राजद की कमान संभालने की अटकलों को रोहिणी आचार्य ने किया खारिज, बोलीं पिता की देखरेख ही पहली प्राथमिकता लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने राजद का नेतृत्व करने की सभी अटकलों को नकारते हुए साफ किया है कि उनकी पटना वापसी केवल अपने पिता की सेहत और सेवा के लिए हुई है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने पार्टी की कमान संभालने को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। पटना पहुंचने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मकसद किसी राजनीतिक पद की होड़ में शामिल होना नहीं है, बल्कि वह केवल अपने अस्वस्थ पिता की सेवा और देखरेख करने के लिए आई हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि इंटरनेट पर चल रही बातों में कोई सच्चाई नहीं है और वह सुबह की सैर से लेकर रात के खाने तक अपने पिता के साथ ही पूरा समय बिता रही हैं। नेतृत्व संभालने की चर्चाओं को पूरी तरह नकारा सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं कि रोहिणी आचार्य राजद में बड़ी जिम्मेदारी संभाल सकती हैं। इन चर्चाओं को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि लोग कहने के लिए कुछ भी कह सकते हैं, लेकिन असलियत में ऐसी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि वह जो कुछ भी अपने सार्वजनिक बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट्स में लिखती रही हैं, आज भी उसी बात पर पूरी तरह कायम हैं। उनके अनुसार दिन के पूरे चौबीस घंटे केवल उनके पिता को समर्पित हैं और सुबह से शाम तक उनकी दिनचर्या पिता के आसपास ही सिमटी हुई है। सक्रिय राजनीति में कदम रखने पर दिया सधा हुआ जवाब भविष्य में सक्रिय राजनीति में आने के सवाल पर रोहिणी आचार्य ने बेहद नपा-तुला रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उनके सामने अभी बहुत लंबी जिंदगी है और इस समय उनके लिए अपने माता-पिता के आशीर्वाद और उनकी सेवा से बढ़कर कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि आगे क्या होगा यह कोई नहीं बता सकता, लेकिन वर्तमान में उनका पूरा ध्यान केवल परिवार और माता-पिता के स्वास्थ्य पर ही केंद्रित है। सामाजिक सरोकार और दिल्ली में जारी प्रदर्शन को समर्थन सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता का बचाव करते हुए रोहिणी आचार्य ने कहा कि देश और परिवार की चिंता करना किसी भी नागरिक के लिए स्वाभाविक बात है। उन्होंने कहा कि कोई भी भारतीय कहीं भी रहे, वह हमेशा अपने राज्य के विकास की कामना करता है। राजनीतिक विषयों पर विस्तार से बात करने के लिए सही वक्त का इंतजार करने की बात कहते हुए उन्होंने यह भी जोड़ा कि दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन को उनका पूरा समर्थन हासिल है। गौरतलब है कि इससे पहले जब राजद ने छह उम्मीदवारों की सूची जारी की थी, तब भी रोहिणी आचार्य ने कड़ा ऐतराज जताते हुए गंभीर आरोप लगाए थे, जिसकी व्यापक चर्चा हुई थी। इसके बाद जब वह पटना हवाई अड्डे पर पहुंचीं, तब लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती उन्हें लेने पहुंचे थे। इसका आप पर असर रोहिणी आचार्य के इस स्पष्टीकरण से बिहार की राजनीति और राजद के आंतरिक समीकरणों को लेकर चल रही चर्चाओं पर सीधा असर पड़ा है। • बिहार में: राजद नेतृत्व में अचानक किसी बदलाव की अटकलों पर विराम लग गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को अब साफ संकेत मिल गया है कि संगठन के शीर्ष स्तर पर तुरंत कोई फेरबदल नहीं होने जा रहा है। • भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन के प्रमुख घटक दल में नेतृत्व परिवर्तन की अफवाहें शांत हो गई हैं। इससे गठबंधन के राजनीतिक विश्लेषकों को स्थिति का सही मूल्यांकन करने में मदद मिलेगी। • समर्थकों के लिए: रोहिणी आचार्य ने स्पष्ट किया है कि उनकी पहली प्राथमिकता परिवार और माता-पिता की सेहत है। इससे जनता के बीच उनका पारिवारिक समर्पण का संदेश स्पष्ट रूप से गया है। • राजनीतिक भविष्य: उन्होंने आगे की राजनीति में प्रवेश के विकल्प को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। इसका मतलब है कि भविष्य में उपयुक्त समय आने पर उनकी सक्रिय भूमिका देखने को मिल सकती है। ऐसा क्यों हुआ यह बयान सोशल मीडिया पर चल रही उन चर्चाओं के जवाब में सामने आया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि रोहिणी आचार्य जल्द ही राजद की कमान संभाल सकती हैं। • नेतृत्व की अटकलें: सोशल मीडिया मंचों पर यह दावा लगातार प्रसारित हो रहा था कि वह पार्टी संगठन का शीर्ष पद संभालने जा रही हैं। इसी भ्रम को दूर करने के लिए उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट की। • पिता का स्वास्थ्य: उनके पिता लालू प्रसाद यादव लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। रोहिणी आचार्य ने बताया कि उनके पिता लगातार उन्हें बुला रहे थे और समय मिलते ही वह उनकी देखरेख के लिए पटना पहुंची हैं। • पूर्व की बयानबाजी: राजद द्वारा छह प्रत्याशियों की सूची जारी किए जाने के बाद रोहिणी आचार्य ने तीखे आरोप लगाए थे। उस घटनाक्रम के बाद उनकी पटना वापसी को राजनीतिक दृष्टिकोण से जोड़कर देखा जा रहा था। सवाल-जवाब 1. क्या रोहिणी आचार्य राजद की कमान संभालने जा रही हैं? नहीं, उन्होंने स्पष्ट किया है कि पार्टी की कमान संभालने की चर्चाएं पूरी तरह निराधार हैं। 2. रोहिणी आचार्य के पटना आने का मुख्य कारण क्या है? उन्होंने बताया कि वह अपने पिता लालू प्रसाद यादव की सेहत और उनकी देखभाल करने के लिए पटना आई हैं। 3. क्या रोहिणी आचार्य भविष्य में राजनीति में शामिल होंगी? उन्होंने कहा कि उनके पास अभी बहुत लंबी उम्र है और आगे क्या होगा यह समय तय करेगा, फिलहाल उनका ध्यान केवल माता-पिता की सेवा पर है। 4. रोहिणी आचार्य ने दिल्ली के प्रदर्शन को लेकर क्या कहा? उन्होंने कहा कि दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन को उनका शत-प्रतिशत समर्थन हासिल है। https://trendkia.com/bihar/rjd-ki-kamana-snbhalane-ki-charcha-para-lalu-yadav-ki-beti-rohini-acharya-ne-atakalen-kin-kharija-43981 TrendKia — Har trend, sabse pehle.