सीतामढ़ी में सरकारी कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य, वेतन पर भी बड़ा असर सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने कार्यालयों में अनुशासन लाने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य कर दिया है। अब वेतन भुगतान के लिए बायोमेट्रिक रिपोर्ट का आधार होना जरूरी है। सीतामढ़ी जिले में अब सरकारी दफ्तरों की कार्यशैली में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। जिला प्रशासन ने कर्मचारियों की लेटलतीफी और काम से नदारद रहने की आदतों पर रोक लगाने के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली को पूरी तरह अनिवार्य बना दिया है। जिलाधिकारी रिची पाण्डेय ने इस संबंध में एक सख्त निर्देश जारी किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी दफ्तरों में अनुशासन और कार्यकुशलता को बढ़ावा देना है। इस नए आदेश के बाद अब किसी भी स्तर पर कोताही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। वेतन भुगतान का नया पैमाना जिला प्रशासन द्वारा लिए गए इस निर्णय के तहत, अब सरकारी कर्मियों का मासिक वेतन सीधे उनकी बायोमेट्रिक उपस्थिति से जोड़ दिया गया है। निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को यह स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि वे वेतन विपत्र तैयार करते समय केवल बीबीएएस (बायोमेट्रिक) प्रणाली द्वारा प्राप्त उपस्थिति रिपोर्ट को ही आधार मानें। यदि कोई कर्मचारी दफ्तर आने या जाने में देरी करता है, तो उस समयावधि को उनके अवकाश खाते से काटा जाएगा। यदि कर्मचारी के पास कोई अवकाश शेष नहीं बचता है, तो बिहार सेवा नियमावली के नियमों के अनुसार उनकी सैलरी से कटौती की जाएगी। दफ्तर का समय और कार्यप्रणाली जिले भर के सभी सरकारी दफ्तरों में छह दिवसीय कार्य प्रणाली का सख्ती से पालन किया जाएगा। सामान्य दिनों के लिए दफ्तर का समय सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक रहेगा। हालांकि, नवंबर से फरवरी तक के सर्दियों के महीनों में समय में थोड़ा फेरबदल किया गया है, जिसके अनुसार कामकाज सुबह 10:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेगा। सभी कर्मचारियों के लिए दोपहर 1:30 बजे से 2:00 बजे तक आधे घंटे का लंच ब्रेक तय किया गया है। यह व्यवस्था न केवल जिला मुख्यालय तक सीमित है, बल्कि पंचायत, प्रखंड और अनुमंडल स्तर के सभी सरकारी कार्यालयों में भी प्रभावी होगी। यहाँ तक कि पंचायत कर्मियों को भी अब पंचायत सरकार भवनों में बायोमेट्रिक हाजिरी लगाना अनिवार्य होगा। निगरानी के लिए विशेष नोडल अधिकारी इस डिजिटल व्यवस्था को पूरी तरह से लागू करने के लिए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित दफ्तरों को बायोमेट्रिक मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जिन कार्यालयों में मशीनें नहीं हैं या खराब हैं, उन्हें तुरंत ठीक या स्थापित करना होगा। इस पूरी प्रक्रिया की देखरेख के लिए अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी (सदर) अमूल्य रत्न को नोडल अधिकारी बनाया गया है। नोडल अधिकारी प्रत्येक माह के अंतिम सप्ताह में सभी विभागों से बायोमेट्रिक उपस्थिति रिपोर्ट एकत्रित करेंगे। इसके बाद, कोषागार पदाधिकारी के साथ समन्वय करके केवल पात्र कर्मचारियों का ही वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इस सख्त कदम से लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच खलबली मच गई है। इसका आप पर असर भारत में: सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और अनुशासन बढ़ाने के लिए यह डिजिटल मॉडल भविष्य में अन्य जिलों के लिए भी एक मानक बन सकता है। सीतामढ़ी में: सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए समय पर पहुंचना अनिवार्य हो गया है, अन्यथा वेतन में सीधी कटौती झेलनी होगी। सवाल-जवाब 1. सीतामढ़ी में बायोमेट्रिक अटेंडेंस किसके लिए अनिवार्य है? यह जिले के सभी विभागों में कार्यरत सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अनिवार्य है। 2. बायोमेट्रिक हाजिरी न लगाने पर क्या होगा? नियमों के अनुसार वेतन विपत्र केवल बायोमेट्रिक रिपोर्ट के आधार पर तैयार होंगे, और देरी पर अवकाश काटा जाएगा या वेतन में कटौती की जाएगी। 3. सर्दियों में कार्यालय का समय क्या रहेगा? नवंबर से फरवरी के दौरान कार्यालय का समय सुबह 10:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। 4. इस व्यवस्था की निगरानी कौन करेगा? अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी (सदर) अमूल्य रत्न को इसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। https://trendkia.com/bihar/sitamarhi-men-sarakari-karmachariyon-ke-lie-bayometrika-hajiri-anivarya-vetana-para-bhi-bara-asara-6919 TrendKia — Har trend, sabse pehle.