पूरे साल फल देने वाला ऑल टाइम मैंगो भोजपुर के किसानों की पहली पसंद बन रहा है भोजपुर के गुड़ी गांव में किसान नर्सरी के संचालक मुना पाठक ऑल टाइम मैंगो की खेती को बढ़ावा दे रहे हैं, जो लगभग पूरे साल फल और मंजर देती है। यह किस्म किसानों को एक से ज्यादा मौसम में कमाई का मौका देती है और दूसरे राज्यों के किसान भी इसे खरीदने नर्सरी पहुंच रहे हैं। बिहार के भोजपुर जिले में आम की बागवानी एक नई करवट ले रही है। यहां के किसान ऑल टाइम मैंगो की खेती की तरफ तेजी से झुक रहे हैं, जो साल के बारह महीने यानी लगभग हर मौसम में फल या मंजर देती है। गुड़ी गांव स्थित किसान नर्सरी के संचालक मुना पाठक इस किस्म को लेकर किसानों को जागरूक कर रहे हैं और आसपास के जिलों के साथ-साथ दूसरे राज्यों के किसान भी उनकी नर्सरी तक पहुंच रहे हैं। रोपाई के लिए बारिश का मौसम सबसे सही मुना पाठक के मुताबिक आम के नए पौधे लगाने के लिए बारिश का मौसम सबसे उपयुक्त रहता है। इस दौरान मिट्टी में पर्याप्त नमी होती है, जिससे पौधों की जड़ें जल्दी और मजबूती से जम जाती हैं। हालांकि जहां सिंचाई की अच्छी सुविधा हो, वहां किसान साल के किसी भी महीने पौधे लगा सकते हैं। ऑल टाइम मैंगो की सबसे बड़ी खासियत इस किस्म की सबसे खास बात यह है कि पेड़ पर लगभग पूरे साल या तो फल लगे रहते हैं या फिर मंजर दिखता है। इसी वजह से बाजार में इसकी मांग अच्छी बनी रहती है और किसान भी इसे व्यावसायिक बागवानी के लिए चुन रहे हैं। पारंपरिक आम की किस्मों में किसान को केवल एक सीजन के फल का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन ऑल टाइम मैंगो से किसान अलग-अलग मौसम में फल प्राप्त करते रहते हैं। इससे उनकी आमदनी किसी एक मौसम पर निर्भर नहीं रहती और कमाई के अवसर पूरे साल बने रहते हैं। कैसे करें वैज्ञानिक तरीके से खेती पौधा लगाने से पहले खेत में उचित आकार का गड्ढा तैयार करना जरूरी है। उस गड्ढे में गोबर की सड़ी हुई खाद, वर्मी कम्पोस्ट और जैविक खाद को अच्छी तरह मिलाकर पौधा रोपना चाहिए। इससे पौधे की बढ़वार तेज और स्वस्थ होती है। शुरुआती दिनों में नियमित सिंचाई जरूरी है और समय-समय पर खाद देना भी उतना ही अहम है। कीट और रोगों से बचाव पर भी शुरू से ध्यान देना होता है। इसके अलावा पौधों के बीच उचित दूरी बनाए रखना और समय पर छंटाई करना, ये दोनों काम पेड़ के विकास और फल की गुणवत्ता दोनों के लिए फायदेमंद साबित होते हैं। नर्सरी में पौधे के साथ मिलती है पूरी तकनीकी सलाह भोजपुर के गुड़ी गांव की किसान नर्सरी में ऑल टाइम मैंगो के पौधे उपलब्ध हैं। मुना पाठक बताते हैं कि यहां किसानों को सिर्फ पौधे ही नहीं मिलते, बल्कि रोपाई की विधि, देखभाल के तरीके, उर्वरक प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने से जुड़ी तकनीकी जानकारी भी दी जाती है। उनका कहना है कि बदलते समय में पारंपरिक खेती के साथ बागवानी को जोड़ने से किसानों की आमदनी बेहतर हो सकती है। यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से इसकी खेती करें तो कम क्षेत्रफल में भी अच्छी उपज और बेहतर मुनाफा हासिल किया जा सकता है। यही वजह है कि भोजपुर और इसके आसपास के जिलों के अलावा दूसरे राज्यों के किसान भी इस पौधे को देखने और खरीदने के लिए नर्सरी तक आ रहे हैं। इसका आप पर असर • किसानों के लिए: ऑल टाइम मैंगो से आमदनी केवल एक मौसम तक सीमित नहीं रहती, जिससे छोटे और मझोले किसानों को भी साल भर कमाई के अवसर मिलते हैं। • भोजपुर में: स्थानीय किसान गुड़ी गांव की किसान नर्सरी से पौधे खरीदकर और तकनीकी सलाह लेकर इस लाभकारी बागवानी की शुरुआत कर सकते हैं। सवाल-जवाब 1. ऑल टाइम मैंगो क्या है और यह सामान्य आम की किस्मों से कैसे अलग है? ऑल टाइम मैंगो एक ऐसी किस्म है जिसके पेड़ पर लगभग पूरे साल या तो फल लगे रहते हैं या मंजर दिखता है, जबकि पारंपरिक किस्में केवल एक सीजन में ही फल देती हैं। 2. ऑल टाइम मैंगो लगाने का सबसे सही समय कौन सा है? बारिश का मौसम सबसे उपयुक्त है क्योंकि तब मिट्टी में पर्याप्त नमी रहती है, हालांकि जहां सिंचाई की अच्छी व्यवस्था हो, वहां साल भर पौधे लगाए जा सकते हैं। 3. पौधा लगाने से पहले गड्ढे में क्या मिलाना चाहिए? गड्ढे में गोबर की सड़ी हुई खाद, वर्मी कम्पोस्ट और जैविक खाद को अच्छी तरह मिलाकर पौधा रोपना चाहिए, इससे बढ़वार तेज होती है। 4. ऑल टाइम मैंगो के पौधे कहां से खरीदे जा सकते हैं? भोजपुर जिले के गुड़ी गांव स्थित मुना पाठक की किसान नर्सरी में ये पौधे उपलब्ध हैं, जहां खेती की तकनीकी जानकारी भी दी जाती है। 5. इस किस्म की खेती से किसानों को क्या आर्थिक फायदा होता है? किसानों को अलग-अलग मौसम में फल मिलते रहते हैं जिससे आमदनी केवल एक सीजन पर निर्भर नहीं रहती और कम क्षेत्रफल में भी अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। 6. ऑल टाइम मैंगो की देखभाल में क्या-क्या जरूरी है? शुरुआती दिनों में नियमित सिंचाई, समय पर खाद देना, कीट-रोगों से बचाव, पौधों के बीच उचित दूरी और समय-समय पर छंटाई जरूरी है। 7. क्या दूसरे राज्यों के किसान भी इस किस्म में रुचि ले रहे हैं? हां, भोजपुर के आसपास के जिलों के साथ-साथ दूसरे राज्यों के किसान भी गुड़ी गांव की नर्सरी में इस पौधे को देखने और खरीदने आ रहे हैं। https://trendkia.com/bihar/pure-sala-phala-dene-vala-all-time-mango-bhojpur-ke-kisanon-ki-pahali-pasnda-bana-raha-hai-3748 TrendKia — Har trend, sabse pehle.