सबरीमाला मंदिर के स्ट्रॉन्ग रूम से 446 ग्राम का सोने का मुकुट चोरी, जांच में मिला नकली आभूषण सबरीमाला के सन्निधानम स्थित स्ट्रॉन्ग रूम से 446 ग्राम का सोने का मुकुट गायब होने और उसकी जगह नकली मुकुट मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हाईकोर्ट की निगरानी में चल रहे आभूषणों के भौतिक सत्यापन के दौरान यह गंभीर फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर के खजाने की सुरक्षा पर बेहद गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सन्निधानम के स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखा गया 446 ग्राम वजनी सोने का मुकुट रहस्यमयी तरीके से गायब पाया गया है। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि असली मुकुट की जगह वहां हूबहू दिखने वाला नकली मुकुट रख दिया गया था, ताकि किसी को आसानी से शक न हो सके। इस पूरे षड्यंत्र का खुलासा उस वक्त हुआ जब मंदिर के पवित्र आभूषणों की आधिकारिक गिनती और भौतिक सत्यापन का काम चल रहा था। हाईकोर्ट की निगरानी में खुली सुरक्षा व्यवस्था की पोल मंदिर के आभूषणों के स्टॉक और उनकी प्रमाणिकता की यह जांच केरल हाईकोर्ट के सख्त निर्देश पर आयोजित की जा रही है। जांच की कमान सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस के.टी. शंकरन संभाल रहे हैं। जस्टिस शंकरन के नेतृत्व वाली विशेष टीम जब सन्निधानम के स्ट्रॉन्ग रूम में रखे गए गहनों का मिलान कर रही थी, तब विशेषज्ञों ने मुकुट की धातु और बनावट में भारी अंतर पकड़ा। जब बारीकी से परीक्षण किया गया, तो प्रमाणित हुआ कि सुरक्षित रखी गई वस्तु असली सोने का मुकुट नहीं बल्कि कम मूल्य वाली धातु से तैयार किया गया नकली आभूषण है। तमिलनाडु के श्रद्धालुओं ने 2012 में किया था अर्पित रिकॉर्ड के अनुसार, यह 446 ग्राम वजनी सोने का मुकुट वर्ष 2012 में तमिलनाडु के श्रद्धालुओं ने सबरीमाला नदा में भगवान अय्यप्पा के चरणों में समर्पित किया था। तय व्यवस्था और नियमों के तहत इस बेशकीमती आभूषण को सन्निधानम से आरणमुला के मुख्य स्ट्रॉन्ग रूम में स्थानांतरित किया जाना था। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इसे ऐसे स्थान पर रखा गया था जो सीसीटीवी कैमरों की सीधी निगरानी सीमा से बाहर था। सुरक्षा कैमरों की गैर-मौजूदगी वाले क्षेत्र में मुकुट को रखे जाने के फैसले ने अब कई संदेहों को जन्म दे दिया है। आरणमुला स्ट्रॉन्ग रूम से सोने की माला भी नदारद मंदिर की संपत्तियों में हेराफेरी का दायरा सिर्फ मुकुट की अदला-बदली तक सीमित नहीं रहा। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान आरणमुला देवस्वोम के मुख्य स्ट्रॉन्ग रूम से चार ग्राम वजन की एक सोने की माला भी गायब पाई गई। एक ही व्यापक ऑडिट प्रक्रिया में दो अलग-अलग सुरक्षित ठिकानों से सोने के आभूषणों का गायब होना और नकली आभूषण का मिलना यह दर्शाता है कि यह चूक केवल लापरवाही नहीं बल्कि सुनियोजित धोखाधड़ी हो सकती है। देवस्वोम बोर्ड का कड़ा रुख और आगे की कार्रवाई दो बड़े आभूषणों से जुड़ी इस अनियमितता के बाद त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड में हड़कंप मच गया है। देवस्वोम बोर्ड के अध्यक्ष के. जयकुमार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा में हुई इस गंभीर चूक और मुकुट को बदले जाने के मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी। जांच का फोकस उन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों पर रहेगा जो उस अवधि के दौरान स्ट्रॉन्ग रूम के प्रबंधन और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। जस्टिस के.टी. शंकरन की अगुवाई वाली जांच समिति पहले चरण की विस्तृत सत्यापन रिपोर्ट अगले महीने के पहले सप्ताह में हाईकोर्ट के समक्ष पेश करने वाली है। बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि हाईकोर्ट की रिपोर्ट आने के बाद मामले को पुलिस के विशेष जांच दल को सौंपने पर विचार किया जाएगा। प्रबंधन ने दोहराया है कि इस साजिश में शामिल किसी भी दोषी कर्मचारी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसका आप पर असर मंदिर के खजाने से आभूषण गायब होने का सीधा असर सुरक्षा प्रोटोकॉल और श्रद्धालुओं के दान के प्रबंधन पर पड़ेगा। • श्रद्धालुओं के लिए: मंदिरों में बहुमूल्य धातुओं के चढ़ावे के डिजिटलीकरण और सख्त ट्रैकिंग नियमों की मांग तेज होगी। दानकर्ताओं की दी गई वस्तुओं का सार्वजनिक ऑडिट रिकॉर्ड बनाए रखने का दबाव बढ़ेगा। • केरल में: राज्य भर के प्रमुख तीर्थस्थलों के स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा समीक्षा अनिवार्य हो जाएगी। सीसीटीवी कवरेज और सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। • मंदिर प्रशासन पर: त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के कस्टोडियन और जिम्मेदार अफसरों की कानूनी जवाबदेही तय होगी। भविष्य में स्ट्रॉन्ग रूम खोलने और सील करने के नियमों को और अधिक कड़ा किया जाएगा। • आगामी सीजन में: तीर्थयात्रा सीजन से पहले लॉकर और स्ट्रांग रूम की निगरानी व्यवस्था पूरी तरह अपग्रेड की जाएगी। कोर्ट की निगरानी में अन्य अप्रमाणित गहनों का भी पुनः परीक्षण हो सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह घटना उच्च न्यायालय के आदेश पर आयोजित नियमित संपत्ति सत्यापन के दौरान सुरक्षा तंत्र में मौजूद गंभीर खामियों के कारण उजागर हुई। • निगरानी में चूक: सन्निधानम के स्ट्रॉन्ग रूम में रखे गए मुकुट को ऐसे स्थान पर रखा गया था जो सीसीटीवी कैमरों के दायरे से पूरी तरह बाहर था। इस अंधेरे कोने का फायदा उठाकर किसी ने असली मुकुट की जगह कम कीमत का नकली मुकुट रख दिया। • हाईकोर्ट का हस्तक्षेप: केरल हाईकोर्ट ने जस्टिस के.टी. शंकरन की अध्यक्षता में तिरुवाभरणों की गिनती और जांच का आदेश दिया था। इस न्यायिक सत्यापन प्रक्रिया के कारण मुकुट की धातु का बारीक परीक्षण हुआ और धोखाधड़ी पकड़ी गई। • लंबे समय तक स्थानांतरण न होना: तमिलनाडु के भक्तों द्वारा 2012 में चढ़ाए गए इस मुकुट को आरणमुला के मुख्य स्ट्रॉन्ग रूम में स्थानांतरित किया जाना था। स्थानांतरण प्रक्रिया में देरी और शिथिलता के कारण आभूषणों की सुरक्षा से समझौता हुआ। सवाल-जवाब 1. सबरीमाला मंदिर से कौन-सा बहुमूल्य आभूषण गायब हुआ है? सन्निधानम के स्ट्रॉन्ग रूम में रखा 446 ग्राम का सोने का मुकुट गायब पाया गया है और उसकी जगह नकली मुकुट रखा मिला। 2. यह सोने का मुकुट मंदिर को कब और किसने अर्पित किया था? यह मुकुट साल 2012 में तमिलनाडु के श्रद्धालुओं ने भगवान अय्यप्पा के मंदिर में अर्पित किया था। 3. इस चोरी का खुलासा किस जांच के दौरान हुआ? केरल हाईकोर्ट के निर्देश पर जस्टिस के.टी. शंकरन की अगुवाई में चल रही आभूषणों की गिनती और सत्यापन के दौरान यह मामला खुला। 4. मुकुट के अलावा और कौन-सा आभूषण गायब मिला है? सत्यापन के दौरान आरणमुला देवस्वोम के स्ट्रॉन्ग रूम से चार ग्राम वजन की एक सोने की माला भी गायब मिली है। 5. जांच समिति अपनी रिपोर्ट अदालत में कब पेश करेगी? जांच समिति पहले चरण की सत्यापन रिपोर्ट अगले महीने के पहले सप्ताह में हाईकोर्ट के सामने पेश करेगी। 6. देवस्वोम बोर्ड के अध्यक्ष ने इस मामले में क्या कदम उठाने की बात कही है? अध्यक्ष के. जयकुमार ने कहा है कि विस्तृत जांच की जाएगी और हाईकोर्ट की रिपोर्ट के बाद मामले को विशेष जांच दल को सौंपा जा सकता है। https://trendkia.com/bihar/sabarimala-temple-ke-stronga-ruma-se-446-grama-ka-sone-ka-mukuta-chori-jancha-men-mila-nakali-abhushana-37589 TrendKia — Har trend, sabse pehle.