सदैव अटल पर प्रोटोकॉल से ऊपर दिखा सम्मान, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेंकैया नायडू को आगे बढ़ाया पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर सदैव अटल में श्रद्धांजलि सभा के दौरान एक विशेष दृश्य देखने को मिला, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को पहले पुष्प अर्पित करने का अवसर दिया। नई दिल्ली में राजघाट स्थित समाधि स्थल सदैव अटल पर रविवार, 16 अगस्त 2026 को देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर एक विशेष भावुक और अनुकरणीय घटनाक्रम देखने को मिला। भारतीय राजनीति के महान शिखर पुरुष को नमन करने के लिए देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू सहित अनेक दिग्गज नेता एकत्र हुए थे। इस गरिमामय अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिष्टाचार और वरिष्ठता का सम्मान करते हुए निर्धारित प्रशासनिक व्यवस्था को पीछे छोड़ दिया। प्रोटोकॉल से परे दिखा बड़ों के प्रति सम्मान का भाव समाधि स्थल पर तय किए गए आधिकारिक क्रम के अनुसार सबसे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पुष्पांजलि अर्पित करनी थी। उनके बाद उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का क्रम निर्धारित था। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बारी आई, तो पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू आगे बढ़े, लेकिन जैसे ही उन्हें अहसास हुआ कि क्रम के अनुसार प्रधानमंत्री को पहले जाना चाहिए, वे रुक गए और प्रधानमंत्री मोदी को आगे आने का संकेत दिया। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी जगह वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू को प्राथमिकता दी। उन्होंने गर्मजोशी से वेंकैया नायडू को गले लगाया और उनसे पहले श्रद्धांजलि देने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री के इस आग्रह पर वेंकैया नायडू ने समाधि पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदैव अटल पर पहुंचकर अटल बिहारी वाजपेयी को भावभीनी पुष्पांजलि दी। प्रधानमंत्री के बाद पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी समाधि स्थल पर पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। सार्वजनिक जीवन में वरिष्ठों के प्रति ऐसा आदर दर्शाता है कि बड़ों का सम्मान कभी-कभी औपचारिक नियमों से भी ऊपर होता है। वेंकैया नायडू भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं और वे अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी तथा मुरली मनोहर जोशी के दौर के दिग्गज नेताओं में शामिल रहे हैं। देशभर में अटल जी को दी गई श्रद्धांजलि और दिल्ली में अटल कैंटीन का शुभारंभ रविवार को पूरे देश में अटल बिहारी वाजपेयी को अत्यधिक श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया गया। इस विशेष अवसर पर पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने राजधानी में अटल कैंटीन की औपचारिक शुरुआत की। नई दिल्ली के सदैव अटल पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता के साथ-साथ केंद्र सरकार के अनेक मंत्री और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। विभिन्न राज्यों में भी पूर्व प्रधानमंत्री की स्मृति में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां लोगों ने उनके चित्र और प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया और वीडियो संदेशों के माध्यम से देश के विकास में अटल जी के ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने रेखांकित किया कि किस तरह एक दूरदर्शी राजनेता के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत को प्रगति और स्वाभिमान के मार्ग पर अग्रसर किया। भारतीय राजनीति के अजातशत्रु और दूरदर्शी जननेता अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के एक ऐसे अजातशत्रु नेता थे, जिनकी लोकप्रियता दलीय सीमाओं से परे थी और विरोधी दल भी उनकी विद्वत्ता का सम्मान करते थे। अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल में उन्होंने देश की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को नई मजबूती दी। पोखरण में सफल परीक्षण कर भारत को परमाणु शक्ति संपन्न बनाना, देश के चारों महानगरों को जोड़ने वाली स्वर्णिम चतुर्भुज सड़क परियोजना और ग्रामीण क्षेत्रों का कायाकल्प करने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसे ऐतिहासिक कार्य उनकी दूरगामी सोच के प्रमाण हैं। संसद में दिए गए उनके ओजस्वी भाषण और विचारशील कूटनीतिक निर्णय आज भी इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हैं। कारगिल युद्ध के दौरान उनके कुशल नेतृत्व में भारतीय सेना ने विजय हासिल की और वैश्विक मंच पर देश का मान बढ़ाया। उनके द्वारा दिया गया जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान का नारा आज भी भारत की उन्नति, कृषि समृद्धि और तकनीकी विकास की मजबूत नींव बना हुआ है। इसका आप पर असर सार्वजनिक जीवन में इसके प्रभाव: • भारत में: यह घटना देश के राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में वरिष्ठ नेताओं के प्रति सम्मान और सौहार्द की स्वस्थ परंपरा को रेखांकित करती है। • नई दिल्ली में: वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर दिल्ली में 'अटल कैंटीन' का शुभारंभ किया गया, जिससे स्थानीय नागरिकों को रियायती भोजन की सुविधा उपलब्ध होगी। सवाल-जवाब 1. राजघाट स्थित 'सदैव अटल' पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम किस अवसर पर आयोजित किया गया था? यह कार्यक्रम देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर 16 अगस्त 2026 को आयोजित किया गया था। 2. श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए निर्धारित प्रशासनिक प्रोटोकॉल क्या था? प्रोटोकॉल के अनुसार सबसे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उनके बाद उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रद्धांजलि देनी थी। 3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धांजलि के दौरान क्या विशेष निर्णय लिया? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल को पीछे रखते हुए पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को गले लगाया और उन्हें अपने से पहले श्रद्धांजलि देने का अवसर दिया। 4. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद किस पूर्व राष्ट्रपति ने पुष्पांजलि अर्पित की? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के श्रद्धांजलि अर्पित करने के पश्चात पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की। 5. इस अवसर पर दिल्ली में किस नई जनकल्याणकारी योजना की शुरुआत हुई? पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने इस अवसर पर दिल्ली में 'अटल कैंटीन' का शुभारंभ किया। 6. कार्यक्रम में कौन-कौन से अन्य प्रमुख राजनीतिक व्यक्तित्व शामिल हुए? कार्यक्रम में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता तथा कई केंद्रीय मंत्री और दिग्गज नेता उपस्थित रहे। 7. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रमुख ऐतिहासिक उपलब्धियां क्या थीं? उन्होंने भारत को परमाणु शक्ति संपन्न बनाया, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की, तथा कारगिल युद्ध में देश को विजय दिलाई। प्रेरणा और सबक प्रेरणा और जीवन मूल्य: • वरिष्ठता का सम्मान: औपचारिक नियमों और प्रशासनिक पद से ऊपर उठकर बुजुर्गों व वरिष्ठों को प्राथमिकता देना भारतीय संस्कृति के मूल संस्कारों का परिचय देता है। • सर्वसमावेशी नेतृत्व: अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन सिखाता है कि वैचारिक मतभेदों के बीच भी सभी के साथ आदरपूर्वक संबंध बनाए रखे जा सकते हैं। • सुदृढ़ राष्ट्र निर्माण: बुनियादी ढांचे, सड़क कनेक्टिविटी और विज्ञान को प्राथमिकता देकर देश को आत्मनिर्भर बनाने की सोच आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक है। https://trendkia.com/bihar/sadaiv-atal-para-protokola-se-upara-dikha-sammana-purva-pradhanamntri-atal-bihari-vajpayee-ki-punyatithi-para-pradhanamntri-narend-17403 TrendKia — Har trend, sabse pehle.