मोतिहारी में नवजात शिशु की खरीद-फरोख्त का भंडाफोड़, आठ गिरफ्तार बिहार के मोतिहारी में पुलिस ने मानव तस्करी और नवजात शिशु की कथित खरीद-फरोख्त के मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान नकदी, एक एंबुलेंस, एक कार और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। बिहार के पूर्वी चंपारण जिला मुख्यालय मोतिहारी से स्वास्थ्य व्यवस्था और मानवता को झकझोर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए नवजात शिशु की कथित खरीद-फरोख्त से जुड़े आठ संदिग्धों को धर दबोचा है। इस बड़ी कार्रवाई से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और प्रशासन पूरी सतर्कता से मामले की तह तक जाने में जुटा है। संयुक्त टीम की कार्रवाई मोतिहारी के पकड़ीदयाल इलाके में नवजात शिशु की खरीद-बिक्री की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद जिला पुलिस, एएचटीयू और एसटीएफ की संयुक्त टीमों ने मिलकर एक पुख्ता रणनीति के तहत कार्रवाई को अंजाम दिया। अधिकारियों को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर चौरमा कोठी बाजार के नजदीक घेराबंदी की गई। इस दौरान वहां से गुजर रही एक एंबुलेंस और एक ऑल्टो कार को रोककर उनकी बारीकी से तलाशी ली गई। शिशु के साथ महिला और बरामदगी तलाशी के दौरान एंबुलेंस के अंदर एक महिला के साथ नवजात शिशु मौजूद मिला। पुलिस ने जब मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की तो खरीद-फरोख्त का मामला खुलकर सामने आया। इस पूरी छापेमारी और तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने मौके से 1 लाख 12 हजार रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा अपराध में इस्तेमाल की जा रही एक एंबुलेंस, एक ऑल्टो कार और कुल नौ मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पकड़े गए आठ आरोपियों में पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में गौतम कुमार, चंदन राम, छोटू कुमार, कुणाल कुमार और गुड्डू कुमार के अलावा तीन महिलाएं भी शामिल हैं। इन सभी से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य पहलुओं को उजागर किया जा सके। कॉल डिटेल से खुलेगा नेटवर्क का राज प्रभारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने मीडिया को जानकारी दी कि आरोपियों के पास से बरामद किए गए सभी नौ मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और इस अवैध नेटवर्क में कौन-कौन और लोग संलिप्त हैं। आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि नवजात शिशु को आखिर कहां से लाया गया था और इसे किसे बेचा जा रहा था। इस पूरे संगठित नेटवर्क के दायरे का पता लगाने के लिए पुलिस लगातार कड़ियां जोड़ रही है। सभी आठों आरोपियों से पूछताछ का दौर जारी है और उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसका आप पर असर बिहार और देश के अन्य हिस्सों में मानव तस्करी और अवैध खरीद-फरोख्त के मामलों को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा सुरक्षा और निगरानी कड़ी की जा रही है। • भारत में: नवजात शिशुओं की तस्करी और अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस बल इस तरह के गुप्त अभियानों को तेजी से अंजाम दे रहे हैं। • मोतिहारी में: स्थानीय निवासियों और परिजनों को बच्चों की सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है ताकि ऐसे आपराधिक नेटवर्क से बचा जा सके। सवाल-जवाब 1. मोतिहारी में पुलिस ने किस मामले में कार्रवाई की है? पुलिस ने मोतिहारी के पकड़ीदयाल क्षेत्र में नवजात शिशु की कथित खरीद-फरोख्त का भंडाफोड़ किया है। 2. इस कार्रवाई में कुल कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है? इस मामले में कुल आठ संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 3. छापेमारी के दौरान कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल थीं? इस संयुक्त कार्रवाई में जिला पुलिस, एएचटीयू और एसटीएफ की टीमें शामिल थीं। 4. पुलिस ने मौके से क्या-क्या सामान बरामद किया है? पुलिस ने 1 लाख 12 हजार रुपये नकद, एक एंबुलेंस, एक ऑल्टो कार और नौ मोबाइल फोन बरामद किए हैं। 5. गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम क्या हैं? गिरफ्तार आरोपियों में गौतम कुमार, चंदन राम, छोटू कुमार, कुणाल कुमार, गुड्डू कुमार और तीन महिलाएं शामिल हैं। https://trendkia.com/bihar/newborn-baby-trafficking-ring-busted-in-motihari-eight-arrested-27772 TrendKia — Har trend, sabse pehle.