पूर्णिया में कृषि ड्रोन खरीद पर 5 लाख रुपये तक की सरकारी मदद, 10वीं पास युवाओं को भी मिलेगा मौका पूर्णिया जिले में आधुनिक खेती को रफ्तार देने के लिए कृषि विभाग ड्रोन खरीद पर 4 से 5 लाख रुपये तक का अनुदान दे रहा है, साथ ही आवेदकों को 15 दिनों की तकनीकी ट्रेनिंग भी मिलेगी। खेती-किसानी के तौर-तरीकों में आधुनिक तकनीक और मशीनों का दखल तेजी से बढ़ रहा है। इसी कड़ी में बिहार के पूर्णिया जिले के किसानों और ग्रामीण युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने की पहल शुरू की गई है। सरकार कृषि कार्यों में ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भारी वित्तीय मदद उपलब्ध करा रही है। इस योजना के जरिए स्थानीय युवा कृषि ड्रोन खरीदकर अपने आसपास के खेतों में कीटनाशक और पोषक तत्वों का छिड़काव करने जैसी सेवाएं दे सकते हैं, जिससे किसानों का काम आसान होगा और युवाओं के लिए नियमित आमदनी का एक मजबूत जरिया भी तैयार होगा। शैक्षणिक योग्यता के आधार पर तय होगा अनुदान कृषि यंत्रीकरण से जुड़े पूर्णिया जिला कृषि विभाग के अधिकारी मोहम्मद शहजाद आलम ने योजना की विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य तौर पर कम से कम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण युवा इस सरकारी सहायता का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह पात्र हैं। ऐसे युवाओं को ड्रोन खरीदने के लिए सरकार की तरफ से 4 लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, जिन युवाओं के पास एग्रीकल्चर में ग्रेजुएशन की डिग्री है, उन्हें योजना के तहत 50 प्रतिशत यानी अधिकतम 5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। अधिकारी के मुताबिक एक सर्वसुविधायुक्त कृषि ड्रोन की कुल अनुमानित लागत लगभग 10 लाख रुपये आती है। चयनित आवेदकों को मिलेगी 15 दिनों की विशेष ट्रेनिंग ड्रोन योजना के तहत केवल आर्थिक मदद ही नहीं दी जा रही, बल्कि युवाओं को इसे सुरक्षित और प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए सक्षम भी बनाया जाएगा। मोहम्मद शहजाद आलम ने बताया कि आवेदन करने वाले पात्र युवाओं को कृषि विभाग की ओर से 15 दिनों का विशेष ड्रोन पायलट प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों को ड्रोन से जुड़े तमाम तकनीकी पहलुओं, रख-रखाव, उड़ान नियंत्रण और खेतों में संतुलित मात्रा में रसायनों के छिड़काव की बारीकियां सिखाई जाएंगी। यह तकनीकी कौशल हासिल करने के बाद युवा ग्रामीण इलाकों में पेशेवर ड्रोन पायलट के रूप में काम कर सकेंगे। ऑनलाइन आवेदन और चयन की प्रक्रिया इस योजना में दिलचस्पी रखने वाले उम्मीदवारों के लिए कृषि विभाग में पहले से पंजीकृत होना अनिवार्य किया गया है। इच्छुक युवा बिहार सरकार के कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट डीबीटी एग्रीकल्चर या फिर ओएफएमएएस पोर्टल के जरिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन की समय सीमा पूरी होने के बाद विभाग सभी प्राप्त आवेदनों की सघन जांच और स्क्रूटिनी करेगा। जांच प्रक्रिया में सही पाए गए पात्र अभ्यर्थियों से संबंधित विभागीय अधिकारी सीधा संपर्क साधेंगे और अनुदान सहित खरीद की आगे की औपचारिकताओं को पूरा कराया जाएगा। इसका आप पर असर इस सरकारी पहल से पूर्णिया के ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और किसानों का खर्च तथा समय दोनों बचेगा। • भारत में: देश भर में कृषि क्षेत्र में आधुनिक ड्रोन तकनीक के प्रसार से कीटनाशक छिड़काव में रसायनों की बर्बादी रुकेगी। इससे फसल सुरक्षा की लागत में कमी आएगी और खेती में आधुनिक उपकरणों का उपयोग तेजी से बढ़ेगा। • पूर्णिया में: पूर्णिया जिले के 10वीं पास और कृषि स्नातक युवा 4 से 5 लाख रुपये की सब्सिडी पर 10 लाख रुपये वाला ड्रोन खरीद सकते हैं। इसके लिए उन्हें डीबीटी एग्रीकल्चर या ओएफएमएएस पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। • कमाई के अवसर: प्रशिक्षित युवा स्थानीय किसानों के खेतों में छिड़काव सेवा देकर नियमित आमदनी कमा सकेंगे। 15 दिनों का मुफ्त तकनीकी प्रशिक्षण उन्हें कुशल ड्रोन ऑपरेटर बनाएगा। • आवेदन की शर्त: योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का कृषि विभाग में पहले से पंजीकृत होना जरूरी है। बिना विभागीय निबंधन के पोर्टल पर आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसा क्यों हुआ कृषि क्षेत्र में श्रम की कमी को दूर करने और आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए यह सब्सिडी योजना शुरू की गई है। सरकार पारंपरिक खेती में मशीनीकरण को गति देना चाहती है ताकि फसलों की उत्पादकता और सुरक्षा दोनों बढ़ाई जा सके। • मशीनीकरण की बढ़ती जरूरत: फसलों पर पारंपरिक तरीकों से दवा छिड़काव में काफी समय और मजदूरी खर्च होती है। ड्रोन तकनीक से बड़े रकबे में कुछ ही मिनटों में सटीक छिड़काव संभव हो जाता है। • ग्रामीण युवाओं को रोजगार: ग्रामीण क्षेत्रों में 10वीं पास और कृषि स्नातकों को आधुनिक तकनीकी कौशल देकर स्वरोजगार उपलब्ध कराना इस पहल की मुख्य वजह है। इससे युवा अपने ही जिले में रहकर कृषि सेवा उद्यम शुरू कर सकते हैं। • लागत और सुरक्षा संतुलन: करीब 10 लाख रुपये की लागत वाले ड्रोन को आम युवा अपने दम पर नहीं खरीद सकते थे। सरकार द्वारा 40 से 50 प्रतिशत तक का अनुदान देकर इस तकनीक को आम लोगों की पहुंच में लाया जा रहा है। सवाल-जवाब 1. पूर्णिया में कृषि ड्रोन पर कितनी सब्सिडी मिल रही है? 10वीं पास युवाओं को 4 लाख रुपये तक और एग्रीकल्चर ग्रेजुएट्स को 50 प्रतिशत यानी 5 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। 2. कृषि ड्रोन की कुल अनुमानित लागत कितनी है? अधिकारी मोहम्मद शहजाद आलम के अनुसार कृषि ड्रोन की कुल लागत लगभग 10 लाख रुपये है। 3. ड्रोन खरीदने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता क्या तय की गई है? इस योजना में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का कम से कम 10वीं पास होना अनिवार्य है। 4. ड्रोन पायलट बनने के लिए कितने दिनों की ट्रेनिंग दी जाएगी? चयनित युवाओं को आवेदन के बाद कृषि विभाग द्वारा 15 दिनों का तकनीकी ड्रोन पायलट प्रशिक्षण दिया जाएगा। 5. इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कहां किया जा सकता है? इच्छुक उम्मीदवार बिहार कृषि विभाग के डीबीटी एग्रीकल्चर पोर्टल या ओएफएमएएस पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। https://trendkia.com/bihar/purnia-men-krishi-drona-kharida-para-5-lakha-rupaye-taka-ki-sarakari-madada-10vin-pasa-yuvaon-ko-bhi-milega-mauka-38824 TrendKia — Har trend, sabse pehle.