# रोहतास में पति को नींद की दवा देकर गला घोंटने वाली पत्नी को उम्रकैद, 15 हजार जुर्माना

> बिहार के रोहतास जिले में अदालत ने पति अमन कुमार की हत्या के मामले में दोषी पत्नी पूनम कुमारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि सह-आरोपी कमलेश कुमार को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।

**Type:** article · **Category:** बिहार · **Published:** 2026-10-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bihar/rohtas-men-pati-ko-ninda-ki-dava-dekara-gala-ghontane-vali-patni-ko-umrakaida-15-hajara-jurmana-45218 · **Language:** Hindi
**Tags:** रोहतास, बिहार, चेनारी, हत्याकांड, उम्रकैद, अदालत का फैसला

बिहार के रोहतास जिले की एक स्थानीय अदालत ने वैवाहिक रिश्ते को तार-तार कर देने वाले एक हत्याकांड में कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने अपने पति की जान लेने की दोषी पाई गई पत्नी पूनम कुमारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तृतीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीवन लाल की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद यह अहम फैसला गुरुवार को सुनाया। अदालत ने दोषी महिला पर उम्रकैद की सजा के साथ-साथ 15 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। दूसरी तरफ, इसी मामले में सह-अभियुक्त बनाए गए कथित प्रेमी कमलेश कुमार को अदालत ने पर्याप्त कानूनी सबूत न मिलने की वजह से दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया। इस न्यायिक निर्णय के सामने आने के बाद मृतक अमन कुमार के परिजनों ने फैसले पर गहरा संतोष जाहिर किया है।

## साजिश के तहत पहले नशीली गोलियां दीं, फिर दबा दिया गला
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में पेश किए गए विवरण के अनुसार यह सनसनीखेज वारदात 13 अक्टूबर 2022 को घटी थी। रोहतास जिले के चेनारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नरैना गांव में अमन कुमार की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस वारदात के तुरंत बाद मृतक के पिता मुरली मनोहर सिंह, जो नरैना गांव के ही निवासी हैं, उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए चेनारी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

दर्ज कराई गई शिकायत में स्पष्ट आरोप लगाया गया था कि अमन कुमार की पत्नी पूनम कुमारी ने अपने कथित प्रेमी कमलेश कुमार की मिलीभगत से इस जघन्य हत्याकांड की साजिश रची थी। घटना वाली रात पूनम ने एक सुनियोजित चाल के तहत पहले अपने पति को धोखे से नींद की दवा खिला दी ताकि वह पूरी तरह बेसुध हो जाए। जब दवा के असर से अमन कुमार अचेत हो गया, तब उसका गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने प्राथमिकी के आधार पर तफ्तीश आगे बढ़ाई और जुटाए गए साक्ष्यों के सहारे आरोपियों के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।

## न्यायालय में नौ गवाहों के बयानों से साबित हुआ जुर्म
इस पूरे मामले में कानूनी प्रक्रिया और अदालत की कार्यवाही की जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक विद्यासागर राय ने बताया कि सुनवाई के दौरान अभियोजन ने अपने पक्ष को मजबूती से साबित करने के लिए कुल नौ गवाहों की गवाही अदालत में कराई। गवाहों के बयानों और पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए तमाम दस्तावेजी व परिस्थितिजन्य सबूतों का अदालत ने बारीकी से परीक्षण किया।

लंबी कानूनी बहस और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अदालत इस नतीजे पर पहुंची कि पूनम कुमारी के खिलाफ पति की हत्या का अपराध पूरी तरह साबित होता है। न्यायाधीश ने पूनम कुमारी को हत्या का दोषी ठहराते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई और 15 हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया।

## सबूतों की कमी के चलते कमलेश कुमार को मिली राहत
मामले में कमलेश कुमार के खिलाफ भी हत्या की इस साजिश में सक्रिय रूप से शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया गया था। हालांकि मुकदमे के दौरान न्यायालय के समक्ष अभियोजन पक्ष कमलेश के खिलाफ सीधे या पुख्ता कानूनी साक्ष्य पेश करने में सफल नहीं रहा। अदालत ने स्पष्ट किया कि संदेह के आधार पर किसी को सजा नहीं दी जा सकती और पर्याप्त सबूतों के अभाव का लाभ देते हुए कमलेश कुमार को सभी आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया गया।

## चार साल की कानूनी लड़ाई के बाद पीड़ित परिवार को मिला सुकून
लगभग चार साल पुराने इस दर्दनाक हत्याकांड में अदालत का फैसला आते ही पीड़ित परिवार ने राहत महसूस की। मृतक अमन कुमार के पिता और अन्य पारिवारिक सदस्यों ने अदालत के इस कड़े कदम को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। परिजनों का कहना था कि यद्यपि वे अपने बेटे को वापस नहीं पा सकते, लेकिन कानून द्वारा दोषी पत्नी को सलाखों के पीछे भेजे जाने से उनके लंबे संघर्ष को न्याय मिला है।

## इसका आप पर असर
यह फैसला वैवाहिक अपराधों और पारिवारिक विवादों में कानून के सख्त रुख तथा मुकदमों के दौरान कानूनी सबूतों की अनिवार्यता को स्पष्ट करता है।

- **भारत में:** यह मामला रेखांकित करता है कि अदालतों में किसी भी अपराध को साबित करने के लिए ठोस और पुख्ता साक्ष्यों की आवश्यकता होती है। केवल आरोपों के आधार पर नहीं बल्कि गवाहों और वैज्ञानिक जांच के आधार पर ही सजा तय की जाती है।
- **बिहार में:** रोहतास जिले में करीब चार साल पुराने इस मामले में आया त्वरित अदालती फैसला स्थानीय स्तर पर न्याय प्रणाली में लोगों का विश्वास बढ़ाता है। साथ ही यह गंभीर अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के लिए एक कड़ा कानूनी संदेश भी देता है।
- **पीड़ित परिवारों के लिए:** यह निर्णय दिखाता है कि पुलिस और अभियोजन की सही पैरवी से पीड़ित पक्ष को लंबी कानूनी लड़ाई के बाद भी इंसाफ मिल सकता है। न्याय मिलने से पीड़ित परिवारों को मानसिक संबल और कानूनी व्यवस्था पर भरोसा मिलता है।
- **कानूनी साक्ष्य की अहमियत:** सह-आरोपी के बरी होने से यह साफ होता है कि न्यायालय बिना पुख्ता सबूत किसी को दंडित नहीं करता। जांच एजेंसियों के लिए यह आवश्यक है कि वे हर संदिग्ध के खिलाफ निर्विवाद प्रमाण अदालत में पेश करें।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना 13 अक्टूबर 2022 को रोहतास के नरैना गांव में पारिवारिक विवाद और कथित अवैध संबंधों की पृष्ठभूमि में घटी थी। प्राथमिकी के अनुसार पति को रास्ते से हटाने के इरादे से यह साजिश रची गई थी।

- **नशीली दवा का इस्तेमाल:** प्राथमिकी के मुताबिक पूनम कुमारी ने पति अमन कुमार को पहले नींद की गोलियां देकर अचेत कर दिया था। इस कारण वह किसी भी प्रकार का शारीरिक प्रतिरोध करने में पूरी तरह असमर्थ हो गया।
- **गला घोंटकर हत्या:** जब पीड़ित गहरी नींद में चला गया, तब आरोपी पत्नी ने उसका गला दबाकर जान ले ली। इस सुनियोजित कृत्य के बाद मृतक के पिता ने चेनारी थाने में मामला दर्ज कराया।
- **सबूतों का अभाव और बरी होना:** कथित प्रेमी कमलेश कुमार के खिलाफ साजिश में सीधी भागीदारी साबित करने वाले पर्याप्त साक्ष्य न्यायालय के समक्ष नहीं आ सके। इसी कानूनी कमी के कारण अदालत ने उसे संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. रोहतास की अदालत ने पूनम कुमारी को क्या सजा सुनाई है?
अदालत ने पूनम कुमारी को पति की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

### 2. यह घटना कब और कहां हुई थी?
यह वारदात 13 अक्टूबर 2022 को बिहार के रोहतास जिले के चेनारी थाना क्षेत्र स्थित नरैना गांव में हुई थी।

### 3. मामले में किस अदालत और न्यायाधीश ने फैसला सुनाया?
यह फैसला तृतीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीवन लाल की अदालत ने गुरुवार को सुनाया।

### 4. हत्याकांड में सह-आरोपी कमलेश कुमार को क्यों बरी किया गया?
न्यायालय के सामने कमलेश कुमार के खिलाफ अपराध साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले, इसलिए उसे बरी कर दिया गया।

### 5. अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कितने गवाह पेश किए गए?
अपर लोक अभियोजक विद्यासागर राय के अनुसार, सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल नौ गवाहों की गवाही कराई।

### 6. अमन कुमार की हत्या किस तरह की गई थी?
आरोपों के अनुसार, पूनम कुमारी ने पहले अपने पति को नींद की गोली खिला दी और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।

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