सांस लेने में तकलीफ के बाद जीतन राम मांझी दिल्ली एम्स के ICU में भर्ती केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को सांस लेने में तकलीफ और बुखार के बाद दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया, हालत बिगड़ने पर उन्हें ICU में शिफ्ट किया गया। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को रविवार शाम अचानक सांस लेने में तकलीफ और तेज़ बुखार की शिकायत के बाद दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक उन्हें शाम करीब 5 बजे इमरजेंसी विभाग में लाया गया था, लेकिन हालत में सुधार न होने पर रात करीब 9 बजे उन्हें ICU में शिफ्ट कर दिया गया। डॉक्टरों की टीम रख रही नजर अस्पताल सूत्रों के मुताबिक डॉक्टरों की एक विशेष टीम इस समय जीतन राम मांझी की सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है और उनकी जरूरी मेडिकल जांचें भी की जा रही हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि उन्हें डेंगू हो सकता है, हालांकि एम्स प्रशासन की ओर से अभी तक उनकी सेहत को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है। पिछले कुछ दिनों से बिगड़ रही है तबीयत यह पहला मौका नहीं है जब जीतन राम मांझी की सेहत को लेकर चिंता बढ़ी हो। इससे पहले 31 अगस्त को भी उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद 3 सितंबर को पटना से छुट्टी मिलने के कुछ ही समय बाद उनकी हालत फिर बिगड़ गई थी, जिसके चलते उन्हें व्हीलचेयर पर परिवार के साथ आनन-फानन में दिल्ली रवाना किया गया था। बार-बार बिगड़ती सेहत को देखते हुए अब उन्हें दोबारा एम्स में भर्ती किया गया है। आगे क्या फिलहाल जीतन राम मांझी ICU में डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनकी जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। डेंगू की आशंका को लेकर जांच जारी है, लेकिन इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। परिवार और समर्थक उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद जता रहे हैं। इसका आप पर असर केंद्रीय मंत्री की तबीयत बिगड़ने से उनके मंत्रालय के कामकाज और बिहार की राजनीति पर असर पड़ सकता है। • भारत में: एक केंद्रीय मंत्री का स्वास्थ्य बिगड़ने से उनके विभाग से जुड़े फैसले और बैठकें कुछ समय के लिए प्रभावित हो सकती हैं, जिससे संबंधित योजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। जब तक वे पूरी तरह स्वस्थ नहीं होते, उनके कामकाज की जिम्मेदारी अस्थायी रूप से किसी और अधिकारी या सहयोगी मंत्री को संभालनी पड़ सकती है। • बिहार में: जीतन राम मांझी बिहार की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा हैं, इसलिए उनकी सेहत को लेकर आ रही खबरों पर उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की करीबी नजर रहेगी। डेंगू की आशंका ने पटना और आसपास के इलाकों में मच्छर जनित बीमारियों को लेकर सतर्कता की जरूरत को भी उजागर किया है। • मरीजों के लिए सीख: बुखार और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों को हल्के में न लेकर समय रहते जांच कराना जरूरी है, खासकर तब जब डेंगू जैसी बीमारियां आसपास फैल रही हों। सवाल-जवाब 1. जीतन राम मांझी को अस्पताल में क्यों भर्ती कराया गया? सांस लेने में तकलीफ और तेज बुखार की शिकायत के बाद उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया। 2. उन्हें ICU में कब शिफ्ट किया गया? रात करीब 9 बजे हालत में सुधार न होने पर उन्हें ICU में शिफ्ट किया गया। 3. क्या उनकी बीमारी की पुष्टि हो गई है? नहीं, अस्पताल सूत्रों को डेंगू की आशंका है लेकिन एम्स ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। 4. क्या यह पहली बार है जब उनकी तबीयत बिगड़ी है? नहीं, इससे पहले 31 अगस्त को मेदांता अस्पताल में और 3 सितंबर को भी उनकी तबीयत बिगड़ी थी। 5. 3 सितंबर को उन्हें दिल्ली कैसे लाया गया था? उन्हें व्हीलचेयर पर परिवार के साथ पटना से दिल्ली ले जाया गया था। 6. फिलहाल उनकी हालत कैसी है? वे ICU में डॉक्टरों की निगरानी में हैं और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। https://trendkia.com/bihar/sansa-lene-men-takalipha-ke-bada-jitan-ram-manjhi-delhi-aiims-ke-icu-men-bharti-28655 TrendKia — Har trend, sabse pehle.