सद्भावना दिवस पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को श्रद्धांजलि, नरेंद्र मोदी और शरद पवार समेत दिग्गज नेताओं ने किया याद भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर देश भर में उन्हें याद किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और शरद पवार समेत कई वरिष्ठ राजनेताओं ने उनके योगदान को नमन किया। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व ने उन्हें याद करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। 20 अगस्त को हर साल राष्ट्रीय स्तर पर सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस खास मौके पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनके व्यक्तित्व, राष्ट्र सेवा और भारत के विकास में दिए गए ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया। राजनीतिक दिग्गजों ने एक्स पर दी श्रद्धांजलि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश साझा करते हुए भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को उनकी जयंती के अवसर पर नमन किया। वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी एक्स पोस्ट के जरिए पूर्व प्रधानमंत्री को अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि समर्पित की। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए लिखा कि भारत की विकास यात्रा में पूर्व प्रधानमंत्री का बेहद अहम स्थान रहा है। इसके साथ ही केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी पोस्ट साझा कर पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी को अपनी ओर से सादर नमन किया। विपक्षी और प्रमुख क्षेत्रीय दलों के नेताओं ने भी उनके विचारों को नमन किया। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार के अध्यक्ष शरद पवार ने राजीव गांधी को दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता बताते हुए कहा कि उन्होंने नए भारत की मजबूत नींव रखने के लिए निरंतर काम किया और विकासोन्मुख सोच को आगे बढ़ाया। वहीं, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने भारत की तकनीकी प्रगति और टेलीकॉम सेक्टर में उनके प्रयासों को याद करते हुए राष्ट्र के प्रति उनकी सेवाओं की सराहना की। 40 की उम्र में संभाली देश की कमान राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को बम्बई, जिसे अब मुंबई के नाम से जाना जाता है, में हुआ था। उनकी जयंती को देश भर में सद्भावना दिवस के रूप में आयोजित किया जाता है। 31 अक्टूबर 1984 को अपनी मां इंदिरा गांधी की क्रूर हत्या के बाद पैदा हुए कठिन राजनीतिक हालात में उन्होंने कांग्रेस पार्टी की कमान संभाली और तत्पश्चात देश के प्रधानमंत्री बने। महज 40 वर्ष की आयु में देश की बागडोर संभालने वाले राजीव गांधी भारत के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री थे। इतना ही नहीं, वह विश्व स्तर पर भी सरकार का नेतृत्व करने वाले सबसे युवा नेताओं में शामिल रहे। उनका कार्यकाल वर्ष 1984 से 1989 तक रहा, जिसमें उन्होंने प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर कई दूरगामी बदलाव किए। डिजिटल और टेलीकॉम क्रांति की नींव अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने देश में तकनीकी आधुनिकीकरण, दूरसंचार नेटवर्क के विस्तार और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार को प्राथमिकता दी। उन्होंने भारत में कंप्यूटर के बढ़ते इस्तेमाल और आईटी अवसंरचना को बढ़ावा देने में निर्णायक भूमिका निभाई। यही कारण है कि आज भारत के सूचना प्रौद्योगिकी और टेलीकॉम सेक्टर में हुए अभूतपूर्व विकास का श्रेय काफी हद तक राजीव गांधी द्वारा रखी गई शुरुआती नींव को दिया जाता है। इसका आप पर असर • भारत में: यह अवसर देश में राष्ट्रीय एकता, शांति और सामाजिक सौहार्द के मूल्यों पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर प्रदान करता है। • तकनीकी दृष्टि से: यह भारत के सूचना प्रौद्योगिकी तथा टेलीकॉम अवसंरचना विकास की शुरुआती नींव और इतिहास को रेखांकित करता है। सवाल-जवाब 1. राजीव गांधी की जयंती कब मनाई जाती है और इसे किस नाम से जाना जाता है? राजीव गांधी की जयंती हर साल 20 अगस्त को मनाई जाती है और भारत में इसे सद्भावना दिवस के रूप में जाना जाता है। 2. राजीव गांधी किस उम्र में भारत के प्रधानमंत्री बने थे? वह 40 वर्ष की उम्र में भारत के प्रधानमंत्री बने थे और देश के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री थे। 3. राजीव गांधी का प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल कब से कब तक था? उन्होंने 1984 से 1989 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। 4. भारत के विकास में राजीव गांधी के मुख्य योगदान क्या माने जाते हैं? उन्होंने भारत में तकनीकी आधुनिकीकरण, कंप्यूटर के व्यापक उपयोग, टेलीकॉम क्षेत्र के विस्तार और प्रशासनिक सुधारों की मजबूत नींव रखी। 5. राजीव गांधी ने वर्ष 1984 में प्रधानमंत्री पद किस स्थिति में संभाला था? 31 अक्टूबर 1984 को अपनी मां इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष और फिर देश के प्रधानमंत्री का पद संभाला था। प्रेरणा और सबक • युवा नेतृत्व का साहस: 40 वर्ष की आयु में देश की जिम्मेदारी संभालकर कठिन समय में भी निर्णय लेने की क्षमता का परिचय दिया। • भविष्यवादी सोच: 1980 के दशक में ही टेलीकॉम और कंप्यूटर तकनीक के महत्व को पहचानकर देश के लिए उसकी नींव रखी। • राष्ट्रीय सौहार्द: मतभेदों से ऊपर उठकर सामाजिक सद्भावना और विकासोन्मुख दृष्टिकोण को सर्वोपरि माना। https://trendkia.com/bihar/sadbhavana-divasa-para-purva-pradhanamntri-rajiv-gandhi-ko-shraddhanjali-narendra-modi-aura-sharad-pawar-sameta-diggaja-netaon-ne--18842 TrendKia — Har trend, sabse pehle.