पटना के फतुहा में बड़ा भंडाफोड़: गोदाम से 22,850 बोतल प्रतिबंधित कोडीन कफ सिरप बरामद, रांची से जुड़ा नेटवर्क बिहार के फतुहा स्थित एक वेयरहाउस पर मद्यनिषेध विभाग और पुलिस की संयुक्त छापेमारी में 2,285 लीटर कोडीन कफ सिरप जब्त किया गया। रांची से पार्सल के जरिए भेजी गई इस अवैध खेप के अंतरराज्यीय सिंडिकेट की जांच जारी है। शराबबंदी कानून प्रभावी होने के बावजूद बिहार में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं। इसी कड़ी में राजधानी पटना से सटे फतुहा इलाके में नशीले कफ सिरप के एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है। स्थानीय पुलिस और बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने फतुहा रोड पर स्थित एक बड़े वेयरहाउस में सुनियोजित छापेमारी कर भारी मात्रा में प्रतिबंधित कोडीन कफ सिरप बरामद किया। गोदाम के भीतर पार्सल के रूप में रखे 149 कार्टन से कुल 22,850 बोतलें जब्त की गईं, जिनकी कुल मात्रा लगभग 2,285 लीटर आंकी गई है। गुप्त सूचना के आधार पर वेयरहाउस में छापेमारी जांच अधिकारियों को एक गुप्त सूचना मिली थी कि फतुहा रोड पर मौजूद एक व्यावसायिक वेयरहाउस में किसी फार्मास्यूटिकल कंपनी की आड़ में प्रतिबंधित नशीले सिरप की बड़ी खेप मंगाई गई है। इस इनपुट की पुष्टि होते ही फतुहा थाना पुलिस और मद्यनिषेध विभाग के अधिकारियों ने साझा रणनीति तैयार की। इसके बाद टीम सीधे वेयरहाउस पहुंची और वहां तैनात सिक्योरिटी टीम को साथ लेकर रांची से ट्रांसपोर्ट के जरिए आए पार्सलों की गहन जांच शुरू की गई। तलाशी के दौरान दो अलग-अलग ब्रांड्स की खेप में छिपाकर रखा गया प्रतिबंधित सिरप बरामद कर लिया गया। दो अलग-अलग खेप में 149 कार्टन बरामद जब्त की गई खेप में दो प्रमुख ब्रांड्स की 100 एमएल वाली बोतलें शामिल थीं। अधिकारियों द्वारा तैयार की गई जब्ती सूची के अनुसार, एस्कफ कोडीन कफ सिरप की 99 पेटियां मिलीं, जिनमें कुल 14,850 बोतलें भरी हुई थीं। इसके अलावा, विक्सी कोडीन कफ सिरप की 50 पेटियां भी बरामद की गईं, जिनमें 8,000 बोतलें रखी हुई थीं। दोनों खेपों को मिलाकर कुल 149 पेटियों से 22,850 बोतलें जब्त की गईं। यह पूरी खेप फार्मास्युटिकल सप्लाई चेन का दुरुपयोग कर अवैध नशे के बाजार में खपाने के मकसद से लाई गई थी। डिलीवरी लेने से पहले सतर्क हुआ रिसीवर बरामदगी के बाद पुलिस अधिकारियों ने पार्सल पर दर्ज संपर्क विवरण के जरिए संबंधित ग्राहक से फोन पर संपर्क साधा और उसे पार्सल रिसीव करने के बहाने फतुहा बुलाया। शुरुआती बातचीत में उस व्यक्ति ने पुलिस टीम को बताया कि वह खेप उठाने के लिए गाड़ी और अपना आदमी भेज रहा है। हालांकि, कुछ ही समय बाद उसे वेयरहाउस पर चल रही प्रशासनिक कार्रवाई की भनक लग गई। भनक लगते ही उसने अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिया और मौके से फरार रहने की रणनीति अपनाई। इसके बाद पुलिस ने पूरी सामग्री को आधिकारिक रूप से जब्त कर फतुहा थाने में कांड संख्या 625/26 दर्ज कर लिया। सप्लाई नेटवर्क और अंतरराज्यीय रूट की छानबीन मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस अब पार्सल भेजने वाले, उसे बुक कराने वाली एजेंसी, स्थानीय रिसीवर और पूरे लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच इस बात पर केंद्रित है कि रांची से बुक हुआ यह माल फतुहा के वेयरहाउस तक किन ट्रांसपोर्ट माध्यमों से पहुंचा और इसे फतुहा से आगे बिहार के किन-किन जिलों में सप्लाई किया जाना था। अधिकारियों का कहना है कि अनुसंधान में सामने आने वाले डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर इस सिंडिकेट से जुड़े सभी चेहरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसका आप पर असर फार्मास्युटिकल दवाओं के अवैध नशे के रूप में इस्तेमाल के खिलाफ इस जब्ती से अंतरराज्यीय लॉजिस्टिक्स और स्थानीय दवा आपूर्ति पर निगरानी कड़ी होगी। • बिहार में: राज्य में ट्रांसपोर्ट वेयरहाउसों और कूरियर पार्सल सेवाओं पर उत्पाद विभाग की जांच सघन होगी। दवा डिस्ट्रीब्यूटर्स और ट्रांसपोर्टरों को प्रतिबंधित दवाओं के ई-वे बिल और डिलीवरी चालान के कड़े सत्यापन से गुजरना पड़ सकता है। • पटना और फतुहा में: स्थानीय वेयरहाउस क्लस्टरों में सुरक्षा प्रोटोकॉल और अज्ञात पार्सल की जांच अनिवार्य की जा सकती है। संदिग्ध डिलीवरी रिसीवर्स के मोबाइल और पहचान पत्रों की पुलिस जांच तेज होगी। • दवा विक्रेताओं के लिए: कोडीन युक्त दवाओं के स्टॉक रजिस्टर और बिक्री पर्चियों की औचक जांच बढ़ सकती है। खुदरा और थोक व्यापारियों को निर्धारित रिकॉर्ड बिना किसी चूक के मेंटेन करना होगा। • आम नागरिकों के लिए: रेलवे, बस और कूरियर से आने वाले पार्सल की जांच के चलते व्यावसायिक डिलीवरी में कुछ अतिरिक्त समय लग सकता है। नागरिक अपने नजदीकी क्षेत्रों में नशीली दवाओं की गुप्त सप्लाई की सूचना पुलिस को दे सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ यह जब्ती पुलिस को मिली सटीक गुप्त सूचना और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में संदिग्ध पार्सल की भौतिक जांच के बाद संभव हो सकी। • खुफिया इनपुट: उत्पाद विभाग और फतुहा पुलिस को सूचना मिली थी कि फार्मा कंपनी के नाम पर प्रतिबंधित कोडीन सिरप का स्टॉक वेयरहाउस में डंप किया गया है। अधिकारियों ने तुरंत वेयरहाउस प्रबंधन और सुरक्षा दल के साथ मिलकर संदिग्ध कंसाइनमेंट को अलग किया। • अंतरराज्यीय रूट का इस्तेमाल: तस्करों ने रांची से फतुहा के बीच कमर्शियल ट्रांसपोर्ट पार्सल सेवा का सहारा लेकर प्रतिबंध को चकमा देने की कोशिश की थी। वैध फार्मा कंपनियों के नाम का मुखौटा बनाकर प्रतिबंधित दवाओं को सामान्य माल की तरह भेजा गया था। • शराबबंदी के बाद नशीली दवाओं की मांग: राज्य में सख्त शराबबंदी के कारण नशा तस्कर कोडीन कफ सिरप जैसी दवाओं को महंगे दामों पर खपाने का अवैध नेटवर्क चला रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस सिंडिकेट का मुख्य सरगना कौन है और रांची से यह माल किस एजेंसी ने बुक कराया था। सवाल-जवाब 1. फतुहा में कुल कितनी मात्रा में कोडीन कफ सिरप जब्त किया गया? वेयरहाउस से 149 कार्टन में कुल 22,850 बोतलें बरामद की गईं, जिनकी मात्रा करीब 2,285 लीटर है। 2. जब्त की गई खेप में कौन-कौन से ब्रांड शामिल थे? इसमें एस्कफ कोडीन कफ सिरप की 99 पेटियों में 14,850 बोतलें और विक्सी कोडीन कफ सिरप की 50 पेटियों में 8,000 बोतलें शामिल थीं। 3. यह अवैध खेप कहां से भेजी गई थी? जांच के अनुसार यह पार्सल झारखंड के रांची से फतुहा स्थित वेयरहाउस में भेजा गया था। 4. पुलिस की कार्रवाई के बाद पार्सल मंगाने वाले ने क्या किया? पुलिस द्वारा संपर्क करने पर उसने गाड़ी भेजने की बात कही, लेकिन छापेमारी की भनक लगते ही उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया। 5. इस मामले में पुलिस ने क्या कानूनी कार्रवाई की है? फतुहा थाने में कांड संख्या 625/26 दर्ज किया गया है और पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच की जा रही है। https://trendkia.com/bihar/patna-ke-fatuha-men-bara-bhndaphora-godama-se-22-850-botala-pratibndhita-kodina-kapha-sirapa-baramada-ranchi-se-jura-netavarka-42814 TrendKia — Har trend, sabse pehle.