सा कक्ष में इलाज चल रहा है।

 

## विधायक का दौरा और प्रशासन के सख्त निर्देश

हादसे की खबर फैलते ही प्रशासनिक महकमे और स्थानीय जनप्रतिनिधियों में हड़कंप मच गया। क्षेत्रीय विधायक अजीत कुमार ने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मृतक बच्चों के शोकाकुल परिजनों से मिलकर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों का हालचाल भी जाना। विधायक ने इस घटना को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताते हुए पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार की तरफ से मृतक बच्चों के परिवारों को निर्धारित मुआवजा राशि जल्द से जल्द दिलाई जाएगी। इसके साथ ही, घायलों के समुचित इलाज के लिए हर संभव सरकारी मदद मुहैया कराने की बात भी कही गई। मौके पर मौजूद कांटी के अंचलाधिकारी मुकेश कुमार और अहियापुर के थानाध्यक्ष शरत कुमार को विधायक ने इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

 

## पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया

घटना की सूचना प्राप्त होते ही अहियापुर थाने की पुलिस टीम फौरन मिठानसराय माधोपुर गांव पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। दोनों मृत बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पुलिस ने उन्हें पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच (SKMCH) भेज दिया है। इस भयानक हादसे के बाद से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है और मृतकों के घरों में कोहराम मचा हुआ है। वहीं, अस्पताल में भर्ती घायलों के परिजन उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

 

## सीतामढ़ी हादसे की यादें हुईं ताजा

मुजफ्फरपुर में हुए इस हादसे ने करीब एक महीने पहले बिहार के ही सीतामढ़ी जिले में घटी ऐसी ही एक भयानक त्रासदी की यादें ताजा कर दी हैं। गौरतलब है कि लगभग एक महीने पहले सीतामढ़ी में रात के समय सो रहे लोगों के एक घर के ऊपर एक पुराना पीपल का पेड़ अचानक गिर गया था। उस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौके पर ही कुचलकर मौत हो गई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने पुराने और खतरनाक हो चुके पेड़ों को लेकर सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** सार्वजनिक स्थानों और धार्मिक स्थलों के आसपास मौजूद पुराने और जर्जर पेड़ों की नियमित जांच जरूरी है, ताकि ऐसे अप्रत्याशित हादसों से बचा जा सके।
- **मुजफ्फरपुर में:** मिठानसराय माधोपुर गांव और आसपास के इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, और प्रशासन को अन्य कमजोर पेड़ों की छंटाई करानी चाहिए।

## सवाल-जवाब

### 1. मुजफ्फरपुर में पेड़ गिरने का हादसा कहां हुआ?
यह हादसा मुजफ्फरपुर जिले के कांटी प्रखंड स्थित लसगरीपुर पंचायत के मिठानसराय माधोपुर गांव में ब्रह्मस्थान के पास हुआ।

### 2. हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
इस दुर्घटना में दो मासूम बच्चों, 14 वर्षीय सोनू कुमार और 8 वर्षीय अनन्या कुमारी, की मौके पर ही मौत हो गई।

### 3. पेड़ की डाल गिरने से कितने लोग घायल हुए?
पेड़ की भारी डाल गिरने से कुल आठ लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

### 4. घायलों का इलाज किस अस्पताल में चल रहा है?
सभी आठ घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच (SKMCH) में भर्ती कराया गया है।

### 5. विधायक अजीत कुमार ने क्या आश्वासन दिया?
क्षेत्रीय विधायक अजीत कुमार ने मृतक बच्चों के परिजनों को निर्धारित सरकारी मुआवजा और घायलों को समुचित इलाज एवं सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।

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