# पटना: 'रेवेन्यू ऑफिसर' बताकर खान सर ने जिसे मंच पर सम्मानित किया, वह निकला ब्लॉक का डेटा एंट्री ऑपरेटर और कई लोगों का ठग

> विपिन सर ने वीडियो में प्रमाण के साथ दावा किया है कि खान सर की कोचिंग में 'रेवेन्यू ऑफिसर' बताकर सम्मानित किए गए अंकित यादव असल में किसी ब्लॉक में डेटा एंट्री का काम करता है और लोगों से ठगी करता रहा है।

**Type:** article · **Category:** बिहार · **Published:** 2026-06-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bihar/patana-revenyu-phisara-batakara-khana-sara-ne-jise-mncha-para-sammanita-kiya-vah-1428 · **Language:** Hindi
**Tags:** खान सर, अंकित यादव, विपिन सर, फर्जी रेवेन्यू ऑफिसर, 67वीं BPSC, पटना कोचिंग, सहरसा ठगी, रौशन आनंद सर

पटना से सामने आए एक मामले ने मशहूर शिक्षक खान सर की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। रौशन आनंद सर के साथ चल रहे विवाद के बीच अब उनके अपने मित्र विपिन सर ने ही उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विपिन सर ने एक वीडियो जारी कर बताया है कि खान सर की कोचिंग में जिस अभ्यर्थी को 'रेवेन्यू ऑफिसर' बनने पर मंच से सम्मानित किया गया था, उसकी असलियत कुछ और ही है।

## पूरा मामला क्या है
67वीं BPSC का रिजल्ट आने के बाद खान सर ने सफल अभ्यर्थियों को अपनी कोचिंग बुलाकर सम्मान दिया था। इसी कार्यक्रम में अंकित यादव नाम के एक व्यक्ति को भी सम्मानित किया गया और बताया गया कि वह RO यानी रेवेन्यू ऑफिसर बना है। विपिन सर के मुताबिक यह दावा फर्जी निकला। आरोप है कि अंकित ने बाद में अपने कथित पद का हवाला देकर लोगों को जमकर चूना लगाया, उनसे पैसे ऐंठे और शादी का झांसा देकर लड़कियों का यौन शोषण भी किया। विपिन सर का कहना है कि उन्होंने यह खुलासा कई प्रमाणों के साथ किया है।

## कार किराए पर लेकर रची साजिश
विपिन सर के अनुसार सितंबर 2024 में अंकित यादव खान सर की कोचिंग में आया था। उसी दौरान विपिन सर के पड़ोस में रहने वाला छात्र पवन कुमार खान सर की ऑनलाइन क्लास कर रहा था और उसने भी अंकित को देखा था। कुछ महीनों बाद अंकित ने पवन को फेसबुक पर मैसेज भेजकर जान पहचान बढ़ाई। धीरे-धीरे भरोसा जमाने के बाद उसने पवन से 3 महीने के लिए कार किराए पर ले ली।

कुछ दिन बाद अंकित ने अचानक पवन को फोन कर बताया कि सहरसा में किसी बदमाश ने कट्टा दिखाकर कार छीन ली है। यह सुनकर परेशान पवन वैशाली से सहरसा पहुंचा, लेकिन वहां जो सच्चाई सामने आई उसने उसे हैरान कर दिया।

## सहरसा में खुली असली कहानी
सहरसा पहुंचने पर पवन को पता चला कि अंकित कोई अधिकारी है ही नहीं। वह असल में किसी ब्लॉक में डाटा एंट्री का काम करता है और खुद को आरओ बताकर घूमता है। जमीन से जुड़े कागजात ठीक कराने और नौकरी दिलाने के नाम पर वह लोगों से ठगी करता था। साथ ही खान सर समेत बड़े लोगों से अपनी पहचान का हवाला देकर भरोसा जीतता था। काफी मशक्कत के बाद पवन किसी तरह अपनी कार वापस लेकर घर लौटा।

## कुर्सी पर बैठकर फोटो और सोशल मीडिया का खेल
विपिन सर का दावा है कि अंकित यादव ब्लॉक में अधिकारियों की कुर्सी पर बैठकर फोटो खिंचवाता था और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लोगों को झांसा देता था। इसी दिखावे के दम पर वह खुद को अधिकारी साबित कर लोगों का विश्वास हासिल करता था।

## विपिन सर का बड़ा दावा
विपिन सर ने अपने वीडियो में यह भी कहा है कि अंकित यादव को खान सर की कोचिंग में सम्मानित किए जाने वाला वीडियो आज भी खान सर के यूट्यूब चैनल पर मौजूद है। उनके इस खुलासे के बाद खान सर से जुड़ा विवाद और गहरा गया है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** किसी अनजान व्यक्ति को सरकारी 'अधिकारी' मानकर कार, पैसे या कागजी काम का भरोसा देने से पहले उसका पद और पहचान सरकारी रिकॉर्ड से जरूर जांच लें।
- **बिहार में:** जमीन के कागजात ठीक कराने या नौकरी दिलाने का दावा करने वाले बिचौलियों से सतर्क रहें, क्योंकि सहरसा और आसपास इसी झांसे में लोगों को ठगा गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. अंकित यादव असल में क्या काम करता है?
विपिन सर के दावे के अनुसार अंकित यादव किसी ब्लॉक में डेटा एंट्री का काम करता है, जबकि वह खुद को रेवेन्यू ऑफिसर (RO) बताता था।

### 2. खान सर ने उसे सम्मानित क्यों किया था?
67वीं BPSC का रिजल्ट आने के बाद खान सर ने सफल अभ्यर्थियों को कोचिंग बुलाकर सम्मानित किया था और अंकित को रेवेन्यू ऑफिसर बना बताकर सम्मान दिया गया था।

### 3. पवन कुमार के साथ क्या हुआ?
अंकित ने पवन कुमार से 3 महीने के लिए कार किराए पर ली और बाद में फोन कर बताया कि सहरसा में बदमाश ने कट्टा दिखाकर कार छीन ली, जो झूठ निकला।

### 4. विपिन सर ने और क्या दावा किया है?
विपिन सर का कहना है कि अंकित को सम्मानित करने वाला वीडियो आज भी खान सर के यूट्यूब चैनल पर मौजूद है, और उन्होंने यह खुलासा कई प्रमाणों के साथ किया है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._