# पटना स्नातक चुनाव में जदयू के बाहुबली विधायक का बागी रुख, जनसुराज प्रत्याशी के नामांकन में खुली जीप से पहुंचे अनंत सिंह

> पटना स्नातक सीट के चुनाव में जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह के नामांकन में खुली जीप पर शक्ति प्रदर्शन किया।

**Type:** article · **Category:** बिहार · **Published:** 2026-10-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bihar/patana-snataka-chunava-men-jdu-ke-bahubali-vidhayaka-ka-bagi-rukha-jan-suraaj-pratyashi-ke-namankana-men-khuli-jipa-se-pahunche-an-41111 · **Language:** Hindi
**Tags:** अनंत सिंह, जदयू, जनसुराज, नीरज कुमार, पटना स्नातक चुनाव, नीतीश कुमार, बिहार राजनीति

बिहार में पटना स्नातक सीट के लिए जारी चुनावी घमासान के बीच जनता दल यूनाइटेड में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने पार्टी के आधिकारिक रुख को दरकिनार करते हुए जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के पक्ष में खुलकर ताल ठोक दी है। अनुज सिंह के नामांकन कार्यक्रम में अनंत सिंह खुली जीप पर सवार होकर अपने भारी दलबल और समर्थकों के काफिले के साथ पहुंचे। चुनावी हलकों में इस कदम को पार्टी नेतृत्व के खिलाफ सीधी बगावत के तौर पर देखा जा रहा है।

## खुली जीप में शक्ति प्रदर्शन और नामांकन का अंदाज
नामांकन दाखिल करने पहुंचे काफिले में अनंत सिंह अपने जाने-पहचाने तेवरों में नजर आए। जब जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष पर्चा दाखिल करने के लिए प्रशासनिक कार्यालय के भीतर गए, तब अनंत सिंह परिसर के बाहर अपनी खुली जीप पर ही सवार रहे। इस दौरान वह कभी अपनी मूंछों पर ताव देते तो कभी पीला गमछा लहराकर अपने समर्थकों का उत्साह बढ़ाते दिखे। उनके इस बेबाक अंदाज और खुलकर सामने आई नाराजगी ने पटना की सियासी सरगर्मी को अचानक बढ़ा दिया है।

## नीरज कुमार से पुरानी अदावत और खुली चेतावनी
जेडीयू की इस अंदरूनी दरार की मुख्य वजह पटना स्नातक सीट से पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार हैं। अनंत सिंह पिछले कई दिनों से नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोले हुए हैं। अपने रुख पर सफाई देते हुए अनंत सिंह का कहना है कि उनकी नाराजगी पार्टी या संगठन से नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर नीरज कुमार से है। उन्होंने साफ कहा कि चूंकि नीरज कुमार ने अतीत में चार बार उनका विरोध किया है, इसलिए वह किसी भी कीमत पर इस चुनाव में नीरज कुमार की हार सुनिश्चित करना चाहते हैं।

## समर्थकों के लिए विशेष तैयारी और बंपर दावत
इस नामांकन और शक्ति प्रदर्शन के लिए कई अलग-अलग जिलों से अनंत सिंह के समर्थक राजधानी पटना पहुंचे थे। समर्थकों की भारी भीड़ के स्वागत और खान-पान के लिए एक रात पहले ही व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसमें विशेष तौर पर 30000 रसगुल्ले तैयार करवाए गए थे। नामांकन स्थल पर भी जनसुराज कार्यकर्ताओं की तुलना में अनंत सिंह के समर्थकों की तादाद कहीं अधिक दिखाई दी। जनसुराज के कार्यकर्ता झंडे और बैनर के साथ मौजूद थे, हालांकि जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर खुद इस मौके पर नामांकन कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।

## पार्टी कार्रवाई की आशंका और समर्थकों का दावा
अपनी ही पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार को छोड़कर विरोधी दल जनसुराज के प्रत्याशी के नामांकन में खुलेआम भाग लेने के बाद नीतीश कुमार की पार्टी अनंत सिंह पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का चाबुक चला सकती है। जब पत्रकारों ने संभावित कार्रवाई को लेकर अनंत सिंह से सवाल किया, तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। दूसरी तरफ उनके समर्थकों का जोश चरम पर था। समर्थकों ने नारे लगाकर और गीत गाकर इस बगावत को जायज ठहराया। एक समर्थक का कहना था कि दादा खुद में एक पूरी पार्टी हैं और पार्टी उन्हीं से चलती है, इसलिए उन पर किसी कार्रवाई का कोई सवाल ही नहीं उठता।

## इसका आप पर असर
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर इस बगावत का सीधा असर पड़ने वाला है।

- **बिहार में:** जेडीयू के भीतर अनुशासन और गठबंधन के चुनावी समीकरणों पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस खुले विद्रोह से सत्तारूढ़ दल की छवि और आगामी चुनावों में संगठनात्मक एकता को झटका लग सकता है।
- **पटना में:** स्नातक सीट के मतदाताओं के बीच अब सीधा मुकाबला त्रिकोणीय या अप्रत्याशित हो गया है। अनंत सिंह के प्रभाव से सत्ताधारी उम्मीदवार नीरज कुमार के वोट बैंक में सेंध लगने की पूरी संभावना बन गई है।
- **जनसुराज के लिए:** प्रशांत किशोर की पार्टी के प्रत्याशी को स्थानीय स्तर पर एक बड़े बाहुबली नेता का समर्थन मिल गया है। इससे जनसुराज की चुनावी दावेदारी को पटना में अप्रत्याशित ताकत मिली है।
- **पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए:** जेडीयू के जमीनी कार्यकर्ताओं में आधिकारिक प्रत्याशी और बाहुबली विधायक के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। आने वाले दिनों में स्थानीय स्तर पर पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में फेरबदल देखने को मिल सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह राजनीतिक टकराव पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार और विधायक अनंत सिंह के बीच पुरानी व्यक्तिगत अदावत और चुनावी वर्चस्व की लड़ाई के चलते पैदा हुआ है।

- **पुरानी राजनीतिक दुश्मनी:** अनंत सिंह ने स्पष्ट किया है कि नीरज कुमार ने विगत समय में चार बार उनका विरोध किया था। इसी पुरानी प्रतिद्वंद्विता का बदला लेने के लिए उन्होंने नीरज कुमार को हराने की सार्वजनिक कसम खाई है।
- **उम्मीदवार चयन पर असंतोष:** पार्टी द्वारा पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार को टिकट दिए जाने से अनंत सिंह बेहद नाराज थे। इस असंतोष को उन्होंने विरोधी दल के प्रत्याशी को खुला समर्थन देकर सार्वजनिक किया।
- **शक्ति प्रदर्शन की रणनीति:** अनंत सिंह ने खुली जीप और हजारों समर्थकों के साथ नामांकन में पहुंचकर पार्टी आलाकमान को अपनी जमीनी ताकत का अहसास कराया। 30000 रसगुल्लों के साथ जुटाई गई भीड़ उनके राजनीतिक दबदबे को दिखाने की सोची-समझी रणनीति थी।

## सवाल-जवाब

### 1. अनंत सिंह किस पार्टी के उम्मीदवार के नामांकन में शामिल हुए?
अनंत सिंह पटना स्नातक सीट से जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह के नामांकन में शामिल हुए।

### 2. अनंत सिंह जेडीयू के किस उम्मीदवार का विरोध कर रहे हैं?
अनंत सिंह जेडीयू के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध कर रहे हैं।

### 3. अनंत सिंह ने नीरज कुमार का विरोध करने की क्या वजह बताई?
अनंत सिंह ने बताया कि नीरज कुमार ने चार बार उनका विरोध किया था, इसलिए वह उन्हें चुनाव में हराना चाहते हैं।

### 4. क्या जनसुराज नेता प्रशांत किशोर इस नामांकन में मौजूद थे?
नहीं, प्रशांत किशोर अपनी पार्टी के उम्मीदवार के नामांकन कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हुए।

### 5. नामांकन के दौरान समर्थकों के खान-पान के लिए क्या विशेष व्यवस्था की गई थी?
अलग-अलग जिलों से आए समर्थकों के लिए विशेष भोज का आयोजन किया गया था, जिसमें 30000 रसगुल्ले तैयार किए गए थे।

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