सारण में अब ग्रामीण सड़कों से नहीं गुजरेंगे भारी बालू ट्रक, DM ने दिए सख्त निर्देश सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने समीक्षा बैठक में ग्रामीण सड़कों पर अवैध बालू ढुलाई में लगे भारी व्यावसायिक वाहनों पर तुरंत रोक लगाने और हाइट बैरियर लगाने का निर्देश दिया है। बिहार के सारण जिले में ग्रामीण सड़कों को अब भारी व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही से बचाने की तैयारी शुरू हो गई है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में हुई एक समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया कि ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा बनाई गई सड़कों पर अब बड़े व्यावसायिक वाहन नहीं चल सकेंगे। यह बैठक ग्रामीण सड़कों के रखरखाव और संरक्षण को लेकर ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से पहले दिए गए निर्देश के बाद बुलाई गई थी। बैठक में सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण सड़कों पर खासतौर पर अवैध बालू परिवहन में इस्तेमाल हो रहे भारी वाहनों की आवाजाही को फौरन और असरदार तरीके से रोका जाना चाहिए। हाइट बैरियर से रुकेगी अवैध ढुलाई इस मकसद को हासिल करने के लिए जिलाधिकारी ने ग्रामीण कार्य विभाग के सारण जिले के चारों कार्य प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे स्थान चुनें, जहां हाइट बैरियर लगाए जा सकें, और इसका प्रस्ताव तैयार करें। चुने गए स्थानों का तकनीकी विश्लेषण करने के बाद यह सूची ग्रामीण कार्य विभाग को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर जरूरत के मुताबिक हाइट बैरियर लगवाए जाएंगे। जिलाधिकारी के मुताबिक इससे ग्रामीण सड़कों की सुरक्षा तो सुनिश्चित होगी ही, साथ ही इनकी उपयोगिता और उम्र भी बढ़ेगी। नई सड़कों की प्राथमिकता सूची एक हफ्ते में बैठक में जिलाधिकारी ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को यह भी निर्देश दिया कि आसान कनेक्टिविटी के लिए प्रस्तावित नई ग्रामीण सड़कों की सूची पर एक सप्ताह के भीतर प्राथमिकता तय करें। उन्होंने साफ कहा कि प्राथमिकता तय करते समय स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी फीडबैक लिया जाए, ताकि चुने गए कामों में स्थानीय जरूरतों का ध्यान रखा जा सके। इस पूरी कोशिश को अमल में लाने के लिए बैठक में सभी कार्यपालक अभियंताओं से यह भी कहा गया कि वे अपने-अपने प्रमंडल की ग्रामीण कार्य विभाग की सभी सड़कों की अद्यतन सूची उपलब्ध कराएं। इन सड़कों की जमीनी हकीकत की अलग से जांच प्रखंड स्तर के अधिकारियों के जरिए कराई जाएगी। जलजमाव वाले इलाकों की भी होगी पहचान जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि ग्रामीण सड़कों पर जहां-जहां जलजमाव होता है, उन सभी जगहों की सूची जियो-टैग्ड फोटोग्राफ के साथ तैयार कर उन्हें सौंपी जाए। उनका कहना था कि ऐसी जगहों पर प्राथमिकता के आधार पर पानी निकालने और नाला बनाने की कार्ययोजना तैयार कर जरूरी कदम उठाए जाएंगे, जिससे बारिश के दिनों में सड़कें खराब होने से बचाई जा सकें। जमीन विवाद और अटकी परियोजनाओं पर भी नजर बैठक में ग्रामीण सड़क परियोजनाओं के निर्माण के दौरान सामने आने वाली जमीन संबंधी और अन्य स्थानीय समस्याओं की भी समीक्षा हुई। जिलाधिकारी ने सभी कार्यपालक अभियंताओं से कहा कि जो भी मामले लंबित परियोजनाओं में अड़चन बन रहे हैं, उनकी पूरी सूची तैयार कर दी जाए, ताकि संबंधित अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी के जरिए इन समस्याओं का जल्द समाधान निकाला जा सके। इस बैठक में ग्रामीण कार्य विभाग के सारण जिले के चारों कार्य प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंता मौजूद रहे। इसका आप पर असर यह फैसला सीधे ग्रामीण इलाकों की सड़क सुरक्षा और स्थानीय आवाजाही से जुड़ा है। • बिहार में: इससे प्रशासनिक स्तर पर अवैध खनन और भारी वाहनों पर नियंत्रण को लेकर एक मॉडल तैयार हो सकता है, जिसे अन्य जिले भी अपना सकते हैं। • छपरा, सारण में: ग्रामीण सड़कों पर भारी बालू ट्रकों की आवाजाही रुकने से सड़कें ज्यादा दिनों तक टिकेंगी, जलजमाव और गड्ढों की समस्या कम होगी, जिससे रोजाना उस रास्ते से गुजरने वाले ग्रामीणों को फायदा मिलेगा। सवाल-जवाब 1. सारण में यह नया नियम किसने लागू किया? यह निर्देश सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने समाहरणालय सभागार में हुई समीक्षा बैठक में दिया है। 2. यह रोक किन वाहनों पर लगाई गई है? ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा बनाई गई ग्रामीण सड़कों पर भारी व्यावसायिक वाहनों, खासकर अवैध बालू परिवहन में इस्तेमाल हो रहे ट्रकों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। 3. हाइट बैरियर कहां और कैसे लगाए जाएंगे? ग्रामीण कार्य विभाग के चारों कार्य प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंता अपने-अपने इलाके में उपयुक्त जगह चुनकर प्रस्ताव तैयार करेंगे, तकनीकी विश्लेषण के बाद विभाग को सूची भेजी जाएगी और जरूरत के अनुसार बैरियर लगाए जाएंगे। 4. नई ग्रामीण सड़कों की प्राथमिकता कब तक तय होगी? जिलाधिकारी ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को एक सप्ताह के भीतर प्राथमिकता तय करने का निर्देश दिया है, इसमें जनप्रतिनिधियों से भी फीडबैक लिया जाएगा। 5. जलजमाव वाली सड़कों के लिए क्या किया जाएगा? ऐसी जगहों की सूची जियो-टैग्ड फोटोग्राफ के साथ तैयार की जाएगी और प्राथमिकता के आधार पर जल निकासी व नाला निर्माण की योजना बनाई जाएगी। 6. लंबित परियोजनाओं में आ रही अड़चनों को कैसे सुलझाया जाएगा? कार्यपालक अभियंता अड़चन बनने वाले सभी मामलों की सूची देंगे, जिसके बाद अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी के जरिए समाधान निकाला जाएगा। https://trendkia.com/bihar/sarana-men-aba-gramina-sarakon-se-nahin-gujarenge-bhari-balu-traka-dm-ne-die-sakhta-nirdesha-5007 TrendKia — Har trend, sabse pehle.